Apni Pathshala

लेखक Sarat Chandra Chattopadhyay की 150वीं जयंती, 20वीं सदी के सबसे लोकप्रिय लेखकों में है शुमार

लेखक Sarat Chandra Chattopadhyay की 150वीं जयंती, 20वीं सदी के सबसे लोकप्रिय लेखकों में है शुमार

Sarat Chandra Chattopadhyay 150th Birth Anniversary

संदर्भ:

हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर 2026 को प्रसिद्ध बंगाली लेखक और महान कथाकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती (Sarat Chandra Chattopadhyay 150th Birth Anniversary) के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का परिचय:

  • जन्म: शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म 15 सितंबर 1876 को ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रेसिडेंसी में स्थित हुगली जिले के देवानंदपुर गांव में हुआ था।
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनका बचपन अत्यधिक आर्थिक तंगी और गरीबी में बीता।
    • उनके पिता मोतीलाल चट्टोपाध्याय स्वभाव से एक घुमंतू और कल्पनाशील व्यक्ति थे, जो कहानियां और कविताएं तो लिखते थे, लेकिन कोई स्थायी नौकरी नहीं कर सके। पिता के इस लेखन गुण को शरतचंद्र ने विरासत के रूप में अपनाया।
  • शिक्षा: गरीबी के कारण उनकी औपचारिक शिक्षा बीच में ही छूट गई। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल भागलपुर (बिहार) में प्राप्त की, जिसने उनके उपन्यासों के लिए एक बड़ा भौगोलिक और सामाजिक आधार तैयार किया।
  • साहित्यिक परिपक्वता: वर्ष 1903 में आजीविका की तलाश में शरतचंद्र बर्मा (वर्तमान म्यांमार) की राजधानी रंगून चले गए। वहां उन्होंने बर्मा रेलवे के लेखा विभाग में एक क्लर्क के रूप में काम किया।
    • रंगून प्रवास के दौरान ही उनके साहित्यिक जीवन में वास्तविक परिपक्वता आई। 
    • वहां रहते हुए उन्होंने प्रवासी भारतीयों के संघर्षों और सामाजिक विद्रूपताओं को बहुत करीब से देखा, जिसने उनके उपन्यासों की पृष्ठभूमि को आकार दिया।
  • साहित्यिक योगदान: शरतचंद्र चट्टोपाध्याय को ‘कथा शिल्पी’ के नाम से जाना जाता है। बंगाली साहित्य (Bengali Literature) को आम जनमानस की भाषा और संवेदना से जोड़ने का श्रेय उन्हें ही जाता है।
    • नारी चेतना के अग्रदूत: शरतचंद्र भारतीय साहित्य के उन शुरुआती लेखकों में से एक थे जिन्होंने तत्कालीन रूढ़िवादी हिंदू समाज में महिलाओं के उत्पीड़न, उनकी मानसिक वेदना और उनकी आंतरिक शक्ति को मुख्यधारा के साहित्य का केंद्र बिंदु बनाया।
    • चरित्र चित्रण: उनके उपन्यासों की महिला पात्र (जैसे—पारो, चंद्रमुखी, राजलक्ष्मी, और भारती) समाज के बंधनों को चुनौती देती हैं और पुरुषों की तुलना में अधिक दृढ़, संवेदनशील और आत्म-त्यागी दिखाई देती हैं।
  • प्रमुख कृतियाँ: शरतचंद्र की पुस्तकों (Sarat Chandra Books) ने न केवल बंगाली बल्कि संपूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप के पाठकों को प्रभावित किया:
  • देवदास (Devdas, 1917): प्रेम, विरह, और आत्म-विनाश की यह कालजयी गाथा भारतीय सिनेमा की सबसे पसंदीदा कहानियों में से एक रही है। इस पर कई भाषाओं में फिल्में बनीं।
  • चरित्रहीन (Charitraheen, 1917): इस उपन्यास ने तत्कालीन समाज के नैतिक पाखंड और दोहरे मानदंडों पर गहरा प्रहार किया, जिसके कारण शुरुआत में इसे अत्यधिक विवादों का सामना करना पड़ा।
  • श्रीकांत (Srikanta): चार भागों में विभाजित यह उपन्यास उनके जीवन के आत्मकथात्मक अंशों को समेटे हुए है, जिसे बंगाली कथा-साहित्य का शिखर माना जाता है।
  • परिणीता (Parineeta, 1914): वर्ग भेद और बाल्यकाल के प्रेम पर आधारित एक अत्यंत संवेदनशील और लोकप्रिय सामाजिक कृति।
  • पाथेर दाबी (Pather Dabi, 1926): एक क्रांतिकारी उपन्यास जो ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ सशस्त्र स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि पर लिखा गया था। ब्रिटिश सरकार ने इसकी तीखी राजनीतिक सामग्री के कारण इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।

स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका और सामाजिक चेतना:

  • राजनीतिक सक्रियता: शरतचंद्र केवल एक एकांतवासी लेखक नहीं थे, बल्कि वे देश की राजनीतिक गतिविधियों से भी गहराई से जुड़े हुए थे। वे हावड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे।
  • देशभक्ति और साहित्य: वे देशबंधु चित्तरंजन दास और सुभाष चंद्र बोस के विचारों से अत्यधिक प्रभावित थे। उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से भारतीय युवाओं में राष्ट्रवाद और औपनिवेशिक दासता के विरुद्ध चेतना का संचार किया।
  • जातिवाद पर प्रहार: उन्होंने समाज में व्याप्त अस्पृश्यता, कठोर जातिवादी पदानुक्रम और धार्मिक कट्टरता पर करारा प्रहार किया। उनका उपन्यास ‘पल्ली समाज’ ग्रामीण बंगाल के सामंती ढाँचे की वास्तविकताओं को उजागर करता है।
  • अभूतपूर्व लोकप्रियता: रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के बाद शरतचंद्र ही ऐसे लेखक हुए जिन्होंने साहित्य को कुलीन वर्ग के कमरों से निकालकर आम गरीब, अनाथ, वेश्याओं और समाज के हाशिए पर पड़े लोगों की झोपड़ी तक पहुँचाया।
  • सिनेमाई अनुकूलन: भारतीय फिल्म उद्योग (विशेषकर बॉलीवुड और बंगाली सिनेमा) शरतचंद्र की कहानियों का हमेशा ऋणी रहा है। ‘देवदास’, ‘परिणीता’, ‘बड़ी दीदी’, और ‘मझली दीदी’ जैसी कृतियों पर बनी फिल्मों ने भारतीय सिनेमा को एक नया कलात्मक आयाम दिया।
  • 16 जनवरी 1938 को इस महान कथाकार का कोलकाता में निधन हो गया, लेकिन उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Sarat Chandra Chattopadhyay 150th Birth Anniversary कब मनाई जा रही है?

उत्तर: महान कथाशिल्पी शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं पावन जयंती 15 सितंबर 2026 को देश भर में पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।

प्रश्न 2: Sarat Chandra Chattopadhyay कौन थे?

उत्तर: वे 20वीं सदी के भारत के सबसे लोकप्रिय बंगाली लेखक (Bengali Writer), उपन्यासकार और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने समाज के यथार्थ को शब्दों में पिरोया।

प्रश्न 3: Sarat Chandra Literature में उनका क्या योगदान है?

उत्तर: उन्होंने बंगाली साहित्य (Bengali Literature) को कुलीन वर्ग से मुक्त कर आम बोलचाल की भाषा, मानवीय संवेदनाओं, और सामाजिक कुरीतियों के यथार्थवादी चित्रण से समृद्ध किया।

प्रश्न 4: Sarat Chandra Novels में उनकी प्रमुख रचनाएं कौन-सी हैं?

उत्तर: उनकी सर्वश्रेष्ठ रचनाओं (Sarat Chandra Famous Works) में देवदास, चरित्रहीन, श्रीकांत, परिणीता और ब्रिटिश काल में प्रतिबंधित क्रांतिकारी उपन्यास पाथेर दाबी मुख्य रूप से शामिल हैं।

प्रश्न 5: Bengali Literature में Sarat Chandra को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

उत्तर: वे नारी चेतना के अग्रदूत थे। उन्होंने तत्कालीन रूढ़िवादी हिंदू समाज में महिलाओं के दमन, उनके अधिकारों और आंतरिक आत्मबल को सशक्त रूप से मुखरित किया।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top