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National Engineers Day: शुरुआत, इतिहास एवं महत्व

National Engineers Day: शुरुआत, इतिहास एवं महत्व

National Engineers Day

संदर्भ:

इस वर्ष 15 सितंबर 2026 को भारत भर में 59वां राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे (National Engineers Day) उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। 

वर्ष 2026 की थीम (Engineers Day 2026 Theme):

  • वर्ष 2026 के लिए आधिकारिक राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे की थीम (Engineers Day Latest News) है: “नवाचार और डिजिटलीकरण के माध्यम से एक सतत भविष्य के लिए स्मार्ट इंजीनियरिंग” (Smart engineering for a sustainable future through innovation and digitalization.)।

राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे के बारे में:

  • परिचय: राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे भारत में इंजीनियरिंग समुदाय के अमूल्य योगदान, तकनीकी नवाचार (Engineering Innovation) और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मानित करने के लिए समर्पित एक आधिकारिक दिवस है।
    • इसका उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temperament), नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमता को बढ़ावा देना है।
  • शुरुआत (Engineers Day Beginning): भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर वर्ष 1968 में 15 सितंबर को ‘राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे’ के रूप में घोषित किया था। तब से यह प्रतिवर्ष एक निश्चित तिथि को मनाया जाता है।
    • यह विशेष दिवस भारत के महानतम सिविल इंजीनियर और दूरदर्शी राजनेता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (Sir M Visvesvaraya) की जयंती के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रसार: भारत के अलावा, श्रीलंका और तंजानिया भी सर एम. विश्वेश्वरैया के तकनीकी प्रभाव और इंजीनियरिंग योगदान के सम्मान में 15 सितंबर को ही इंजीनियर्स डे मनाते हैं।
    • ध्यान रहे कि यूनेस्को (UNESCO) द्वारा वैश्विक स्तर पर ‘विश्व इंजीनियर्स डे’ प्रतिवर्ष 4 मार्च को मनाया जाता है, जो भारत के राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे से भिन्न है। 
  • सर एम. विश्वेश्वरैया: सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जीवन आधुनिक भारतीय इंजीनियरिंग और सार्वजनिक सेवा (Public Service) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है: 
  • प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के मुद्देनाहल्ली गाँव में हुआ था। उन्होंने पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। 
  • मैसूर के दीवान: उन्होंने 1912 से 1918 तक मैसूर साम्राज्य के 19वें दीवान (मुख्य मंत्री) के रूप में कार्य किया। उन्हें ‘आधुनिक मैसूर का निर्माता’ (Maker of Modern Mysore) भी कहा जाता है।
  • सर्वोच्च सम्मान: राष्ट्र निर्माण में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1955 में ‘भारत रत्न’ (Bharat Ratna) से सम्मानित किया। ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें ‘नाइट कमांडर’ (KCIE) की उपाधि भी दी गई थी। 
  • योगदान:
    • स्वचालित स्लूइस गेट डिजाइन (Automatic Sluice Gates): उन्होंने 1903 में पुणे के खड़कवासला जलाशय में पेटेंटेड स्वचालित बाढ़ द्वारों का डिजाइन और निर्माण किया, जिसने बिना जलाशय को नुकसान पहुँचाए जल भंडारण क्षमता को बढ़ाया।
    • कृष्ण राज सागर बांध (KRS Dam): मैसूर में कावेरी नदी पर कृष्ण राज सागर बांध का निर्माण उनके मार्गदर्शन में हुआ, जो उस समय एशिया का सबसे बड़ा जलाशय था और जिसने कृषि क्षेत्र में क्रांति ला दी।
    • बाढ़ सुरक्षा प्रणालियाँ: 1908 में हैदराबाद में मूसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद, उन्होंने शहर के लिए एक आधुनिक जल निकासी और बाढ़-सुरक्षा प्रणाली (Osman Sagar और Himayat Sagar जलाशय) का खाका तैयार किया।
  • साहित्यिक रचनाएँ: उन्होंने आर्थिक योजना और अवसंरचना पर कई ऐतिहासिक पुस्तकें लिखीं, जिनमें ‘Planned Economy of India’ और ‘Reconstructing India’ प्रमुख हैं। 

इस दिवस का महत्व:

  • अवसंरचनात्मक और औद्योगिक विकास: भारत वर्तमान में ‘टेक डेकड’ (Techade) और डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है। यह दिवस मेक इन इंडिया (Make in India), आत्मनिर्भर भारत और स्मार्ट सिटीज मिशन जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने में अभियंताओं की भूमिका को रेखांकित करता है।
  • सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति: जल प्रबंधन, अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy), ग्रीन हाइड्रोजन और जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे के निर्माण में इंजीनियरों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा: सर एम. विश्वेश्वरैया की कार्यप्रणाली “कार्य ही पूजा है” (Work is Worship) और उनकी प्रशासनिक ईमानदारी भावी इंजीनियरिंग छात्रों (Engineering Education India) के लिए नैतिक और व्यावसायिक मार्गदर्शक का कार्य करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: National Engineers Day 2026 कब मनाया जा रहा है?

उत्तर: भारत में राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे (Engineers Day 2026) 15 सितंबर 2026, मंगलवार को पूरे देश में पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। 

प्रश्न 2: Engineers Day India 15 September को क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: भारत के महानतम सिविल इंजीनियर, दूरदर्शी नीति निर्माता और भारत रत्न से सम्मानित सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती को चिह्नित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

प्रश्न 3: National Engineers Day History क्या है?

उत्तर: सर एम. विश्वेश्वरैया के औद्योगिक और सामाजिक योगदान को याद रखने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1968 में 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे घोषित किया था। 

प्रश्न 4: M Visvesvaraya का Engineers Day से क्या संबंध है?

उत्तर: उनका जन्मदिवस ही इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कृष्ण राज सागर बांध, खड़कवासला गेट्स और हैदराबाद बाढ़ नियंत्रण जैसे आधुनिक ढांचे तैयार किए थे।

प्रश्न 5: Engineers Day Beginning भारत में कब हुई?

उत्तर: इसकी आधिकारिक शुरुआत वर्ष 1968 में हुई थी और वर्ष 2026 में भारत अपना 59वां राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे मना रहा है।

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