Apni Pathshala

Mobile Phone Manufacturing Scheme का शुभारंभ, कुल 62,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित

Mobile Phone Manufacturing Scheme का शुभारंभ, कुल 62,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित

Mobile Phone Manufacturing Scheme

संदर्भ:

हाल ही में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 62,500 करोड़ रुपये के कुल बजट परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (Mobile Phone Manufacturing Scheme – MPMS) का आधिकारिक शुभारंभ नई दिल्ली में किया।  

मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (Mobile Phone Manufacturing Scheme – MPMS) के बारे में:

  • परिचय: यह एक केंद्रीय क्षेत्र की प्रोत्साहन योजना (Central Sector Incentive Scheme) है। इसका मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन उत्पादन (Smartphone Production) को बढ़ाना, मूल्य संवर्धन को गहरा करना तथा भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का वैश्विक केंद्र (Global Electronics Manufacturing Hub) बनाना है।
    • यह योजना पूर्ववर्ती ‘उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना’ (PLI-LSEM) का स्थान लेगी, जिसकी अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी। 
  • मंत्रिमंडल की मंजूरी: इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 15 जुलाई 2026 को मंजूरी दी गई थी। 
  • आधिकारिक अधिसूचना: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इसे 21 अगस्त 2026 को अधिसूचित और लॉन्च किया गया।
  • प्रभावी तिथि: यह योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी गई है। 
  • योजना की अवधि (Tenure): यह 5 वर्षों की अवधि के लिए होगी, जो वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। इसका पहला परफॉर्मेंस ईयर (Performance Year) FY 2026-27 है। 
  • मंत्रालय: यह योजना भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology – MeitY) द्वारा संचालित है।
  • नोडल एजेंसी: इसका क्रियान्वयन औद्योगिक संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) तथा MeitY द्वारा गठित एक विशेष परियोजना प्रबंधन एजेंसी (PMA) के माध्यम से संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
  • लक्षित वर्ग: योजना को संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
  • लक्षित वर्ग 1 (Target Segment 1 – TS1): यह वैश्विक और बड़े पैमाने के मोबाइल फोन विनिर्माण (Large Scale Mobile Manufacturing) को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
  • लक्षित वर्ग 2 (Target Segment 2 – TS2): यह विशेष रूप से घरेलू भारतीय मोबाइल फोन ब्रांडों (Indian Mobile Phone Brands) को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने और समर्थन देने के लिए समर्पित है। 
  • पात्रता मानदंड:
    • TS1 के लिए: भारत में पंजीकृत मोबाइल निर्माताओं या ईएमएस (EMS) प्रदाताओं का वित्त वर्ष 2025-26 में न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर ₹10,000 करोड़ होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, मौजूदा ब्रांडों को प्रत्येक वर्ष ₹5,000 करोड़ की अतिरिक्त बिक्री हासिल करनी होगी।
    • TS2 के लिए: इसके तहत आवेदकों का न्यूनतम टर्नओवर ₹1,000 करोड़ होना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी की 51% से अधिक हिस्सेदारी भारतीय नागरिकों के पास होनी चाहिए और उसका ब्रांड तथा आईपी (IP) अधिकार वास्तविक रूप से भारतीय स्वामित्व में होना आवश्यक है। इस वर्ग के तहत निर्माताओं को 1 वर्ष की तैयारी अवधि (Gestation Period) भी मिल सकती है।
  • प्रोत्साहन संरचना: यह योजना कंपनियों को उनके पात्र निवेश और अतिरिक्त बिक्री के आधार पर नकद प्रोत्साहन (Fiscal Incentives) प्रदान करती है: 
  • TS1 हेतु प्रोत्साहन: बड़े पैमाने के निर्माताओं को विनिर्मित फोन की शुद्ध बिक्री पर 2.25% से 5% तक अलग-अलग दरों पर आधार प्रोत्साहन (Base Incentive) दिया जाएगा।
  • TS2 हेतु प्रोत्साहन (भारतीय ब्रांड): घरेलू भारतीय ब्रांडों के लिए 5% का फ्लैट प्रोत्साहन निर्धारित है।
  • डिजाइन और अनुसंधान विकास प्रोत्साहन: भारतीय बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) विकसित करने के लिए घरेलू डिजाइन और आरएंडडी (R&D) पर 3% का अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • स्थानीय घटकों के लिए अतिरिक्त लाभ: यदि कोई कंपनी (TS1 और TS2 दोनों में) अपनी कुल उत्पादित इकाइयों के कम से कम 25% हिस्से के लिए मुख्य पुर्जों या सब-असेंबलियों की घरेलू सोर्सिंग (Domestic Sourcing) करती है, तो उसे 1.5% तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

योजना का महत्व:

  • असेंबली से वास्तविक विनिर्माण की ओर संक्रमण (Moving Beyond Assembly): भारत अब तक केवल मोबाइल पुर्जों को जोड़ने (Assembly) का कार्य बड़े पैमाने पर कर रहा था। यह योजना (MPMS) घरेलू मूल्य संवर्धन (Domestic Value Addition) को गहरा करेगी, जिससे चिप्स, डिस्प्ले और कैमरा मॉड्यूल जैसे मुख्य घटकों का निर्माण भारत में ही संभव हो सकेगा।
  • तकनीकी संप्रभुता का विकास (Technological Sovereignty): आरएंडडी (R&D) के लिए दिए जा रहे 3% के अतिरिक्त प्रोत्साहन से देश के भीतर भारतीय पेटेंट और डिजाइन का विकास होगा। इससे विदेशी तकनीकी निर्भरता कम होगी और अगले 10-14 महीनों में वैश्विक गुणवत्ता वाले विशुद्ध भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड उभर सकेंगे।
  • व्यापार घाटे में कमी और निर्यात क्रांति (Boosting Electronics Export): वर्ष 2025 में स्मार्टफोन भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बन चुका है। इस योजना के तहत 5 वर्षों में ₹39 लाख करोड़ से ₹40 लाख करोड़ का संचयी उत्पादन लक्षित है, जिससे वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chains) में भारत की हिस्सेदारी और सुदृढ़ होगी तथा आयात (Mobile Phone Imports) न्यूनतम हो जाएंगे।
  • व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन (Employment Generation): इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पहले ही दूर-दराज के ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बना है। इस नई नीति से देश में लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Jobs) और लाखों की संख्या में अप्रत्यक्ष आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे।
  • उत्पाद विविधीकरण का मार्ग प्रशस्त (Product Diversification): इस योजना की सफलता वैश्विक दिग्गजों (जैसे एप्पल) को देश के भीतर केवल आईफोन तक सीमित न रहकर मैकबुक (Mac) और आईपैड (iPad) जैसी उच्च-मूल्य श्रेणियों के उत्पादन के विस्तार के लिए प्रेरित करेगी, जिससे संपूर्ण विनिर्माण पारितंत्र मजबूत होगा। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: मोबाइल फोन विनिर्माण योजना क्या है?

उत्तर: यह इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय (MeitY) द्वारा ₹62,500 करोड़ के बजट के साथ शुरू की गई 5-वर्षीय योजना (MPMS) है, जो स्मार्टफोन विनिर्माण और घरेलू मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देती है। 

प्रश्न 2: सरकार ने Mobile Phone Manufacturing Scheme क्यों शुरू की?

उत्तर: 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई पुरानी पीएलआई (PLI) योजना की निरंतरता बनाए रखने और देश में पुर्जों की विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को गहरा करने के लिए इसे शुरू किया गया है।

प्रश्न 3: इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, वास्तविक घरेलू भारतीय स्मार्टफोन ब्रांडों का विकास करना और डिजाइन क्षेत्र में भारतीय पेटेंट स्थापित करना है। 

प्रश्न 4: योजना से भारत को क्या आर्थिक लाभ होगा?

उत्तर: इससे 5 वर्षों में लगभग ₹39 लाख करोड़ का संचयी मोबाइल उत्पादन होगा, निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि होगी और विदेशी विनिमय भंडार मजबूत होगा। 

प्रश्न 5: क्या इससे Smartphone Manufacturing को बढ़ावा मिलेगा?

उत्तर: हाँ, कंपनियों को उनकी अतिरिक्त बिक्री पर 2.25% से 5% का आधार प्रोत्साहन मिलेगा तथा स्थानीय पुर्जे उपयोग करने पर 1.5% तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। 

प्रश्न 6: इस योजना से कितने रोजगार पैदा होने की उम्मीद है?

उत्तर: इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के युवाओं और ग्रामीण कार्यबल के लिए लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रश्न 7: क्या योजना से Mobile Phone Imports कम होंगे?

उत्तर: हाँ, वर्तमान में भी भारत में प्रयुक्त 99.2% फोन ‘मेड इन इंडिया’ हैं, और यह योजना बचे हुए आयातित कंपोनेंट्स को भी स्थानीय स्तर पर प्रतिस्थापित करेगी।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top