Census 2027 India- जनगणना-2027 के लिए परिवार अनुसूची से संबंधित प्रश्नावली अधिसूचित
संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार द्वारा जनगणना-2027 के दूसरे चरण के लिए परिवार अनुसूची प्रश्नावली (Census 2027 Family Schedule Questionnaire) आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दी गई है।
जनगणना-2027 परिवार अनुसूची प्रश्नावली (Census 2027 Questionnaire):
- परिवार अनुसूची (Household Schedule): यह जनगणना (Population Census India) का वह प्राथमिक विधिक प्रपत्र है जिसके माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी एकत्रित की जाती है।
- अधिसूचना जारीकर्ता: भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs – MHA) के अंतर्गत कार्यरत भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त (Registrar General and Census Commissioner of India – RG&CCI) मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा यह विधिक प्रश्नावली अधिसूचित की गई है। )
- विधिक ढांचा (Legal Framework): यह संपूर्ण प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 (Census Act, 1948) और जनगणना नियम, 1990 के वैधानिक प्रावधानों के तहत संपन्न की जा रही है।
जनगणना-2027 का समय-सारणी रोडमैप (Timeline of India Census 2027):
यह विशाल राष्ट्रीय अभ्यास दो विशिष्ट चरणों में आयोजित किया जा रहा है:
- प्रथम चरण: मकान सूचीकरण और आवास जनगणना (Houselisting & Housing Census): यह चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच विभिन्न राज्यों द्वारा अपनी सुविधानुसार 30 दिनों के निरंतर ब्लॉक में आयोजित किया जा रहा है।
- द्वितीय चरण: जनसंख्या प्रगणन (Population Enumeration): मुख्य भूमि भारत के लिए यह देशव्यापी चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए निश्चित संदर्भ तिथि (Reference Date) 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि (12:00 AM) तय की गई है।
- बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए अपवाद: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के बर्फबारी वाले गैर-तुल्यकालिक (Non-synchronous) क्षेत्रों के लिए प्रगणन प्रक्रिया 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच ही आयोजित की जाएगी, जिसकी संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 है। इन क्षेत्रों में 17 से 31 अगस्त 2026 तक स्व-प्रगणन (Self-Enumeration) का विकल्प खुला रहेगा।
परिवार अनुसूची के अंतर्गत पूछे जाने वाले 40 प्रश्न (Census 2027 Family Questions):
अधिसूचना के अनुसार, इस बार प्रगणकों (Enumerators) को नागरिकों से 40 श्रेणियों की जानकारी (40 Categories of Information) एकत्र करने का अधिकार दिया गया है। इन्हें निम्नलिखित मुख्य उपशीर्षकों में विभाजित किया जा सकता है:
- बुनियादी जनसांख्यिकीय डेटा (Basic Demographic Data): व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि और पूर्ण आयु।
- वर्तमान वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु और जीवित पति/पत्नी का नाम।
- घोषित राष्ट्रीयता, धर्म और माता-पिता से संबंधित विवरण।
- विशिष्ट जाति प्रगणन (Caste Enumeration): प्रश्नावली के प्रश्न संख्या 10 में स्पष्ट रूप से पूछा जाएगा कि व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या किसी अन्य जाति (Other Caste) से संबंध रखता है।
- स्वतंत्रता के बाद यह पहली बार है जब सामान्य दशकीय जनगणना में अनुसूचित जाति/जनजाति के अलावा अन्य व्यापक जातियों का डेटा भी खुले प्रारूप (Open-ended format) में दर्ज किया जाएगा।
- शिक्षा, भाषा और डिजिटल साक्षरता (Education and Digital Literacy): मातृभाषा और अन्य भाषाओं का ज्ञान।
- साक्षरता स्तर के साथ-साथ इस बार विशेष रूप से डिजिटल साक्षरता की स्थिति (Digital Literacy Status) को भी मापा जाएगा।
- शैक्षणिक संस्थान में उपस्थिति की स्थिति, उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और अध्ययन की विशिष्ट विधा/स्ट्रीम।
- आर्थिक गतिविधियां, रोजगार और प्रवास: पिछले वर्ष के दौरान किए गए कार्य की प्रकृति, आर्थिक गतिविधि की श्रेणी और व्यवसाय।
- सीमांत, अर्ध-सीमांत या गैर-कामकाजी व्यक्तियों के लिए गैर-आर्थिक गतिविधियों का विवरण और रोजगार की उपलब्धता।
- कार्यस्थल तक यात्रा का माध्यम, जन्म स्थान, पिछले निवास का स्थान, प्रवास का मुख्य कारण और वर्तमान स्थान पर रहने की अवधि।
- आधुनिक डेटा और पहचान प्रमाण: प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक वितरण को सुदृढ़ करने के लिए पहली बार निम्नलिखित विवरण स्वैच्छिक/उपलब्धता के आधार पर शामिल किए गए हैं:
- कोविड-19 टीकाकरण का स्थान।
- व्यक्ति के स्वामित्व वाले बैंक खातों की कुल संख्या।
- मोबाइल नंबर, आधार नंबर, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), भारतीय पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता।
- प्रजनन क्षमता डेटा: केवल वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं के लिए: वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या, कुल जनित जीवित बच्चे और पिछले एक वर्ष के दौरान हुए जन्म का विवरण।
जनगणना-2027 का महत्व:
- सशक्त डिजिटल गवर्नेंस (Digital Governance): यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना (First Digital Census) है, जिसमें डेटा संग्रह मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से रीयल-टाइम किया जाएगा। इससे डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला वर्षों का समय घटकर महज 6-9 महीने रह जाएगा।
- नीति निर्माण में लक्षित सटीकता (Targeted Policy Formulation): आधार, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की संख्या (Total number of Bank Accounts) से जुड़े डेटा का समावेशन सरकार को अपनी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और सामाजिक कल्याण योजनाओं के रिसाव (Leakage) को रोकने में मदद करेगा।
- समावेशी नीतियां और जाति डेटा का प्रभाव: अन्य जातियों (Caste Enumeration) के प्रामाणिक जनसांख्यिकीय डेटा की उपलब्धता से सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन को सटीक रूप से परिभाषित किया जा सकेगा, जो आरक्षण नीतियों और कल्याणकारी बजटीय आवंटन को तार्किक आधार देगा।
- डिजिटल विभाजन का मापन: डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) से जुड़े आंकड़ों से सरकार को ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच मौजूद सूचना असमानता को पाटने के लिए ठोस रणनीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
- गोपनीयता और डेटा सुरक्षा (Data Privacy): जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत व्यक्तिगत डेटा को पूर्णतः गोपनीय रखने का वैधानिक प्रावधान है, जिसका उपयोग किसी भी अदालत में साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता, जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Census 2027 Family Schedule Questionnaire क्या है?
उत्तर: यह जनगणना के दूसरे चरण (जनसंख्या प्रगणन) के लिए गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 40 प्रश्नों का आधिकारिक विधिक प्रपत्र है, जिससे प्रत्येक नागरिक का व्यक्तिगत और socio-economic विवरण दर्ज किया जाएगा।
प्रश्न 2: Census 2027 के लिए Family Schedule Questionnaire क्यों अधिसूचित किया गया है?
उत्तर: प्रगणकों को विधिक रूप से अधिकृत करने और आगामी डिजिटल जनसंख्या प्रगणन (Population Enumeration) की प्रक्रिया को पारदर्शी व मानकीकृत तरीके से शुरू करने के लिए इसे अधिसूचित किया गया है।
प्रश्न 3: Census 2027 Questions में परिवार से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी पूछी जाएगी?
उत्तर: इसमें नाम, आयु, लिंग, धर्म, जाति, शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, रोजगार, प्रवास, कोविड टीकाकरण, आधार, मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी पूछी जाएगी।
प्रश्न 4: Census Household Schedule क्या होता है?
उत्तर: यह वह मुख्य विधिक प्रश्नावली (Census Household Schedule) है जिसके माध्यम से प्रगणक घर-घर जाकर एक ही छत के नीचे रहने और साझा रसोई का उपयोग करने वाले परिवार के सदस्यों का डेटा एकत्र करते हैं।
प्रश्न 5: India Census 2027 कब आयोजित किया जाएगा?
उत्तर: इसका पहला चरण (मकान सूचीकरण) वर्तमान में जारी है और मुख्य जनसंख्या प्रगणन (Phase 2) देश भर में फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा।
प्रश्न 6: Census 2027 Notification किसने जारी किया है?
उत्तर: यह विधिक अधिसूचना भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त (RG&CCI) के कार्यालय द्वारा आधिकारिक राजपत्र में जारी की गई है।
