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सूरजमुखी की नई पादप प्रजाति “Doronicum sanctum” की खोज, जानिए इस नई प्रजाति की विशेषताएं

सूरजमुखी की नई पादप प्रजाति “Doronicum sanctum” की खोज, जानिए इस नई प्रजाति की विशेषताएं

Doronicum sanctum

Image Credit: Research Matters

संदर्भ:

हाल ही में हिमाचल प्रदेश स्थित सीएसआईआर-हिमालयन जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IHBT) के वैज्ञानिकों ने अरुणाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय वन्य क्षेत्र में सूरजमुखी परिवार (Asteraceae) से संबंधित एक अत्यंत दुर्लभ और नई पादप प्रजाति डोरॉनिकम सैंक्टम (Doronicum sanctum) की खोज की.

डोरॉनिकम सैंक्टम (Doronicum sanctum) के बारे में:

  • परिचय: यह हिमालयी जैव विविधता हॉटस्पॉट (Himalayan Biodiversity Hotspot) के व्यापक सर्वेक्षण के दौरान खोजी गई एक नई पुष्पीय पादप प्रजाति (New Flowering Plant) है.
    • यह पौधा मुख्य रूप से अल्पाइन और समशीतोष्ण जलवायु (Alpine and Temperate Climate) में जीवित रहने के लिए अनुकूलित है.
  • खोज स्थल: यह खोज अरुणाचल प्रदेश के भारत-चीन सीमा पर स्थित रणनीतिक तवांग जिले में की गई है.
    • यह पादप प्रजाति अत्यधिक विषम परिस्थितियों में, समुद्र तल से लगभग 4,000 से 4,086 मीटर की ऊंचाई पर दर्ज की गई है.
  • वर्गीकरण: यह एस्टरकैन्थी (Asteraceae) कुल [सूरजमुखी परिवार (Sunflower Family)] से संबंधित है, जो फूलों वाले पौधों के सबसे बड़े परिवारों में से एक है.
    • यह डोरोनिकम वंश (Doronicum Genus) के अंतर्गत आता है.
    • पूर्वोत्तर भारत में डोरोनिकम वंश (Doronicum Genus) की यह पहली प्रलेखित उपस्थिति है. 
    • इससे पहले भारत में इस वंश के रिकॉर्ड केवल पश्चिमी हिमालय (जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश) तक ही सीमित थे. 
  • नामकरण: शोधकर्ताओं ने इस पादप प्रजाति का नाम डोरॉनिकम सैंक्टम (Doronicum sanctum) रखा है.
    • लैटिन भाषा में ‘सैंक्टम’ (Sanctum) का अर्थ “पवित्र” (Holy) होता है. चूंकि इस पौधे का मुख्य खोज स्थल तवांग के स्थानीय लोगों की गहरी आध्यात्मिक आस्था से जुड़े ‘चुमी ग्यात्से पवित्र जलप्रपात’ (Chumi Gyatse Holy Waterfalls) के समीप स्थित है, इसलिए इसके नाम में ‘सैंक्टम’ शब्द जोड़ा गया.
  • विशेषताएं: 
    • यह पौधा अपने करीबी चीनी रिश्तेदारों—डी. कोनाएंस (D. conaense) और डी. स्टेनोग्लोसम (D. stenoglossum) से अनूठे गुणों के आधार पर भिन्न है।
  • इसके पुष्प चमकीले पीले रंग (Vibrant Yellow Flowers) के होते हैं और इसकी पत्तियां हृदयाकार (Heart-shaped Leaves) होती हैं.
  • इसके फूलों के सिरों के किनारों पर छोटे, रोमदार या बालों वाले बीज पाए जाते हैं.
  • इसमें एक कोमल, पंख जैसी संरचना (Pappus) होती है जो बीज प्रकीर्णन में मदद करती है और परिपक्व होने पर आसानी से झड़ जाती है.
  • इसके फूलों के डंठल का ऊपरी हिस्सा फैला हुआ या फूला हुआ होता है.
  • फूलों को कप के आकार में सहारा देने वाले हरे सहपत्र (Bracts) चपटे और भालाकार (Lance-shaped) होते हैं.
  • दुर्लभ आबादी: अनुसंधान दल ने इस स्थल पर केवल 10 से 12 पौधों की एक बेहद छोटी और सीमित आबादी को देखा है.
  • संरक्षण स्थिति: सीमित आंकड़ों के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के मानकों के तहत इसे वर्तमान में ‘आंकड़ों की कमी’ (Data Deficient) श्रेणी में अस्थायी रूप से रखा गया है.
  • पारिस्थितिकी संकेतक: उच्च तुंगता (High Altitude) वाले क्षेत्रों में ऐसी सूक्ष्म-प्रजातियों की उपस्थिति जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और वैश्विक तापमान के हिमालयी वनस्पतियों पर पड़ने वाले प्रभावों के अध्ययन के लिए जैविक संकेतक (Bio-indicator) का कार्य करती है.
  • सामान्य वितरण: डोरोनिकम वंश के पौधों को सामान्यतः ‘लेपर्ड्स बेन’ (Leopard’s Bane Plant) या ‘तेंदुए के लिए घातक’ पौधे के नाम से जाना जाता है.
    • इस वर्ग के पुष्प मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के समशीतोष्ण, पर्वतीय और आल्प्स जैसे ठंडे क्षेत्रों में पाए जाते हैं. 
    • पारंपरिक चिकित्सा (Traditional Medicine) में इसकी कुछ प्रजातियों का औषधीय उपयोग (जैसे औषधीय चाय और दर्द निवारक) किया जाता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. Doronicum sanctum क्या है?

    यह वैज्ञानिकों द्वारा खोजी गई सूरजमुखी परिवार (Asteraceae) से संबंधित एक नई और अत्यंत दुर्लभ पादप प्रजाति (New Plant Species) है.

  2. नई Plant Species Doronicum sanctum की खोज कहां हुई?

    इसकी खोज अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में समुद्र तल से लगभग 4,086 मीटर की अत्यधिक ऊंचाई पर की गई है.

  3. Doronicum sanctum किस Plant Family से संबंधित है?

    यह मुख्य रूप से एस्टरकैन्थी (Asteraceae) कुल से संबंधित है, जिसे सामान्य भाषा में सूरजमुखी का परिवार कहा जाता है.

  4. यह नई प्रजाति Sunflower Family से कैसे संबंधित है?

    अपने विशिष्ट पीले चक्राकार पुष्पों, विशेष शुष्क फलों (Cypsela) और बीजों की बनावट के कारण यह सूरजमुखी परिवार से अनुवांशिक रूप से जुड़ी है.

  5. Doronicum Genus को आमतौर पर किस नाम से जाना जाता है?

    डोरोनिकम वंश (Doronicum Genus) के पौधों को आमतौर पर वैश्विक स्तर पर ‘लेपर्ड्स बेन’ (Leopard’s Bane) कहा जाता है.

  6. Doronicum sanctum की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

    इसकी प्रमुख विशेषताओं में चमकीले पीले फूल, हृदयाकार पत्तियां, रोमदार बीज (Pubescent Cypselae) और शीघ्र गिरने वाला पेप्पस शामिल हैं.

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