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डार्कलिंग बीटल की नई प्रजाति Steneucyrtus wayanadensis, जानिए इस प्रजाति की विशेषताएं

डार्कलिंग बीटल की नई प्रजाति Steneucyrtus wayanadensis, जानिए इस प्रजाति की विशेषताएं

Steneucyrtus wayanadensis

संदर्भ:

हाल ही में शोधकर्ताओं ने केरल (Kerala) के वायनाड वन्यजीव अभ्यारण्य (Wayanad Wildlife Sanctuary) में डार्कलिंग बीटल की एक बिल्कुल नई प्रजाति स्टेन्यूसीर्टस वायनाडेंसिस (Steneucyrtus wayanadensis) की खोज की।

स्टेन्यूसीर्टस वायनाडेंसिस के बारे में:

  • खोज स्थल: इस नई प्रजाति Steneucyrtus wayanadensis के नमूनों को मुख्य रूप से वायनाड वन्यजीव अभ्यारण्य के चेथालायम वन क्षेत्र (Chethalayam Forest Area) से एकत्र किया गया था।
  • नामकरण: शोधकर्ताओं ने इसका नाम इसके मूल खोज स्थान (Type Locality) के आधार पर वायनाडेंसिस रखा।
  • वंश (Genus): यह भृंग (Beetle) मुख्य रूप से स्टेन्यूसीर्टस (Steneucyrtus) वंश से संबंधित है।
  • परिवार (Family): यह कीट वैज्ञानिक वर्गीकरण के तहत टेनेब्रियोनिडे (Tenebrionidae) परिवार का सदस्य है, जिन्हें सामान्य रूप से डार्कलिंग बीटल (Darkling Beetle) कहा जाता है। 
  • विशेषताएं:
    • शारीरिक रंग और चमक: इस भृंग का शरीर चमकीला काला (Blackish Body) होता है, जिस पर एक समान सुनहरी-हरी धात्विक चमक (Golden-greenish Metallic Iridescence) दिखाई देती है।
    • अग्र पंखों की अनूठी संरचना (Elytra): इसके सामने के कठोर पंख, जिन्हें विज्ञान की भाषा में एलीट्रा (Elytra) कहा जाता है, पूरी तरह से सपाट और कठोर होते हैं। 
    • विशिष्ट छिद्र और धारी चिह्न: इसके एलीट्रा पर उथले छिद्र चिह्न (Shallower Puncture Marks) होते हैं। इसके साथ ही कंधे के क्षेत्र (Humeral Region) में स्थित पाँचवीं धारी (Fifth Striae) के आधार पर एक विशिष्ट शारीरिक छाप या गड्ढा होता है।

निकटतम संबंधियों से तुलनात्मक अंतर:

यह नई प्रजाति (Steneucyrtus wayanadensis New Species) अपने उपमहाद्वीप के दो अन्य निकटतम ज्ञात रिश्तेदारों से स्पष्ट रूप से भिन्न है:

शारीरिक विशेषता (Physical Attribute)स्टेन्यूसीर्टस वायनाडेंसिस (S. wayanadensis)स्टेन्यूसीर्टस पेक्सिकोलिस (S. pexicollis – भारत)स्टेन्यूसीर्टस श्रीलंकाई (S. srilankae – श्रीलंका)
शरीर की चमक और रंगसमान सुनहरी-हरी धात्विक चमकभूरा धात्विक शरीर (नीले, हरे, बैंगनी रंग की असमान छटा)विशिष्ट पीतल जैसी धात्विक चमक (Brassy Sheen)
पंखों की बनावट (Elytra)पूरी तरह सपाट, चिकने और कठोर अग्र पंखखुरदुरे और झुर्रीदार बनावट वाले अग्र पंखढलान पर थोड़े उत्तल (Convex) पंखुड़ी वाले अंतराल

विशेष नोट: भारत में स्टेन्यूसीर्टस पेक्सिकोलिस (S. pexicollis) की पुनर्खोज (Rediscovery) हुई है। वर्ष 1896 में पहली बार खोजे जाने के बाद से पिछले 130 वर्षों में भारत में इस प्रजाति का कोई जीवित दस्तावेजीकरण नहीं हुआ था।‌

  • पहचान की वैज्ञानिक विधि: शोधकर्ताओं ने इस मायावी निशाचर (Nocturnal) कीट को पकड़ने के लिए रात के समय घने जंगलों में लाइट ट्रैप (Light Traps) यानी प्रकाश जाल की आधुनिक तकनीक का उपयोग किया था।
    • इसके जननांग अंगों (Aedeagus) का पोटेशियम हाइड्रोक्साइड (KOH) विलेय में विच्छेदन और सूक्ष्मदर्शीय अध्ययन किया गया, जिससे नई प्रजाति भारत (New Beetle Species India) के रूप में इसकी पुष्टि हुई। 

वायनाड वन्यजीव अभयारण्य:

  • परिचय: यह केरल के वायनाड जिले में पश्चिमी घाट की दक्षिणी तलहटी में स्थित, केरल का दूसरा सबसे बड़ा वन्य अभयारण्य है।
  • स्थिति: यह नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके उत्तर-पूर्व में कर्नाटक के नागरहोल और बांदीपुर तथा दक्षिण-पूर्व में तमिलनाडु का मुदुमलाई अभयारण्य स्थित है।
  • स्थापना: इस अभयारण्य की स्थापना वर्ष 1973 में की गई थी।
  • क्षेत्रफल: यह लगभग 344.44 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • अन्य नाम: इसे मुथंगा वन्यजीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है।
  • वनस्पति: यहाँ नम पर्णपाती, शुष्क पर्णपाती और अर्ध-सदाबहार वनों का मिश्रण पाया जाता है। यहाँ सागौन, रोजवुड और यूकेलिप्टस के पेड़ मुख्य रूप से मिलते हैं।
  • नदियाँ: काबिनी, चीरपूजा और बावली नदियाँ इस क्षेत्र से होकर बहती हैं।
  • प्रमुख स्तनधारी: यहाँ एशियाई हाथी, बाघ, तेंदुए, गौर (भारतीय बाइसन), सांभर हिरण और जंगली सूअर पाए जाते हैं।
  • पक्षी: पर्यटकों को यहाँ लगभग 216 प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Steneucyrtus wayanadensis क्या है?

उत्तर: यह वैज्ञानिक रूप से खोजी गई डार्कलिंग बीटल (Darkling Beetle) यानी भृंग की एक बिल्कुल नई चमकीली सुनहरी-हरी कीट प्रजाति है। 

प्रश्न 2: Steneucyrtus wayanadensis New Species की खोज कहां हुई?

उत्तर: इस विशिष्ट भृंग प्रजाति की खोज केरल के वायनाड वन्यजीव अभ्यारण्य के अंतर्गत चेथालायम वन क्षेत्र में एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण के दौरान हुई है।

प्रश्न 3: नई Darkling Beetle Species की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

उत्तर: इसका शरीर काला और सुनहरी-हरी धात्विक चमक से युक्त होता है, तथा इसके कठोर सामने के पंख (Elytra) बिना किसी खुरदरेपन के पूरी तरह सपाट होते हैं।

प्रश्न 4: New Beetle Species India की पहचान कैसे की गई?

उत्तर: शोधकर्ताओं ने रात में लाइट ट्रैप के जरिए नमूने एकत्र किए और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) के अंतर्गत रूपात्मक और जननांग विश्लेषण विधियों से इसकी विशिष्टता की पुष्टि की।

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