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India-Mercosur Trade Agreement: पृष्ठभूमि, प्रावधान एवं महत्व

India-Mercosur Trade Agreement: पृष्ठभूमि, प्रावधान एवं महत्व

India-Mercosur Trade Agreement

संदर्भ:

हाल ही में भारत और मर्कोसुर (India and MERCOSUR) ने India-Mercosur Trade Agreement हेतु अपने मौजूदा तरजीही व्यापार समझौते के पहले अतिरिक्त प्रोटोकॉल (First Additional Protocol) पर हस्ताक्षर किए।  

भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौता: पृष्ठभूमि एवं विकासक्रम

  • मर्कोसुर (MERCOSUR): मर्कोसुर दक्षिण अमेरिका का एक प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक व्यापारिक ब्लॉक (South American Trade Bloc) है। इसकी स्थापना वर्ष 1991 में एसuncion की संधि के माध्यम से हुई थी।
    • इसमें वर्तमान में अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे, उरुग्वे और बोलीविया पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हैं।
    • यह ब्लॉक सामूहिक रूप से दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में से एक (Mercosur Market) का प्रतिनिधित्व करता है। 
  • तरजीही व्यापार समझौता (India-MERCOSUR PTA): 
    • हस्ताक्षर: भारत और मर्कोसुर के बीच मूल तरजीही व्यापार समझौते (PTA) पर 25 जनवरी 2004 को हस्ताक्षर किए गए थे।
    • प्रभावी तिथि: यह ऐतिहासिक आर्थिक समझौता 1 जून 2009 से पूर्ण रूप से प्रभावी और लागू हुआ।
    • प्रारंभिक दायरा: इस समझौते के तहत भारत ने 450 और मर्कोसुर देशों ने 452 टैरिफ लाइनों (Tariff Lines) पर पारस्परिक तरजीही शुल्क रियायतें प्रदान की थीं।

प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल 2026: प्रमुख प्रावधान

  • इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्र:
    • विधिक मान्यता: यह प्रोटोकॉल तरजीही व्यापार समझौते के अनुलग्नक III (Annex III) के अनुच्छेद 16 में संशोधन करता है। इसके तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्र (e-CoO) को भौतिक (कागज) प्रमाणपत्रों के समान ही विधिक वैधता और मूल्य दिया गया है। [6, 7]
    • डिजिटल हस्ताक्षर: इन प्रमाणपत्रों को संबंधित देशों के घरेलू कानूनों के अनुसार अधिकृत संस्थाओं और अधिकारियों द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित किया जाना अनिवार्य होगा।
  • सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण:
    • कागज रहित व्यापार: यह संशोधन दोनों क्षेत्रों के सीमा शुल्क विभागों के बीच डिजिटल एकीकरण को सक्षम बनाता है, जिससे कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता समाप्त होती है।
    • लागत और समय में कमी: डिजिटल हस्तांतरण के माध्यम से सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया त्वरित होगी, जिससे वैश्विक निर्यातकों की लेनदेन लागत (Transaction Costs) और लॉजिस्टिक्स समय में भारी कमी आएगी। 
  • समझौते के व्यापक विस्तार की घोषणा: इसके साथ ही, भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन (मर्कोसुर की वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्षता के रूप में) ने मौजूदा पीटीए के दायरे को बढ़ाने के लिए औपचारिक वार्ता शुरू करने की घोषणा की है। दोनों पक्ष इसके लिए संदर्भ की शर्तों (Terms of Reference – ToR) को अंतिम रूप दे रहे हैं।

भारत और लैटिन अमेरिका व्यापार के लिए इसका महत्व:

  • भारत-दक्षिण अमेरिका व्यापार को प्रोत्साहन (Boosting India South America Trade): लैटिन अमेरिका ऐतिहासिक रूप से भारतीय निर्यातकों के लिए एक कम दोहन वाला क्षेत्र रहा है। व्यापार सुगमता (Trade Facilitation) के इन उपायों से द्विपक्षीय व्यापार, जो 2025 में लगभग $20.84 बिलियन तक पहुंच गया था, को गति मिलेगी。
  • भारत-ब्राजील आर्थिक संबंधों की मजबूती (Strengthening India Brazil Trade Relations): ब्राजील इस ब्लॉक की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत और ब्राजील ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को $30 बिलियन तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें यह नया डिजिटल ढांचा उत्प्रेरक का कार्य करेगा।
  • भारत के लिए नए निर्यात अवसर (India Export Opportunities): इस समझौते के विस्तार से भारतीय इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, रसायन और ऑटोमोबाइल पार्ट्स को दक्षिण अमेरिकी बाजारों में प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलेगी।
  • रणनीतिक खनिज और ऊर्जा सुरक्षा: मर्कोसुर क्षेत्र लिथियम, ग्रेफाइट और तांबे जैसे क्रिटिकल खनिजों (Critical Minerals) तथा कच्चे तेल का समृद्ध स्रोत है। यह समझौता भारत की भविष्य की हरित ऊर्जा और विनिर्माण आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) सुनिश्चित करने में मदद करता है।
  • सप्लाई चेन विविधीकरण: वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यापारिक तनावों के बीच, यह समझौता भारत को अपने निर्यात बाजारों का विविधीकरण (Diversification) करने और पश्चिमी या एशियाई देशों पर निर्भरता कम करने का रणनीतिक विकल्प प्रदान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: India Mercosur Trade Agreement क्या है?

उत्तर: यह भारत और दक्षिण अमेरिकी व्यापारिक ब्लॉक (MERCOSUR) के बीच आर्थिक संबंधों और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हस्ताक्षरित एक तरजीही व्यापार समझौता (PTA) है।

प्रश्न 2: India Mercosur PTA की शुरुआत कब हुई?

उत्तर: इस समझौते पर 25 जनवरी 2004 को हस्ताक्षर किए गए थे और यह आधिकारिक तौर पर 1 जून 2009 से प्रभावी रूप से लागू हुआ। 

प्रश्न 3: Mercosur Trade Agreement में किन countries की भूमिका है?

उत्तर: इसमें दक्षिण अमेरिकी देशों की भूमिका है, जिसमें मुख्य रूप से अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे, उरुग्वे और बोलीविया शामिल हैं।

प्रश्न 4: India Mercosur Trade Deal में कौन-कौन से provisions हैं?

उत्तर: इसमें पारस्परिक टैरिफ रियायतें शामिल हैं। सितंबर 2026 के नए प्रावधानों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों के माध्यम से कागज रहित व्यापार को शामिल किया गया है।

प्रश्न 5: India को Mercosur Market से क्या लाभ मिल सकता है?

उत्तर: भारत को फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और रसायनों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा तथा ऊर्जा सुरक्षा हेतु क्रिटिकल खनिजों (जैसे लिथियम) तक आसान पहुंच प्राप्त होगी। 

प्रश्न 6: India Brazil Trade Relations के लिए यह agreement क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं और कागजी कार्रवाई को कम करके द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $30 बिलियन पहुंचाने के राष्ट्रीय लक्ष्य का समर्थन करता है।

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