पुष्पीय पौधे की नई प्रजाति “Begonia Nilamorum” की खोज
संदर्भ:
हाल ही में वनस्पति विज्ञानियों ने भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में पुष्पीय पौधे की नई प्रजाति बेगोनिया नीलमोरम (Begonia Nilamorum) की खोज की।
बेगोनिया नीलमोरम (Begonia Nilamorum) के बारे में:
- खोज स्थल: यह नई पुष्पीय प्रजाति (New Flowering Plant) अरुणाचल प्रदेश के नवनिर्मित केयी पान्योर (Keyi Panyor) जिले की एक सुदूर नदी घाटी में खोजी गई।
- यह पौधा विशेष रूप से केयी नदी (Keyi River) के किनारे स्थित अत्यंत खड़ी, नम और छायादार चट्टानी दीवारों पर उगता हुआ पाया गया।
- शोधकर्ता: इस प्रजाति को प्रख्यात वनस्पति विज्ञानियों (जैसे डॉ. दीपू दीपांकर बोराह) की टीम द्वारा एक कठिन वैज्ञानिक अभियान के दौरान खोजा गया था।
- नामकरण: इस पौधे का वैज्ञानिक नाम न्याशी जनजाति (Nyishi Tribe) के ‘नीलम गोत्र’ (Neelam Clan) के सम्मान में रखा गया है। इस समुदाय के सदस्यों ने घने जंगलों के बीच बेहद खतरनाक रास्ते पार करने में शोधकर्ताओं की मदद की थी।
- स्थानीय नाम: शोधकर्ताओं ने इसका पारंपरिक न्याशी नाम ‘कोबीरहोपु बाबरा’ (Kobiirhopu Baabra) भी दर्ज किया।
- वर्गीकरण: कुल (Family): यह बेगोनियासी (Begoniaceae) कुल से संबंधित है।
- यह बेगोनिया (Begonia) वंश के अंतर्गत आता है, जो दुनिया के सबसे बड़े एंजियोस्पर्म (फूल वाले पौधे) वंशों में से एक है।
- सेक्शन (Section): इसे बेगोनिया के ‘मोनोफिलाॅन’ (Monophyllon) खंड में वर्गीकृत किया गया है।
- इस खोज के बाद भारत के उत्तर-पूर्व में दर्ज बेगोनिया प्रजातियों की कुल संख्या बढ़कर 54 हो गई है।
- विशेषताएं: यह प्रजाति समुद्र तल से लगभग 1,000 मीटर की मध्यम ऊंचाई वाले पर्वतीय पारिस्थितिक तंत्र (Montane Ecosystem) में पाई जाती है।
- यह एक छोटा, बारहमासी शाकीय (Perennial Herbaceous) पौधा है, जिसकी कुल ऊंचाई मात्र 10 से 20 सेंटीमीटर होती है।
- इसमें मुख्य रूप से एकल, हल्का हरा और अंडाकार पत्ता (Single Ovate Leaf) होता है, जिसके किनारे विशिष्ट रूप से दांतेदार (Double-serrate Margins) होते हैं।
- इस पौधे में छोटे, आकर्षक सफेद फूल खिलते हैं। इसका पुष्पक्रम एक द्विशाखी कूटछत्रक (Dichasial Cyme) संरचना का निर्माण करता है।
- पौधे की सतह, विशेषकर तने और पत्तियों पर बारीक चिपचिपे बाल (Gandular-hispid hairs) पाए जाते हैं, जो इसे नम वातावरण में कीटों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- जमीन के अंदर इसमें एक गोलाकार कंद (Globose Tuber) होता है, जो प्रतिकूल मौसम में भोजन का संचय करता है।
- संरक्षण स्थिति:
- आईयूसीएन स्थिति (IUCN Status): पर्याप्त जनसंख्या डेटा और वितरण क्षेत्र की सटीक जानकारी न होने के कारण शोधकर्ताओं ने प्रारंभिक तौर पर इसे ‘डेटा डेफिसिएंट’ (Data Deficient – DD) यानी ‘आंकड़ों की कमी’ श्रेणी में वर्गीकृत किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Begonia nilamorum क्या है?
उत्तर: यह बेगोनियासी कुल (Begoniaceae Family) से संबंधित बारहमासी फूल वाले पौधे की एक नई खोजी गई दुर्लभ प्रजाति (New Flowering Plant) है।
प्रश्न 2: Begonia nilamorum की खोज कहां हुई?
उत्तर: इस पादप प्रजाति की खोज भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में केयी नदी के किनारे की गई है।
प्रश्न 3: Begonia nilamorum को नई प्रजाति क्यों माना गया?
उत्तर: अपनी एकल दांतेदार पत्ती, ग्रंथि-युक्त रोयेंदार सतह (Glandular-hispid Indumentum) और विशिष्ट पुष्प व्यवस्था के कारण यह किसी भी पूर्व-वर्णित प्रजाति से मेल नहीं खाती।
प्रश्न 4: इस नई पुष्पीय प्रजाति की विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: यह 10-20 सेमी लंबा पौधा है, जिसमें एक एकल हल्का हरा पत्ता, सफेद फूल और भूमिगत गोलाकार कंद पाया जाता है।
प्रश्न 5: Begonia nilamorum का वैज्ञानिक नाम क्या है?
उत्तर: इसका आधिकारिक वैज्ञानिक नाम Begonia neelamorum D.Borah & M.Khanal है, जो स्थानीय न्याशी जनजाति के नीलम गोत्र को समर्पित है।
