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World Day for Audiovisual Heritage: शुरुआत, उद्देश्य, कारण एवं महत्व

World Day for Audiovisual Heritage: शुरुआत, उद्देश्य, कारण एवं महत्व

World Day for Audiovisual Heritage

संदर्भ:

27 अक्टूबर 2026 को संपूर्ण विश्व में विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस (World Day for Audiovisual Heritage) मनाया जा रहा है। 

विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस के बारे में:

  • परिचय: World Day for Audiovisual Heritage, UNESCO द्वारा घोषित एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है, जो हर साल 27 अक्टूबर को मनाया जाता है। 
  • प्रमुख उद्देश्य:
  • जागरूकता बढ़ाना (Audiovisual Preservation Awareness): सरकारों और आम जनता को यह समझाना कि ध्वनि रिकॉर्डिंग और चलती छवियां बेहद संवेदनशील माध्यम हैं, जो उचित रख-रखाव के अभाव में हमेशा के लिए नष्ट हो सकती हैं।
  • पहुंच सुनिश्चित करना: वैश्विक दृश्य-श्रव्य अभिलेखागारों (Audiovisual Archives Preservation) तक शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और आम नागरिकों की लोकतांत्रिक और सुलभ पहुंच सुनिश्चित करना।
  • संस्थागत क्षमता का विकास: विकासशील देशों में अभिलेखागारों के आधुनिकीकरण के लिए विनियामक और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  • कानूनी ढांचा: सदस्य देशों को अपनी राष्ट्रीय नीतियों में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण (Cultural Heritage Preservation) के लिए कड़े कानून बनाने के लिए प्रेरित करना।
  • शुरुआत: इस दिवस की ऐतिहासिक शुरुआत वर्ष 2005 में यूनेस्को (UNESCO) के 33वें सामान्य सम्मेलन (General Conference) के दौरान की गई थी
    • वर्ष 1980 में इसी तिथि (27 अक्टूबर) को यूनेस्को के 21वें सामान्य सम्मेलन में “चलती छवियों के संरक्षण और रख-रखाव के लिए सिफारिश” (Recommendation for the Safeguarding and Preservation of Moving Images) को अपनाया गया था। 
    • इस ऐतिहासिक विधिक दस्तावेज की याद में इस तिथि को चुना गया।
  • साझेदारी: यूनेस्को (UNESCO) इस दिवस का आयोजन को-ऑर्डिनेटिंग काउंसिल ऑफ ऑडियोविजुअल आर्काइव्स एसोसिएशंस (CCAAA) के सहयोग से करता है।
  • मुख्य थीम (Audiovisual Heritage Day Theme 2026): विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस 2026 के लिए आधिकारिक थीम “आपकी खिड़की दुनिया के लिए: सांस्कृतिक स्मृतियों का संरक्षण”(Your Window to the World: Preserving Cultural Memories) निर्धारित की गई है।
    • यह थीम रेखांकित करती है कि कैसे दृश्य-श्रव्य दस्तावेज समय और स्थान की सीमाओं को पार कर हमें हमारे इतिहास, संस्कृतियों और सामूहिक स्मृतियों से सीधे जोड़ते हैं।

दृश्य-श्रव्य विरासत के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ:

  • भौतिक क्षरण (Physical Decay): पुरानी सेल्यूलॉयड फिल्में, चुंबकीय टेप (Magnetic Tapes) और ऑडियो कैसेट रासायनिक रूप से अस्थिर होते हैं। नमी और तापमान के उतार-चढ़ाव से ये ‘विनेगर सिंड्रोम’ जैसी समस्याओं के कारण नष्ट हो रहे हैं।
  • तकनीकी अप्रचलन (Technological Obsolescence): पुराने प्लेबैक उपकरण (जैसे वीएचएस प्लेयर या स्पूल मशीनें) अब बनने बंद हो चुके हैं। यदि इन माध्यमों का समय पर डिजिटल संरक्षण (Digital Preservation of Heritage) नहीं किया गया, तो इन्हें दोबारा कभी नहीं सुना या देखा जा सकेगा।

दृश्य-श्रव्य विरासत के संरक्षण का महत्व:

  • ऐतिहासिक साक्ष्य: लिखित दस्तावेजों में मानवीय पूर्वाग्रह या संपादन हो सकता है, लेकिन किसी ऐतिहासिक घटना की मूल वॉयस रिकॉर्डिंग या वास्तविक वीडियो फुटेज इतिहास का सबसे प्रामाणिक और निष्पक्ष दस्तावेज (Objective Historical Evidence) होता है।
  • भाषाई और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: कई जनजातीय भाषाएं और लोक कलाएं लिपिबद्ध नहीं हैं। वे केवल मौखिक परंपराओं में जीवित हैं। ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग के माध्यम से इन लुप्तप्राय भाषाओं (Endangered Languages) को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
  • सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक कूटनीति: भारत का सिनेमा (जैसे दादा साहब फाल्के युग की मूक फिल्में) और आकाशवाणी (All India Radio) के अभिलेख देश की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर के प्रतीक हैं। इनका संरक्षण वैश्विक पटल पर भारत की पहचान को मजबूत करता है।
  • स्मृति न्यास का हिस्सा: यूनेस्को के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ (Memory of the World Register) कार्यक्रम के तहत इन अनमोल दस्तावेजों को विश्व विरासत सूची के समान दर्जा दिया जाता है, जिससे इनका संरक्षण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी बन जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस कब मनाया जाता है?

उत्तर: वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक स्मृतियों और ऐतिहासिक रिकॉर्ड के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह दिवस हर साल 27 अक्टूबर को मनाया जाता है 

प्रश्न 2: विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस की शुरुआत कब और किसने की थी?

उत्तर: इस अंतरराष्ट्रीय दिवस (World Audiovisual Heritage Day History) की शुरुआत वर्ष 2005 में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा अपने 33वें सामान्य सम्मेलन के दौरान पारित प्रस्ताव के माध्यम से की गई थी।

प्रश्न 3: विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य ध्वनि रिकॉर्डिंग और चलती छवियों (Moving Images) के ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इनके संरक्षण की चुनौतियों से निपटना है।

प्रश्न 4: दृश्य-श्रव्य विरासत के संरक्षण का क्या महत्व है?

उत्तर: यह विरासत 20वीं और 21वीं सदी के इतिहास का प्रामाणिक रिकॉर्ड (Historical Record Preservation) है, जो भाषाओं, सांस्कृतिक विविधताओं और अमूर्त विरासतों को आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवित रखती है।

प्रश्न 5: विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस 2026 की थीम क्या है?

उत्तर: वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम “आपकी खिड़की दुनिया के लिए: सांस्कृतिक स्मृतियों का संरक्षण” (Your Window to the World: Preserving Cultural Memories) है।

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