अमरावती क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी | Amravati Quantum Reference Facility

संदर्भ:
हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ‘अमरावती क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी’ (Amaravati Quantum Reference Facility – AQRF) का उद्घाटन किया। जो आंध्र प्रदेश को ‘क्वांटम इकोनॉमी’ के केंद्र के रूप में विकसित करने संबंधी लक्ष्यों के अनुरूप है।
अमरावती क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी (AQRF) के बारे में:
- परिचय: अमरावती क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी (AQRF) भारत की पहली ओपन-एक्सेस क्वांटम हार्डवेयर परीक्षण और प्रमाणन लैब है, जो ‘अमरावती क्वांटम वैली’ परियोजना का हिस्सा है।
- स्थान: यह परियोजना दो विशिष्ट केंद्रों में विभाजित है, जिन्हें ‘अमरावती क्वांटम वैली’ पहल के तहत विकसित किया गया है:
- अमरावती 1S: यह SRM यूनिवर्सिटी-AP, नीरकोंडा में स्थित है।
- अमरावती 1Q: यह गन्नवरम के मेधा टावर्स में स्थित है।
- लक्ष्य: भारत को क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में एक उपभोक्ता से निर्यातक बनाने का लक्ष्य है। विदेशी कंपनियों (जैसे गूगल या IBM के बंद सिस्टम) पर निर्भरता कम कर स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना।
- राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 45 लाख लोगों को AI और क्वांटम तकनीक में प्रशिक्षित करना है।
- भागीदारी: इस सुविधा को एक राष्ट्रीय कंसोर्टियम द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें शामिल हैं: टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), IIT बॉम्बे और IIT मद्रास
- निजी भागीदार: Qubitekk और Qbit Force जैसी स्टार्टअप्स ने तकनीक के विकास में मुख्य भूमिका निभाई है।
- तकनीकी विशेषताएं: AQRF का मुख्य उद्देश्य क्वांटम हार्डवेयर का परीक्षण और प्रमाणन करना है:
- हार्डवेयर टेस्ट-बेड: यह सुविधा क्वांटम घटकों (जैसे प्रोसेसर, वायरिंग सिस्टम और एम्पलीफायरों) के सत्यापन और बेंचमार्किंग के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करती है।
- क्रायोजेनिक तापमान: ये प्रणालियां -273°C (क्रायोजेनिक तापमान) के करीब काम करती हैं, जो क्वांटम बिट्स (qubits) को सक्रिय करने के लिए आवश्यक है।
- स्वदेशी तकनीक: इस प्रणाली के लगभग 85% घटक भारत में ही निर्मित और असेंबल किए गए हैं, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- अनुप्रयोग: क्वांटम कंप्यूटिंग की यह सुविधा निम्नलिखित क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी:
- औषधि खोज (Drug Discovery): नई दवाओं और टीकों के विकास में तेजी।
- साइबर सुरक्षा: क्वांटम की-डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) के माध्यम से हैक-प्रूफ संचार।
- जलवायु मॉडलिंग: सटीक मौसम पूर्वानुमान।
- लॉजिस्टिक्स और रक्षा: जटिल डेटा प्रोसेसिंग और सुरक्षित सैन्य संचार।