Delhi Budget of ₹1.03 lakh crore
दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.03 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस बजट को विकास, पर्यावरण और शिक्षा पर केंद्रित बताया। यह बजट पिछले साल के मुकाबले करीब ₹3,700 करोड़ यानी 3.7% ज्यादा है। सरकार का दावा है कि इस बार का बजट आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है।
बजट का ढांचा और प्राथमिकताएं
कुल बजट में से ₹62 हजार करोड़ योजनाओं और प्रोजेक्ट्स के लिए रखे गए हैं, जबकि ₹41 हजार करोड़ राजस्व और पूंजीगत खर्च के लिए तय किए गए हैं। इस बार की सबसे बड़ी खासियत “ग्रीन बजट” पर दिया गया जोर है।
सरकार ने कुल बजट का 21.44% यानी ₹22,236 करोड़ पर्यावरण और प्रदूषण से निपटने के लिए आवंटित किए हैं। दिल्ली जैसे शहर में, जहां प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
शिक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता
इस बजट में शिक्षा क्षेत्र को सबसे ज्यादा ₹19 हजार करोड़ दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि अगर शिक्षा मजबूत होगी, तो शहर का भविष्य भी बेहतर होगा।
इस दिशा में कई अहम घोषणाएं की गई हैं –
- 9वीं कक्षा की लगभग 3 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल दी जाएगी
- 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे
- 8,777 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे
- नए स्कूल बनाने और पुराने स्कूलों के विस्तार के लिए अलग बजट रखा गया है
इसके अलावा तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ₹720 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नरेला में एक “इंटीग्रेटेड एजुकेशन सिटी” बनाने की भी योजना है, जहां पढ़ाई, रिसर्च और इनोवेशन एक साथ होंगे।
स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹13 हजार करोड़ का बजट रखा गया है। इसके साथ ही सरकार ने “अनमोल योजना” शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत नवजात बच्चों में जेनेटिक बीमारियों की जांच की जाएगी।
इस योजना के लिए ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है और 56 तरह के टेस्ट सरकार द्वारा करवाए जाएंगे, ताकि बीमारी का पता समय रहते चल सके।
महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए पहल
बजट में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया गया है –
- 1000 महिलाओं को ई-ऑटो परमिट दिए जाएंगे
- 100 परमिट ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी रखे गए हैं
- “दिल्ली लखपति बिटिया योजना” शुरू की गई है, जिसमें बेटी के जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक आर्थिक सहायता दी जाएगी
इस योजना के तहत बेटी को पढ़ाई पूरी करने पर ₹1 लाख तक की सहायता मिलेगी।
गिग वर्कर्स और आम लोगों के लिए राहत
सरकार ने गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर) के लिए खास सुविधा देने का ऐलान किया है। अटल कैंटीन के पास उनके लिए रेस्ट रूम बनाए जाएंगे, जहां वे खाना खा सकेंगे, मोबाइल चार्ज कर सकेंगे और आराम कर सकेंगे।
इसके अलावा होली और दिवाली पर हर घर को दो मुफ्त LPG सिलेंडर देने के लिए ₹260 करोड़ का बजट रखा गया है।
बिजली, पानी और सड़क पर फोकस
बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी कई बड़े कदम उठाए गए हैं –
- बिजली विभाग को ₹3942 करोड़ दिए गए हैं
- बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए ₹200 करोड़
- पानी की समस्या दूर करने के लिए चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए ₹475 करोड़
- सड़क सुधार के लिए MCD को ₹1000 करोड़
- धूल रहित सड़कों के लिए ₹1352 करोड़
सरकार ने यह भी कहा है कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए टैंकर सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा।
परिवहन और पर्यावरण
परिवहन क्षेत्र के लिए ₹8374 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 7500 बसें सड़कों पर लाना है, जिनमें से 5800 इलेक्ट्रिक बसें होंगी।
इसके अलावा –
- नए चार्जिंग स्टेशन और डिपो बनाने के लिए ₹320 करोड़
- पार्क और गार्डन के लिए ₹25 करोड़
- प्रदूषण रोकने के लिए ₹300 करोड़
यह साफ दिखाता है कि सरकार पर्यावरण और साफ परिवहन पर ध्यान दे रही है।
फायर और आपदा प्रबंधन
सुरक्षा के लिहाज से भी बजट में खास प्रावधान किए गए हैं –
- फायर ब्रिगेड को ₹674 करोड़ दिए गए हैं
- नए दमकल केंद्र बनाए जाएंगे और आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे
- आपदा प्रबंधन के लिए ₹10 करोड़
- इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया जाएगा
आय के स्रोत
सरकार को उम्मीद है कि उसे ₹74,000 करोड़ अपने टैक्स से और ₹43,500 करोड़ GST से मिलेंगे। इसी आधार पर पूरे बजट की योजना बनाई गई है।
बजट से पहले सुरक्षा अलर्ट
बजट पेश होने से पहले एक बड़ी घटना भी सामने आई। दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।
सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। इसके बाद आधे घंटे की देरी से बजट पेश किया गया।
डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि ऐसी धमकियां डराने के लिए होती हैं, लेकिन सरकार अपना काम जारी रखेगी।
क्या है इस बजट का बड़ा संदेश?
यह बजट कई स्तरों पर काम करने की कोशिश करता है –
- शिक्षा और डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना
- पर्यावरण और प्रदूषण से निपटना
- महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाना
- बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना
सरकार ने सीधे लाभ देने के साथ-साथ लंबे समय के विकास पर भी ध्यान दिया है।
निष्कर्ष:
दिल्ली का यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि एक व्यापक योजना की तरह पेश किया गया है। इसमें शिक्षा से लेकर पर्यावरण, स्वास्थ्य से लेकर रोजगार तक हर क्षेत्र को छूने की कोशिश की गई है।
हालांकि, असली चुनौती इन योजनाओं को जमीन पर उतारने की होगी। अगर ये सभी घोषणाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो दिल्ली के लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
