संयुक्त राष्ट्र Convention on Biological Diversity (COP17): कॉप-17 में भाग लेने पर्यावरण मंत्री पहुंचे आर्मेनिया
संदर्भ:
हाल ही में भारत के केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (Convention on Biological Diversity) के कॉप-17 (COP17) उच्च-स्तरीय खंड में भाग लेने के लिए आर्मेनिया की राजधानी येरेवन पहुंचे।
संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (COP17) के बारे में:
- सम्मेलन की तिथियां: जैव विविधता सम्मेलन (Convention on Biological Diversity – CBD) का यह 17वां सत्र 19 से 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
- मेजबान देश: इस शिखर सम्मेलन का आयोजन आर्मेनिया की राजधानी येरेवन (Yerevan) में किया जा रहा है।
- आर्मेनिया का काकेशस क्षेत्र अपनी समृद्ध और स्थानिक (Endemic) जैव विविधता के लिए जाना जाता है।
- प्रतीक चिन्ह (Logo): कॉप-17 के आधिकारिक लोगो में ‘येरेवन ब्लू बटरफ्लाई’ (Yerevan Blue Butterfly) को दर्शाया गया है, जो केवल आर्मेनिया में पाई जाने वाली एक स्थानिक प्रजाति है।
- सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य (UN Biodiversity Conference Objectives):
- प्रथम वैश्विक समीक्षा: वर्ष 2022 में अपनाए गए ऐतिहासिक कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे (Kunming Montreal Global Biodiversity Framework – KMGBF) के कार्यान्वयन की यह पहली सामूहिक वैश्विक समीक्षा है।
- कार्यान्वयन में तेजी: वर्ष 2030 तक प्रकृति के नुकसान को रोकने और उसे उलटने (Halt and Reverse Biodiversity Loss) के लक्ष्यों को गति देना।
- सहवर्ती बैठकें: कॉप-17 के साथ ही बायोसेफ्टी पर ‘कार्टाजेना प्रोटोकॉल’ (CP-MOP-12) और आनुवंशिक संसाधनों तक पहुंच पर ‘नागोया प्रोटोकॉल’ (NP-MOP-6) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
- वैश्विक जैव विविधता ढांचा और प्रमुख लक्ष्य (KMGBF & Global Biodiversity Protection): कुनमिंग-मॉन्ट्रियल फ्रेमवर्क (KMGBF) के तहत 23 वैश्विक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं:
- 30×30 लक्ष्य: वर्ष 2030 तक दुनिया की कम से कम 30% भूमि, अंतर्देशीय जल और महासागरों का प्रभावी संरक्षण और बहाली (Restoration) करना।
- सब्सिडी सुधार: जैव विविधता को नुकसान पहुँचाने वाली $500 बिलियन की वार्षिक कृषि और जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त या पुनर्गठित करना।
- वित्तीय संसाधन: प्रकृति संरक्षण के लिए प्रति वर्ष $200 बिलियन जुटाना और विकसित देशों से विकासशील देशों को वित्तीय सहायता बढ़ाना।
- भारत का रुख और राष्ट्रीय जैव विविधता कार्य योजना (India’s Stance and Action Plan): पर्यावरण मंत्रालय भारत (Environment Ministry India) की ओर से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उच्च-स्तरीय सत्र में ‘भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य’ (National Statement) प्रस्तुत किया और देश के निम्नलिखित दृष्टिकोणों को रेखांकित किया:
- राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संरेखण: भारत ने जोर दिया कि वैश्विक जैव विविधता ढांचे (Global Biodiversity Framework) का कार्यान्वयन प्रत्येक देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, स्थानीय परिस्थितियों और घरेलू कानूनों के अनुरूप होना चाहिए।
- सिंथेटिक बायोलॉजी और बायोसेफ्टी: भारत ने सिंथेटिक बायोलॉजी (Synthetic Biology) और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के लिए एक विज्ञान-आधारित, जोखिम-आनुपातिक और एहतियाती दृष्टिकोण (Precautionary Approach) अपनाने की वकालत की।
- भारत की राष्ट्रीय पहलें: भारत ने अपने जैव विविधता कार्य योजना भारत (Biodiversity Action Plan India) के तहत वैश्विक मंच पर कई सफल कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया, जिनमें शामिल हैं:
- मिशन लाइफ (Mission LiFE): पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ जीवन शैली को बढ़ावा देना।
- इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA): बाघ, शेर और तेंदुए जैसी बड़ी बिल्ली प्रजातियों का वैश्विक संरक्षण।
- ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली।
- अमृत धरोहर और मिष्टी (MISHTI): क्रमशः आर्द्रभूमि (Wetlands) और मैंग्रोव वनों का संरक्षण।
कॉप-17 की प्रमुख चुनौतियाँ (Key Challenges at COP17):
- गंभीर वित्त संकट: जैव विविधता के लिए प्रति वर्ष आवश्यक $200 बिलियन के मुकाबले वर्तमान में भारी कमी देखी जा रही है। विकसित देशों द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रकृति सहायता में कटौती चिंता का विषय है।
- धीमी प्रगति: प्रारंभिक वैश्विक समीक्षा से पता चलता है कि दुनिया के अधिकांश देश 2030 के लिए तय किए गए 23 लक्ष्यों को प्राप्त करने की दौड़ में काफी पीछे (Off Track) चल रहे हैं।
- निजी वित्त की कमी: वैश्विक स्तर पर बनाए गए जैव विविधता कोष (जैसे कैली फंड) में निजी क्षेत्र से मिलने वाला योगदान अभी भी अत्यंत कम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन COP17 का आयोजन कहां किया जा रहा है?
उत्तर: यह महत्वपूर्ण सम्मेलन 19 से 30 अक्टूबर 2026 तक आर्मेनिया की राजधानी येरेवन (Yerevan) में आयोजित किया जा रहा है।
प्रश्न 2: COP17 में भारत का प्रतिनिधित्व कौन कर रहा है?
उत्तर: भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) कर रहे हैं।
प्रश्न 3: COP17 सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे (KMGBF) के 23 लक्ष्यों के कार्यान्वयन की पहली आधिकारिक वैश्विक समीक्षा करना है।
प्रश्न 4: जैव विविधता सम्मेलन में कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे का क्या महत्व है?
उत्तर: यह ढांचा वर्ष 2030 तक प्रकृति के नुकसान को रोकने के लिए 30×30 संरक्षण लक्ष्य सहित 23 अंतरराष्ट्रीय मील के पत्थर तय करता है।
प्रश्न 5: COP17 से जैव विविधता संरक्षण के लिए क्या प्रमुख निर्णय लिए जाने की उम्मीद है?
उत्तर: इस सम्मेलन (Biodiversity Conservation 2026) से वैश्विक संरक्षण वित्तपोषण बढ़ाने, सब्सिडी सुधारों में तेजी लाने और राष्ट्रीय कार्य योजनाओं की निगरानी को कड़ा करने की उम्मीद है।
