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गंगा की सहायक ‘Varuna River’- उद्गम, नामकरण, प्रवाह मार्ग, महत्व एवं चुनौतियां

गंगा की सहायक ‘Varuna River’- उद्गम, नामकरण, प्रवाह मार्ग, महत्व एवं चुनौतियां

Varuna River

संदर्भ:

हाल ही में मानसून की भारी वर्षा के कारण वाराणसी (Varanasi) में गंगा की प्रमुख सहायक नदी वरुणा नदी (Varuna River) उफान पर है। इसके परिणामस्वरूप तटीय निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

वरुणा नदी (Varuna River) के बारे में:

  • परिचय: वरुणा नदी उत्तर प्रदेश में बहने वाली एक महत्वपूर्ण और पवित्र मैदानी नदी (Plain River) है।
    • यह राष्ट्रीय नदी गंगा की एक लघु सहायक नदी (Minor Tributary of Ganga) के रूप में जानी जाती है। 
    • पवित्र पौराणिक नगर ‘वाराणसी’ का नामकरण मुख्य रूप से दो नदियों—उत्तर में वरुणा और दक्षिण में अस्सी (Assi) के नाम पर हुआ है, जिसके मध्य यह क्षेत्र अवस्थित है।
  • उद्गम (Origin): वरुणा नदी का उद्गम स्थल प्रयागराज (Prayagraj) जिले के फूलपुर (Phulpur) प्रखण्ड के अंतर्गत स्थित मैलहन झील (Melhum/Mailahan Lake) और इनऊझ ताल की सीमा से होता है। 
  • नामकरण: इस नदी का नाम हिंदू धर्म के आकाश, जल और महासागरों के देवता भगवान वरुण (Lord Varuna) के नाम पर पड़ा है।
  • प्रवाह मार्ग (Course): अपने उद्गम स्थल से निकलने के बाद यह नदी पूर्व से दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर प्रवाहित होती है।
    • यह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य के तीन प्रमुख जिलों—प्रयागराज, जौनपुर (Jaunpur) और भदोही से होते हुए वाराणसी जिले में प्रवेश करती है। 
  • गंगा से संगम (Ganga Confluence): यह नदी लगभग 202 किलोमीटर की कुल लंबाई (Total Length) तय करने के बाद वाराणसी के सराय मोहना (Sarai Mohana) और आदिकेशव घाट के पास गंगा नदी (Ganges River) में विलीन हो जाती है।
  • प्रकार: यह एक प्रवाहहीन/कम वेगी मैदानी नदी की श्रेणी में आती है। इसका बेसिन (Varuna River Basin) भारत के सिंधु-गंगा विशाल मैदान (Indo-Gangetic Basin) का एक हिस्सा है।
    • इसकी कोई बड़ी बारहमासी सहायक नदी नहीं है, बल्कि यह छोटे स्थानीय नालों और मानसून के अपवाह (Runoff) से जल प्राप्त करती है। 
  • महत्व:
    • वरुणा नदी का उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों जैसे ऋग्वेद, अथर्ववेद (जहाँ इसे ‘वरणावती’ कहा गया है), महाभारत और वामन पुराण में मिलता है। 
    • पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस नदी की उत्पत्ति देवताओं द्वारा अस्सी नदी के साथ काशी नगर की सुरक्षा सीमा तय करने के लिए की गई थी।
    • इसके और गंगा के संगम पर स्थित आदिकेशव घाट और त्रिलोचनेश्वर मंदिर के पास ‘पादोदक तीर्थ’ स्थित है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ स्नान करने से आध्यात्मिक समृद्धि प्राप्त होती है। बौद्ध धर्म का वैश्विक केंद्र सारनाथ (Sarnath) भी वरुणा नदी के जलग्रहण क्षेत्र के समीप स्थित है।
  • समकालीन चुनौतियाँ:
    • गंभीर प्रदूषण (Varuna River Pollution): उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के अनुसार, वरुणा का जल वर्तमान में अत्यधिक प्रदूषित हो चुका है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के विज्ञानियों के शोध में इस नदी में 580 से अधिक खतरनाक प्रदूषक और ऑक्टिलफेनोल जैसे अत्यधिक विषैले रसायन पाए गए हैं, जिससे जल विषाक्त हो गया है और जलीय जीवों (मछलियों) की मौत हो रही है।
    • अनुपचारित सीवेज (Untreated Sewage): राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के अनुसार, वाराणसी और चंदौली के लगभग 43 औद्योगिक व घरेलू नाले सीधे वरुणा नदी में गिरते हैं, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह अनुपचारित (Untreated) होते हैं। इसके कारण नदी की सतह पर रासायनिक झाग (Foam) जमा हो जाता है।
    • अतिक्रमण और बाढ़ (Encroachment & Flooding): नदी के बाढ़ मैदान क्षेत्रों (Flood Plain Zones) में अवैध और अनियोजित निर्माणों के कारण इसका प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो गया है। इसके कारण मानसून के समय नदी का पानी सुगमता से नहीं निकल पाता और यह वाराणसी के रिहायशी इलाकों में बाढ़ (Floods) का कारण बनता है।
  • पुनरुद्धार योजनाएं: एनजीटी (NGT) ने इसके कायाकल्प के लिए एक स्वतंत्र निगरानी समिति का गठन किया है।
    • इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार ने नदी को साफ करने और स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए डेनमार्क सरकार (Denmark Government) के साथ ₹1,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: वरुणा नदी गंगा की सहायक नदी क्यों कहलाती है?

उत्तर: क्योंकि यह प्रयागराज से उद्गमित होकर अपनी 202 किमी की यात्रा के बाद वाराणसी में गंगा नदी में समाहित (Merge) हो जाती है। 

प्रश्न 2: वरुणा नदी का उद्गम कहां से होता है?

उत्तर: वरुणा नदी का उद्गम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फूलपुर प्रखण्ड में स्थित मैलहन झील से होता है।

प्रश्न 3: वरुणा नदी किन क्षेत्रों से होकर बहती है?

उत्तर: यह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, जौनपुर, भदोही और वाराणसी जिलों के मैदानी इलाकों से होकर प्रवाहित होती है।

प्रश्न 4: वरुणा नदी का वाराणसी से क्या संबंध है?

उत्तर: ‘वरुणा’ और ‘अस्सी’ नदियों के मध्य स्थित होने के कारण ही इस ऐतिहासिक व धार्मिक नगर का नाम ‘वाराणसी’ पड़ा है।

प्रश्न 5: वरुणा नदी गंगा में कहां मिलती है?

उत्तर: यह वाराणसी के पश्चिमी-उत्तरी छोर पर स्थित सराय मोहना (Sarai Mohana) और आदिकेशव घाट के पास गंगा में मिलती है।

प्रश्न 6: वरुणा नदी का नाम कैसे पड़ा?

उत्तर: इस नदी का नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में जल और सागर के शासी देवता भगवान वरुण (Lord Varuna) के नाम पर आधारित है।

प्रश्न 7: वरुणा नदी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व क्या है?

उत्तर: इसका वर्णन ऋग्वेद और पुराणों में है। इसके तट पर बौद्ध तीर्थ सारनाथ और पादोदक जैसे प्रसिद्ध सनातन तीर्थ स्थल स्थित हैं।

प्रश्न 8: वरुणा नदी में Pollution की समस्या क्यों है?

उत्तर: शहर के दर्जनों अनुपचारित सीवेज नालों के गिरने, औद्योगिक रसायनों के प्रवाह और प्लास्टिक कचरे के कारण यह अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी है। यात्रा की दूरी को 13,000 किलोमीटर तक कम करती है।

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