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Exercise Cambrian Patrol 2026: परिचय, आयोजन, भागीदार एवं विशेषताएं 

Exercise Cambrian Patrol 2026: परिचय, आयोजन, भागीदार एवं विशेषताएं 

Exercise Cambrian Patrol 2026

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय सेना की असम रेजिमेंट (Indian Army’s Assam Regiment) ने यूनाइटेड किंगडम में आयोजित एक्सरसाइज कैम्ब्रियन पेट्रोल 2026 (Exercise Cambrian Patrol 2026) में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीता।

एक्सरसाइज कैम्ब्रियन पेट्रोल 2026 के बारे में:

  • परिचय: एक्सरसाइज कैम्ब्रियन पेट्रोल (Exercise Cambrian Patrol) एक अंतरराष्ट्रीय सेना प्रतियोगिता (International Army Competition) है, जिसे वैश्विक रक्षा समुदायों में ‘सैन्य गश्त का ओलम्पिक’ (Olympics of Military Patrolling) कहा जाता है।
    • यह वास्तविक युद्धकालीन तनाव और कठोर परिस्थितियों में किसी टीम की गश्ती क्षमता का कड़ा मूल्यांकन है।
  • इतिहास: इसकी स्थापना वर्ष 1959 में वेल्स के टेरिटोरियल आर्मी के सैनिकों द्वारा छोटे सैन्य दस्तों की परिचालन दक्षता और युद्ध तत्परता का परीक्षण करने के उद्देश्य से की गई थी।
  • आयोजन तिथि: यह वार्षिक सैन्य अभ्यास वर्ष 2026 में 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया। 
  • स्थान: इसका आयोजन यूनाइटेड किंगडम के वेल्स (Wales) के ब्रेकन (Brecon) की पथरीली और पहाड़ी पहाड़ियों के अत्यंत दुर्गम इलाके में किया जाता है।
  • आयोजक संस्था: यह मूल रूप से ब्रिटिश सेना (British Army Military Exercise) के ‘160वें वेल्श ब्रिगेड’ (160th Welsh Brigade) द्वारा आयोजित और प्रशासित किया जाता है।
  • वैश्विक भागीदारी: इस अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास 2026 (International Military Exercise 2026) में दुनिया भर के विभिन्न प्रतिष्ठित रेजिमेंटों और विशिष्ट विशेष बलों (Special Forces) का प्रतिनिधित्व करने वाली 100 से अधिक सैन्य टीमों ने हिस्सा लिया था।
    • इसमें यूनाइटेड किंगडम के अलावा भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), पाकिस्तान, फिनलैंड, फ्रांस और नाटो (NATO) भागीदार देशों की सेनाओं के सर्वोत्तम गश्ती दस्तों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। 
    • इस वर्ष भारतीय सेना की ओर से असम रेजिमेंट की छठी बटालियन (6 भैरव बटालियन) के 8 सदस्यीय दल ने भारत का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व किया.
  • विशेषताएं:
    • 48 घंटे का अनवरत गश्ती अभियान: 8 सैनिकों के दस्ते को भोजन और नींद के बिना 48 घंटों के भीतर 60 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी होती है. 
    • भारी युद्धक उपकरण भार: इस गश्ती प्रशिक्षण (Cambrian Patrol Training) के दौरान प्रत्येक सैनिक को अपनी पीठ पर लगभग 32 किलोग्राम वजनी सैन्य उपकरण और हथियार लेकर ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों पर चढ़ना होता है.
    • कठोर तकनीकी मूल्यांकन (Infantry Patrolling Exercise): इस मार्ग में टीमों का मूल्यांकन केवल चलने पर नहीं, बल्कि वास्तविक युद्ध स्थितियों के अनुरूप निम्नलिखित सैन्य अभ्यासों पर किया जाता है:
      • टोही और खुफिया जानकारी जुटाना (Reconnaissance).
      • ठंडे पानी की नदियों और जलधाराओं को पार करना (Water Crossings).
      • युद्ध के मैदान से हताहतों को सुरक्षित बाहर निकालना (Casualty Evacuation).
      • बारूदी सुरंगों की पहचान और सुरक्षा (Minefield Awareness).
      • रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) रक्षात्मक प्रतिक्रिया.
    • कड़े अंक प्रणाली (Performance-Based Evaluation): स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए किसी भी टीम को कुल उपलब्ध अंकों में से कम से कम 75% अंक अर्जित करने होते हैं, तथा गश्त के प्रत्येक व्यक्तिगत कार्य में न्यूनतम 65% अंक पाना अनिवार्य होता है.
  • प्रदर्शन: 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा करते हुए भारतीय दल ने असाधारण सामरिक कौशल का प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल जीतने वाली शीर्ष 10 विशिष्ट टीमों में अपना स्थान सुरक्षित किया.
    • भारतीय सेना कैम्ब्रियन पेट्रोल सैन्य अभ्यास (Cambrian Patrol Military Exercise) में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही है। इससे पूर्व भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स (Gorkha Rifles) और गढ़वाल राइफल्स (Garhwal Rifles) की टुकड़ियों ने भी इस कठिन परीक्षा में स्वर्ण पदक हासिल कर वैश्विक स्तर पर भारतीय युद्धकौशल को स्थापित किया.

इसका महत्व:

  • भारत-यूके रक्षा कूटनीति को सुदृढ़ करना: इस अभ्यास में निरंतर भागीदारी भारत और यूनाइटेड किंगडम के मध्य रणनीतिक सैन्य कूटनीति (Military Cooperation India UK) को मजबूत करती है तथा दोनों देशों की सेनाओं के बीच गहरे रणनीतिक विश्वास को बढ़ावा देती है।
  • अंतर-संचालनीयता का विकास (Interoperability): नाटो (NATO) और पश्चिमी देशों के आधुनिक सैन्य मानकों के साथ संयुक्त अभ्यास करने से भारतीय सैनिकों को भविष्य के बहुपक्षीय वैश्विक शांति अभियानों (जैसे UN Peacekeeping) के लिए आवश्यक अंतर्संचालनीयता और पेशेवर साझाकरण का अनुभव प्राप्त होता है।
  • आधुनिक युद्ध प्रणालियों का अनुभव: प्रतियोगिता में शामिल ड्रोन निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) के खतरों और संचार अनुशासन जैसी आधुनिक युद्धकालीन चुनौतियों का मुकाबला करने से भारतीय सेना को अपनी रणनीतियों को अद्यतन करने में मदद मिलती है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Exercise Cambrian Patrol क्या है?

उत्तर: यह ब्रिटिश सेना द्वारा आयोजित एक अत्यंत कठिन अंतरराष्ट्रीय सैन्य गश्ती प्रतियोगिता (Military Patrolling Competition) है, जिसे ‘सैन्य गश्त का ओलम्पिक’ कहा जाता है।

प्रश्न 2: Cambrian Patrol 2026 का आयोजन कहां किया जाता है?

उत्तर: इसका आयोजन यूनाइटेड किंगडम (UK) के वेल्स (Wales) के ब्रेकन (Brecon) के ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी इलाकों में किया जाता है। 

प्रश्न 3: Exercise Cambrian Patrol का आयोजन कौन करता है?

उत्तर: यह मूल रूप से ब्रिटिश सेना (British Army Military Exercise) के ‘160वें वेल्श ब्रिगेड’ (160th Welsh Brigade) द्वारा आयोजित किया जाता है।

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