Bharat Taxi cooperative-based taxi service was launched
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारत की पहली सहकारी-आधारित टैक्सी सेवा, ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत टैक्सी के बारे में:
- भारत टैक्सी भारत का पहला सहकारी-आधारित डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है। यह पारंपरिक निजी एग्रीगेटर मॉडल (जैसे ओला और उबर) का एक स्वदेशी विकल्प है।
- पंजीकरण: यह ‘बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002’ के तहत पंजीकृत है।
- स्वामित्व: इसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (Sahakar Taxi Cooperative Limited) द्वारा किया जा रहा है।
- सहयोग: इसे इफ्को (IFFCO), अमूल (AMUL), कृभको (KRIBHCO), नाफेड (NAFED) और नाबार्ड (NABARD) जैसे प्रमुख सहकारी संस्थानों का समर्थन प्राप्त है।
- मूल मंत्र: ‘सारथी ही मालिक’ है।
- पायलट प्रोजेक्ट: औपचारिक लॉन्च से पहले दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में दो महीने का सफल पायलट परीक्षण किया गया।
- उपलब्धियां: अब तक लगभग 4 लाख ड्राइवर और 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ता इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।
- विस्तार: सरकार की योजना अगले दो वर्षों के भीतर इसे कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश में विस्तारित करने की है।
इसकी मुख्य विशेषताएं:
- जीरो कमीशन मॉडल: निजी कंपनियां आमतौर पर ड्राइवरों से 20-30% कमीशन लेती हैं, जबकि भारत टैक्सी जीरो कमीशन पर काम करती है। किराए का शत-प्रतिशत हिस्सा सीधे ड्राइवर के खाते में जाता है।
- नो-सर्ज प्राइसिंग: यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि इसमें मांग बढ़ने पर किराए में वृद्धि नहीं की जाएगी। इससे यात्रियों को पारदर्शी और स्थिर किराया मिलेगा।
- सामाजिक सुरक्षा: चालकों को ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और ₹5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, भविष्य की बचत के लिए पेंशन और सेवानिवृत्ति कोष की भी व्यवस्था है।
- महिला सशक्तिकरण: महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘बाइक दीदी’ (Bike Didi) जैसी पहल शुरू की गई है, जिसमें अब तक 150 से अधिक महिला चालक शामिल हो चुकी हैं।
- डिजिटल एकीकरण: यह प्लेटफॉर्म अत्याधुनिक तकनीकी बुनियादी ढांचे पर आधारित है, जिसे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है।
- यह सेवा डिजी लॉकर (DigiLocker), उमंग (UMANG) और API सेतु जैसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत है, जो त्वरित सत्यापन सुनिश्चित करते हैं।
- बुकिंग विकल्प: यात्री इसके माध्यम से ऑटो-रिक्शा, बाइक टैक्सी, इकोनॉमी कार, सेडान और XL श्रेणियों के वाहन बुक कर सकते हैं।
महत्व:
- गिग इकोनॉमी सुधार: यह पहल ‘प्लेटफॉर्म कोऑपरेटिविज़्म’ का उदाहरण है, जो गिग वर्कर्स को अनिश्चित रोजगार के बजाय ‘स्वामित्व’ और ‘सामाजिक सुरक्षा’ प्रदान करती है।
- आर्थिक समावेशन: लाभ का वितरण निजी निवेशकों के बजाय सीधे श्रमिकों के बीच होता है, जिससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
- स्वदेशी विकल्प: विदेशी निवेश वाले एग्रीगेटर्स के मुकाबले एक ‘मेक इन इंडिया’ विकल्प पेश करना, जो डेटा संप्रभुता और स्थानीय नियंत्रण को प्राथमिकता देता है।

