V-Dem चुनावी लोकतंत्र सूचकांक में भारत 106वें स्थान पर, जानिए क्या है V-Dem Democracy Index?

संदर्भ:
हाल ही में ‘लोकतंत्र रिपोर्ट 2026’ (Democracy Report 2026) जारी की गई है. इस रिपोर्ट के V-Dem Democracy Index के चुनावी लोकतंत्र सूचकांक (Electoral Democracy Index – EDI) में भारत को वैश्विक स्तर पर 106वें स्थान पर रखा गया है.
वी-डेम डेमोक्रेसी इंडेक्स क्या है?
- परिचय: वी-डेम (V-Dem) का पूरा नाम ‘वैरायटीज ऑफ डेमोक्रेसी’ (Varieties of Democracy) है. यह लोकतंत्र की गुणवत्ता को मापने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे विस्तृत सामाजिक विज्ञान डेटासेट (Social Science Dataset) प्रदान करता है. इसमें लोकतंत्र को केवल चुनावों तक सीमित न मानकर उसके बहुआयामी और व्यावहारिक रूपों का आकलन किया जाता है.
- संस्था: यह सूचकांक स्वीडन के गोटेसबर्ग विश्वविद्यालय (University of Gothenburg) में स्थित वी-डेम संस्थान (V-Dem Institute) द्वारा स्वतंत्र रूप से जारी किया जाता है.
- शुरुआत: इस परियोजना की नींव वर्ष 2014 में रखी गई थी, और इसकी पहली वार्षिक लोकतंत्र रिपोर्ट (Democracy Report) वर्ष 2017 में प्रकाशित की गई थी.
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के देशों में समकालीन संदर्भों में लोकतंत्र की वास्तविक स्थिति का डेटा-आधारित (Data-driven) मूल्यांकन करना है.
- मापदंड: वी-डेम लोकतंत्र को पाँच मुख्य सिद्धांतों (Five Core Principles) के आधार पर मापता है:
- चुनावी लोकतंत्र सूचकांक (Electoral Democracy Index): क्या चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और नियमित हैं?
- उदारवादी लोकतंत्र सूचकांक (Liberal Democracy Index): कानून का शासन (Rule of Law) और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की क्या स्थिति है?
- प्रतिभागी लोकतंत्र सूचकांक (Participatory Democracy Index): नागरिक समाज और स्थानीय निकायों की निर्णय लेने में क्या भूमिका है?
- विमर्शकारी लोकतंत्र सूचकांक (Deliberative Democracy Index): क्या राजनीतिक निर्णय व्यापक जनहित और तार्किक बहस पर आधारित हैं?
- समतावादी लोकतंत्र सूचकांक (Egalitarian Democracy Index): क्या समाज के सभी वर्गों को राजनीतिक और सामाजिक अधिकार समान रूप से प्राप्त हैं?
- विशेषज्ञ सर्वेक्षण: यह सूचकांक किसी सरकारी डेटा पर निर्भर नहीं होता. इसमें दुनिया भर के 4,000 से अधिक देश-विशेषज्ञों (Country Experts) और शिक्षाविदों से गुप्त सर्वेक्षण (Surveys) के माध्यम से इनपुट लिया जाता है.
- सांख्यिकीय मॉडल: इन इनपुट को एक उन्नत सांख्यिकीय मॉडल (Bayesian Item Response Theory Model) के माध्यम से विश्लेषित किया जाता है, जिससे पूर्वाग्रह (Bias) को दूर करके अंतिम स्कोरिंग (0 से 1 के बीच) तय की जाती है.
लोकतंत्र रिपोर्ट 2026: भारत के संदर्भ में प्रमुख बिंदु (Democracy Report 2026: Key Findings for India)
- सूचकांक में रैंकिंग (Global Ranking): भारत चुनावी लोकतंत्र सूचकांक (EDI) में 179 देशों में 106वें स्थान पर है. वहीं उदारवादी लोकतंत्र सूचकांक (LDI) में भारत की स्थिति और भी नीचे फिसलकर 112वें स्थान पर पहुँच गई है.
- वर्गीकरण (Classification): रिपोर्ट में भारत को एक ‘पूर्ण लोकतंत्र’ (Full Democracy) के बजाय ‘चुनावी निरंकुशता’ (Electoral Autocracy) श्रेणी में बरकरार रखा गया है. रिपोर्ट के अनुसार भारत में चुनाव तो नियमित होते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कमजोर हुई है.
- गिरावट का ऐतिहासिक क्रम: रिपोर्ट रेखांकित करती है कि भारत के स्कोर में लगातार गिरावट वर्ष 2009 के बाद से देखी जा रही है, जो पिछले एक दशक में अधिक तीव्र हुई है.
- अभिव्यक्ति और मीडिया की स्वतंत्रता: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेंसरशिप, पत्रकारों पर कानूनी कार्रवाई और असहमति की आवाजों को दबाने के कारण भारत में मीडिया की स्वतंत्रता (Media Freedom) और नागरिक स्थान (Civil Space) में संकुचन हुआ है.
- संस्थागत स्वायत्तता पर प्रभाव: वी-डेम के अनुसार, न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक निकायों की निर्णय लेने की स्वायत्तता (Autonomy) पर कार्यकारी दबाव बढ़ा है.
भारत सरकार द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन हेतु प्रयास:
- डिजिटल मतदाता पंजीकरण: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पारदर्शी और समावेशी मतदान सुनिश्चित करने के लिए ‘नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल’ (NVSP) और वोटर हेल्पलाइन ऐप लॉन्च किया है.
- VVPAT का पूर्ण उपयोग: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के साथ वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) का अनिवार्य उपयोग किया जा रहा है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और जनता का भरोसा सर्वोच्च बना रहे.
- जमीनी स्तर पर लोकतंत्र: सरकार ने जम्मू-कश्मीर सहित देश के सभी दूरदराज के क्षेत्रों में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (Panchayati Raj System) को मजबूत कर वित्तीय शक्तियों का हस्तांतरण सीधे ग्राम पंचायतों को किया है.
- माईगॉव (MyGov) पोर्टल: नीति निर्माण (Policy Making) में नागरिकों की सीधी भागीदारी और विमर्श को बढ़ावा देने के लिए एक क्राउडसोर्सिंग प्लेटफॉर्म स्थापित किया गया है.
- सूचना का अधिकार (RTI): प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित करने के लिए आरटीआई प्रणाली को ऑनलाइन और अधिक सुलभ बनाया गया है.
- डेटा सुरक्षा और गोपनीयता: नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act) लागू किया गया है, जो डिजिटल युग में निजता के अधिकार की गारंटी देता है.
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम: संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन किया जा रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व के एक नए युग की शुरुआत है.
- कल्याणकारी योजनाओं का लोकतंत्रीकरण: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और जैम (JAM) ट्रिनिटी के माध्यम से बिना किसी भेदभाव के 100% लाभार्थियों तक हक पहुँचाकर सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र (Socio-economic Democracy) को चरितार्थ किया गया है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: V-Dem डेमोक्रेसी इंडेक्स क्या है?
उत्तर: यह स्वीडन स्थित वी-डेम संस्थान द्वारा जारी एक वैश्विक सूचकांक है, जो विभिन्न देशों में चुनावी, उदारवादी और समतावादी मापदंडों पर लोकतंत्र की गुणवत्ता को मापता है.
प्रश्न 2: V-Dem लोकतंत्र रिपोर्ट 2026 में भारत की रैंकिंग क्या है?
उत्तर: लोकतंत्र रिपोर्ट 2026 के चुनावी लोकतंत्र सूचकांक (EDI) में भारत 179 देशों की सूची में 106वें स्थान पर है.
प्रश्न 3: वी-डेम रिपोर्ट में भारत को किस श्रेणी में रखा गया है?
उत्तर: वी-डेम संस्थान ने अपने नवीनतम राजनीतिक वर्गीकरण में भारत को ‘चुनावी निरंकुशता’ (Electoral Autocracy) की श्रेणी में वर्गीकृत किया है.
प्रश्न 4: इस सूचकांक को तैयार करने का मुख्य आधार क्या होता है?
उत्तर: इसे दुनिया भर के 4,000 से अधिक देश-विशेषज्ञों के इनपुट, डिजिटल डेटा और उन्नत सांख्यिकीय मॉडलों के आधार पर तैयार किया जाता है.
प्रश्न 5: वैश्विक सूचकांकों की आलोचना पर भारत सरकार का क्या रुख है?
उत्तर: भारत सरकार इन पश्चिमी सूचकांकों की कार्यप्रणाली को त्रुटिपूर्ण, व्यक्तिपरक (Subjective) और भारत की विशाल व विविधतापूर्ण जमीनी लोकतांत्रिक वास्तविकताओं से परे मानती है.