दक्षिण चीन सागर में “Scarborough Reef”
संदर्भ:
हाल ही में अमरीका ने स्कारबोरो रीफ (Scarborough Reef) पर चीन द्वारा एकतरफा ‘राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र’ (National Nature Reserve) स्थापित करने के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई। अमेरिका ने इस रणनीतिक जल क्षेत्र में अपने संधि भागीदार फिलीपींस के संप्रभु अधिकारों का पूर्ण समर्थन किया।
स्कारबोरो रीफ (Scarborough Reef) के बारे में:
- भौगोलिक स्थिति: यह चट्टानी द्वीप समूह उत्तर-पूर्वी दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में स्थित है।
- यह फिलीपींस के मुख्य भूमि लुजोन द्वीप (Luzon Island) से पश्चिम की ओर मात्र 220 किलोमीटर (120 समुद्री मील) की दूरी पर स्थित है।
- इसके विपरीत, यह चीन की मुख्य भूमि से लगभग 850 किलोमीटर दूर है।
- समुद्री क्षेत्र: फिलीपींस सरकार के आधिकारिक मानचित्रों में इसे वेस्ट फिलीपीन सी (West Philippine Sea) के हिस्से के रूप में दर्शाया जाता है।
- आकृति: यह मुख्य रूप से एक त्रिकोणीय आकार का एटोल (Triangular Atoll) यानी मूंगे की चट्टान का द्वीप है।
- क्षेत्रफल: इसका कुल क्षेत्रफल (लैगून सहित) लगभग 150 वर्ग किलोमीटर है।
- भौगोलिक संरचना: यह मुख्य रूप से चट्टानों, रीफ और रेतीले किनारों की एक शृंखला है।
- ज्वार (High Tide) के समय इसके अधिकांश हिस्से समुद्र में डूब जाते हैं, और केवल कुछ ही चट्टानें समुद्र तल से ऊपर दिखाई देती हैं।
- इसका लैगून (Lagoon) गहरे समुद्र में नावों और जहाजों के लिए एक सुरक्षित प्राकृतिक आश्रय प्रदान करता है।
- महत्व:
- मत्स्य संसाधन: यह रीफ समुद्री जैव विविधता (Marine Biodiversity) से अत्यधिक समृद्ध है। यह फिलीपींस के स्थानीय मछुआरों के लिए आजीविका का एक मुख्य और पारंपरिक मत्स्य पालन क्षेत्र (Fishing Ground) है।
- ऊर्जा भंडार: भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के अनुसार, इस शोल के आस-पास के समुद्री तल में भारी मात्रा में हाइड्रोकार्बन (तेल और प्राकृतिक गैस) के भंडार मौजूद होने का अनुमान है।
- चीन का नियंत्रण: स्कारबोरो शोल विवाद (Scarborough Shoal Dispute) बीजिंग की क्षेत्रीय विस्तारवादी नीतियों का एक प्रमुख उदाहरण है:
- 2012 का गतिरोध (The 2012 Standoff): अप्रैल 2012 में फिलीपींस के नौसेना जहाजों ने इस क्षेत्र में अवैध शिकार कर रहे चीनी मछुआरों को पकड़ा। इसके जवाब में चीन ने अपने समुद्री निगरानी जहाजों (Maritime Surveillance Vessels) को तैनात कर दिया।
- विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) का उल्लंघन: कई महीनों तक चले इस नौसैनिक गतिरोध के बाद, चीन ने राजनयिक समझौतों का उल्लंघन करते हुए स्कारबोरो रीफ पर स्थायी प्रशासनिक और सैन्य नियंत्रण स्थापित कर लिया। उसने फिलीपींस के मछुआरों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया।
- दावों का आधार:
- नाइन-डैश लाइन (Nine-Dash Line): चीन (China Scarborough Shoal) पूरे दक्षिण चीन सागर के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से पर अपना ऐतिहासिक दावा ठोकता है। वह इस रीफ को ‘हुआंगयान द्वीप’ (Huangyan Island) कहता है।
- ऐतिहासिक संप्रभुता: चीन का दावा है कि उसने युआन राजवंश (13वीं शताब्दी) के समय ही इस द्वीप की खोज की थी और इसके मानचित्र तैयार किए थे।
- अंतरराष्ट्रीय निर्णय: फिलीपींस इस विवाद को संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के तहत ‘स्थायी मध्यस्थता न्यायालय’ (PCA) में ले गया।
- वर्ष 2016 में हेग स्थित न्यायाधिकरण ने सर्वसम्मति से फिलीपींस के पक्ष में निर्णय दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चीन की ‘नाइन-डैश लाइन’ का कोई कानूनी आधार नहीं है और स्कारबोरो शोल पूरी तरह से फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर आता है। हालांकि, चीन ने इस अंतरराष्ट्रीय विधिक निर्णय को मानने से इनकार कर दिया।
- रणनीतिक महत्व: यदि चीन स्कारबोरो रीफ पर कृत्रिम द्वीप (Artificial Island) का निर्माण और सैन्यीकरण कर लेता है, तो वह फिलीपींस में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सीधे नजर रख सकेगा। यह मनीला और ताइवान जलडमरूमध्य के मुहाने पर चीनी सेना (PLA) को रणनीतिक बढ़त देगा।
- यह क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापारिक जहाजों के मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहाँ से प्रतिवर्ष ट्रिलियन डॉलर का व्यापार गुजरता है।
- अन्य देशों का रुख:
- अमेरिका: अमेरिका फिलीपींस के साथ अपने 1951 के पारस्परिक रक्षा समझौते (MDT) के तहत प्रतिबद्ध है। अमेरिका का स्पष्ट स्टैंड है कि स्कारबोरो शोल पर फिलीपीन सेना या जहाजों पर किसी भी चीनी हमले की स्थिति में अमेरिकी सेना सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करेगी।
- वैश्विक दक्षिण: वियतनाम, मलेशिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी इस क्षेत्र में चीन के एकतरफा नियमों और जबरदस्ती (Coercion) की नीति की निंदा की है।
- भारत: भारत दक्षिण चीन सागर क्षेत्रीय विवाद (South China Sea Territorial Dispute) में सीधे तौर पर कोई पक्षकार नहीं है, लेकिन भारत का आर्थिक हित इस मार्ग से होने वाले व्यापार से जुड़ा है।
- भारत ने वर्ष 2016 के हेग न्यायाधिकरण के निर्णय का सम्मान करने और ‘UNCLOS 1982’ के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया है।
- भारत ने हाल के वर्षों में फिलीपींस के साथ रक्षा संबंधों (China Philippines Relations) को मजबूत किया है, जिसके तहत भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें (BrahMos Missiles) की आपूर्ति की है।
- यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) के तहत चीनी आक्रामकता के खिलाफ फिलीपींस की समुद्री रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने का एक ठोस कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: स्कारबोरो रीफ या स्कारबोरो शोल क्या है?
उत्तर: यह दक्षिण चीन सागर में स्थित रणनीतिक मूंगे की चट्टानों (Atoll) और छोटे द्वीपों का एक समूह है, जो समुद्री संसाधनों से समृद्ध है।
प्रश्न 2: स्कारबोरो रीफ कहां स्थित है?
उत्तर: यह उत्तर-पूर्वी दक्षिण चीन सागर (West Philippine Sea) में फिलीपींस के मुख्य लुजोन द्वीप से लगभग 220 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
प्रश्न 3: स्कारबोरो रीफ को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच विवाद क्यों है?
उत्तर: फिलीपींस इसे अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) का हिस्सा मानता है, जबकि चीन इस पर अपनी ऐतिहासिक ‘नाइन-डैश लाइन’ के तहत दावा करता है।
प्रश्न 4: दक्षिण चीन सागर का रणनीतिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह वैश्विक व्यापार का प्रमुख समुद्री मार्ग (Sea Line of Communication) होने के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में मत्स्य और हाइड्रोकार्बन ऊर्जा भंडारों से युक्त है।
प्रश्न 5: स्कारबोरो शोल पर चीन का नियंत्रण कब से है?
उत्तर: चीन ने वर्ष 2012 में फिलीपींस के साथ हुए एक गंभीर नौसैनिक गतिरोध (Standoff) के बाद से इस शोल पर अवैध सैन्य नियंत्रण कर रखा है।रा स्वतःस्फूर्त और युवा भूमिगत नेताओं द्वारा संचालित किया गया था।
