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East-West Oil Pipeline: लंबाई, मार्ग, क्षमता, इतिहास एवं महत्व

East-West Oil Pipeline: लंबाई, मार्ग, क्षमता, इतिहास एवं महत्व

East-West Oil Pipeline

संदर्भ:

हाल ही में सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने इराक संचालित ईरान समर्थित मिलिशिया और यमन के हूती बलों (Houthi Forces) द्वारा पंपिंग स्टेशनों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद एहतियात के तौर पर ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन (East-West Oil Pipeline) को अस्थाई रूप से बंद कर दिया। 

  • सितंबर 2026 की यह घटना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और तेल बाजारों के लिए एक बड़ा संकट बनकर उभरी है।

ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन के बारे में:

  • परिचय: ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन, जिसे आधिकारिक तौर पर पेट्रोलाइन (Petroline) भी कहा जाता है, सऊदी अरब के स्वामित्व वाली एक महत्वपूर्ण भूमिगत कच्चे तेल की पारगमन प्रणाली है।
    • यह पाइपलाइन सऊदी अरब को अपने पूर्वी तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल को फारस की खाड़ी के अशांत जलमार्गों के बजाय सीधे लाल सागर (Red Sea) तट तक पहुंचाने की सुविधा देती है।
  • निर्माण: पेट्रोलाइन का निर्माण 1981 में किया गया था।
  • उद्देश्य: इसका निर्माण 1980 के दशक के ‘टैंकर युद्ध’ (Tanker War) के दौरान फारस की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों से बचने और एक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए किया गया था।
  • लंबाई (Length): इस विशाल सऊदी तेल पाइपलाइन (Saudi Oil Pipeline) की कुल लंबाई लगभग 1,200 किलोमीटर (745 मील) है।
  • मार्ग (Route): यह अरब प्रायद्वीप (Arabian Peninsula) के आर-पार फैली हुई है। यह सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित मुख्य तेल प्रसंस्करण केंद्र अबकैक (Abqaiq) से शुरू होकर रियाद और मदीना क्षेत्रों से गुजरते हुए पश्चिमी तट पर स्थित यानबू पोर्ट (Yanbu Port) पर समाप्त होती है।
  • अधिकतम क्षमता: इस पाइपलाइन की अधिकतम डिजाइन क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन (7 Million bpd) कच्चे तेल के परिवहन की है।
  • आपूर्ति: अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी व्यवधानों के कारण हाल के महीनों में सऊदी अरब इस पाइपलाइन के माध्यम से 40 लाख से 50 लाख बैरल प्रतिदिन का परिवहन कर रहा था, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 4% से 5% हिस्सा है। 
  • भू-राजनीतिक संकट: 
    • मदीना और रियाद क्षेत्रों के पास स्थित महत्वपूर्ण पंपिंग स्टेशनों को निशाना बनाकर समन्वित ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमले किए गए, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान (Infrastructure Damage) पहुँचा।
    • सऊदी अरब वर्तमान में अपनी तेल निर्यात रणनीति (Oil Export Strategy) के दोनों सिरों पर अभूतपूर्व दबाव का सामना कर रहा है। पूर्व में फारस की खाड़ी का मार्ग होर्मुज संकट से अवरुद्ध है, और पश्चिम में लाल सागर मार्ग (Red Sea Oil Route) तथा बाबल मंडेब जलडमरूमध्य पर हूतियों ने नियंत्रण और नाकेबंदी बढ़ा दी है।
  • प्रभाव:
    • पाइपलाइन के बंद होने और यानबू पोर्ट पर तेल लोडिंग निलंबित (Yanbu Oil Exports) होने के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तत्काल हड़कंप मच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 3.4% से अधिक बढ़कर $108 से $109 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है। अमेरिका में डीजल की खुदरा कीमतें $6 प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गईं।
  • भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 80-85% आयात करता है, जिसमें सऊदी अरब एक शीर्ष आपूर्तिकर्ता है। इस रणनीतिक मार्ग के बाधित होने से भारत के लिए कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति पर संकट मंडराने लगा है।
  • यदि यह शटडाउन हफ्तों तक जारी रहता है, तो भारत का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) बढ़ेगा और देश में पेट्रोल, डीजल तथा जेट ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण घरेलू मुद्रास्फीति (Inflation) पर भारी दबाव पड़ेगा।
    • यह संकट भारत को अपने सामरिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves – SPR) को मजबूत करने और पश्चिम एशिया से परे रूस, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे अन्य क्षेत्रों से ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण (Diversification) में तेजी लाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: East West Oil Pipeline क्या है?

उत्तर: यह सऊदी अरब की 1,200 किमी लंबी एक रणनीतिक तेल पाइपलाइन (Petroline) है, जो कच्चे तेल को फारस की खाड़ी से लाल सागर तक पहुँचाती है। 

प्रश्न 2: Saudi East West Pipeline की लंबाई कितनी है?

उत्तर: इस भूमिगत मुख्य तेल निर्यात पाइपलाइन (Saudi Oil Export Pipeline) की कुल लंबाई अरब प्रायद्वीप के पार लगभग 1,200 किलोमीटर (745 मील) है।

प्रश्न 3: East West Oil Pipeline Saudi Arabia किन क्षेत्रों को जोड़ती है?

उत्तर: यह सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित अबकैक तेल क्षेत्रों को सीधे लाल सागर तट पर स्थित यानबू बंदरगाह से जोड़ती है।

प्रश्न 4: East West Pipeline Capacity कितनी है?

उत्तर: इसकी अधिकतम परिवहन क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन (7 Million bpd) है, हालांकि हालिया संकट के दौरान इसमें 40-50 लाख bpd का प्रवाह हो रहा था। 

प्रश्न 5: Saudi Oil Pipeline का Saudi Arabia के oil exports में क्या महत्व है?

उत्तर: यह सऊदी अरब को फारस की खाड़ी के तनावग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य को बाईपास कर वैश्विक बाजारों तक तेल निर्यात (Saudi Oil Exports) सुरक्षित रखने का एकमात्र वैकल्पिक मार्ग है।

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