जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित “Sungal Tunnel”- स्थिति, लागत, तकनीक और महत्व
संदर्भ:
हाल ही में सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation – BRO) द्वारा सुंगल सुरंग (Sungal Tunnel) को आम जनता के आवागमन के लिए निर्धारित समय से पहले खोल दिया गया।
सुंगल सुरंग (Sungal Tunnel) के बारे में:
- परिचय: सुंगल सुरंग एक रणनीतिक पर्वतीय सुरंग (Mountain Tunnel) है,जिसे जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग (Jammu Poonch National Highway) के उन्नयन के हिस्से के रूप में बनाया गया है।
- स्थिति: यह सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग 144A (NH-144A) पर स्थित है, जिसे ‘गोल्डन आर्क रोड’ (Golden Arc Road) भी कहा जाता है।
- इसका निर्माण अखनूर और सुंदरबनी के बीच कालीधार पर्वत श्रृंखला (Kalidhar Range) को काटकर किया गया है।
- यह मुख्य रूप से जम्मू से राजौरी, पुंछ और नौशेरा जाने वाले मार्ग पर स्थित एक प्रमुख संपर्क बिंदु है।
- निर्माण एजेंसी: इस सुरंग का निर्माण भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले सीमा सड़क संगठन (BRO) के ‘प्रोजेक्ट संपर्क’ (Project Sampark) द्वारा किया गया है।
- पृष्ठभूमि: सुरंग का सफल ‘ब्रेकथ्रू’ (Breakthrough) 14 मई 2024 को हुआ था।
- इसे पूरा करने की आधिकारिक समयसीमा 22 अगस्त 2026 तय थी, परंतु सुरक्षा और जनहित को देखते हुए इसे 15 अगस्त 2026 को ही अस्थायी रूप से खोल दिया गया।
- वित्तीय लागत: इस संपूर्ण परियोजना (Sungal Tunnel Project) के निर्माण पर लगभग ₹600 करोड़ की अनुमानित राशि खर्च हुई है।
- विशेषताएं:
- प्रारूप: यह उन्नत दो-लेन (Two-Lane) विशिष्टताओं के साथ निर्मित एक आधुनिक परिवहन सुरंग है, जिसके दोनों ओर पक्के शोल्डर (Paved Shoulders) दिए गए हैं.
- कुल लंबाई: सुंगल सुरंग की कुल लंबाई 2.79 किलोमीटर (2,790 मीटर) है।
- यातायात नियमन: वर्तमान में इसे परीक्षण के आधार पर सुबह 8:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक केवल हल्के मोटर वाहनों (LMVs) के लिए खोला गया है, जिसे जल्द ही 24×7 किया जाएगा।
- नवीन ऑस्ट्रियाई टनलिंग विधि (NATM): सुरंग की खुदाई और सुदृढ़ीकरण के लिए वैश्विक स्तर पर स्वीकृत आधुनिक ‘न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड’ (New Austrian Tunneling Method) का उपयोग किया गया है.
- आधुनिक सुरक्षा प्रणालियाँ: सुरंग के भीतर उन्नत अग्निशमन प्रणाली (Fire Safety System), आपातकालीन संचार (Emergency Communication), और वेंटिलेशन मैकेनिज्म का समावेशन किया गया है। [
- रॉक-बोल्टिंग तकनीक: कालीधार रेंज की ढीली चट्टानों और पानी के रिसाव जैसी जटिल भू-वैज्ञानिक बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष रॉक-बोल्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया है.
इसका महत्व:
- सदाबहार कनेक्टिविटी (All-Weather Connectivity): कालीधार रेंज का पुराना मार्ग सर्दियों में भूस्खलन और भारी बारिश के कारण अक्सर बंद हो जाता था. यह सुरंग राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों को हर मौसम में बिना रुके सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगी.
- दूरी और यात्रा समय में कमी (Travel Time & Distance Reduction): सुंगल सुरंग के चालू होने से पुराने कठिन घुमावदार रास्ते को बायपास कर दिया गया है, जिससे कुल मार्ग की दूरी 11 से 13 किलोमीटर कम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप यात्रियों का यात्रा समय लगभग 40 से 45 मिनट कम हो जाएगा।
- सामरिक और सैन्य महत्ता (Strategic and Military Importance): नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट होने के कारण यह मार्ग भारतीय सेना के लिए अत्यधिक संवेदनशील है। सुरंग के माध्यम से सैन्य बलों, भारी हथियारों और रसद की त्वरित आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी.
- आर्थिक और पर्यटन विकास (Economic and Tourism Development): राजौरी-पुंछ क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही, बाबा बुड्ढा अमरनाथ यात्रा जैसे धार्मिक पर्यटन के दौरान तीर्थयात्रियों को एक सुरक्षित और निर्बाध परिवहन अवसंरचना (Transport Infrastructure) का लाभ मिलेगा.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Sungal Tunnel जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कहां स्थित है?
उत्तर: यह सुरंग जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-144A) पर जम्मू और कश्मीर के अखनूर और सुंदरबनी के बीच कालीधार पर्वत श्रृंखला में स्थित है।
प्रश्न 2: Sungal Tunnel किस National Highway का हिस्सा है?
उत्तर: यह सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग 144A (NH-144A) का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसे क्षेत्र में ‘गोल्डन आर्क रोड’ भी कहा जाता है। [3, 5]
प्रश्न 3: Sungal Tunnel Project का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य दुर्गम कालीधार रेंज के खतरनाक मोड़ों को बायपास कर राजौरी और पुंछ सीमावर्ती जिलों के लिए सदाबहार और सुरक्षित संपर्क स्थापित करना है।
प्रश्न 4: Sungal Tunnel से यात्रियों का Travel Time कैसे कम होगा?
उत्तर: यह सुरंग पुराने दुर्गम पहाड़ी रास्ते को बदल देती है, जिससे कुल दूरी 13 किमी कम हो जाती है और यात्रियों का 40-45 मिनट का समय बचता है।
प्रश्न 5: NH-144A Sungal Tunnel का रणनीतिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित होने के कारण सैन्य रसद और सुरक्षा बलों की तीव्र व सुरक्षित आवाजाही के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
