Excercise Pitch Black 2026: IAF की टुकड़ी युद्धाभ्यास में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना हुई
संदर्भ:
हाल ही में, भारतीय वायुसेना की एक शक्तिशाली अग्रिम युद्धक टुकड़ी द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ (Pitch Black 2026) में हिस्सा लेने के लिए उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के सामरिक सैन्य हवाई क्षेत्र के लिए रवाना हुई।
युद्ध अभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ ( Exercise Pitch Black 2026) के बारे मे:
- आयोजन स्थल: यह व्यापक अभ्यास मुख्य रूप से उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में स्थित रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना के तीन प्रमुख ठिकानों—डार्विन (RAAF Base Darwin), टिंडल (RAAF Base Tindal) और एम्बरली (RAAF Base Amberley) के विशाल सैन्य हवाई क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है।
- निर्धारित तिथियां (Timeline): इस संस्करण का आधिकारिक संचालन 20 जुलाई 2026 से 7 अगस्त 2026 तक कुल तीन सप्ताह की उच्च-तीव्रता वाली उड़ानों के साथ संपन्न होगा।
- भागीदारी: इस वर्ष के संस्करण में रिकॉर्ड 20 देशों की वायु सेनाएं, 140 से अधिक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और लगभग 2,500 से अधिक सैन्य कर्मी व एयर वॉरियर्स हिस्सा ले रहे हैं।
- भारतीय वायुसेना (IAF): भारत की ओर से सामरिक अभियान का नेतृत्व करने के लिए 4 राफेल (Rafale) बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान, 2 सी-17 ग्लोबमास्टर (C-17 Globemaster) भारी रणनीतिक परिवहन विमान और 120 से अधिक कुशल वायु योद्धाओं का दल ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुका है।
- विशेष: वर्ष 2026 के इस संस्करण में पहली बार जापानी वायु आत्म-रक्षा बल (JASDF) के उन्नत F-35 लाइटनिंग II (F-35 Lightning II) पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर्स और इंडोनेशिया के T-50I गोल्डन ईगल लड़ाकू विमान पूर्ण हवाई युद्ध अभियानों में अपना डेब्यू (पहला प्रदर्शन) कर रहे हैं।
युद्ध अभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ क्या हैं?
- परिचय: पिच ब्लैक रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना (RAAF) द्वारा आयोजित एक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास (Air Combat Exercise) है। यह आधुनिक युद्ध तकनीकों और एकीकृत बड़े बल नियोजन (LFE) पर केंद्रित है।
- शुरुआत: इस युद्धाभ्यास की शुरुआत वर्ष 1983 में ऑस्ट्रेलिया के रक्षा बलों के आंतरिक अभ्यास के रूप में हुई थी। बाद में इसके महत्व को देखते हुए इसे द्विवार्षिक (प्रत्येक दो वर्ष में होने वाला) बहुराष्ट्रीय प्रारूप में बदल दिया गया।
- भागीदार देश: इस अभ्यास में भारत, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस और मलेशिया सहित दुनिया की शीर्ष वायु सेनाएं शामिल होती हैं।
- भारतीय वायुसेना ने पहली बार वर्ष 2018 में इस अभ्यास में एक सक्रिय भागीदार के रूप में हिस्सा लिया था।
- इसके बाद भारत निरंतर अपने लड़ाकू विमानों के साथ इसमें शामिल हो रहा है।
- गतिविधियां:
- रेड टीम बनाम ब्लू टीम (Force Integration): इस अभ्यास को वास्तविक युद्ध जैसी कठोर परिस्थितियों में विभाजित किया जाता है। इसमें एक पक्ष आक्रामक काउंटर एयर (OCA) यानी ‘रेड टीम’ बनता है और दूसरा पक्ष डिफेंसिव काउंटर एयर (DCA) यानी ‘ब्लू टीम’ के रूप में हवाई क्षेत्र की रक्षा करता है।
- जटिल मिशन योजना (Mission Planning): सभी भागीदार देशों के पायलट और वायु योद्धा दिन और रात के कम रोशनी वाले (Low Light) वातावरण में समन्वित मिशनों की योजना बनाते हैं। इसमें हवा से हवा में ईंधन भरना (Mid-air Refueling) और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का अभ्यास शामिल है।
- महत्व:
- हिंद-प्रशांत सुरक्षा (Indo Pacific Security): यह अभ्यास वैश्विक स्तर पर नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता व समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक ठोस साझा मंच प्रदान करता है।
- अंतर-संचालनीयता का विकास (Interoperability): विभिन्न देशों के तकनीकी उपकरणों, रडार प्रणालियों और लड़ाकू विमानों के बीच परिचालन समन्वय (Operational Synergy) को बढ़ाने में यह अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
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Pitch Black 2026 क्या है?
यह रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना (RAAF) द्वारा द्विवार्षिक रूप से आयोजित किया जाने वाला दुनिया का एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास (Pitch Black 2026) है।
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इसमें भारत की क्या भूमिका है?
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) अपने राफेल और सी-17 विमानों के साथ इस जटिल हवाई युद्ध परिदृश्य में परिचालन अंतर-संचालनीयता बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही है।
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इस युद्धाभ्यास का आयोजन किस देश में हो रहा है?
इस वैश्विक संयुक्त सैन्य अभ्यास (Joint Military Exercise) का आयोजन पूरी तरह से उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न रणनीतिक आरएएएफ (RAAF) बेस पर किया जा रहा है।
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किन देशों की वायु सेनाएं इसमें भाग ले रही हैं?
इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, फ्रांस, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया सहित विश्व के लगभग 20 मित्र देशों की वायु सेनाएं (Air Forces) शामिल हैं।
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इस अभ्यास का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाले मित्र देशों के बीच सैन्य सहयोग (Defence Cooperation) को सुदृढ़ करना तथा जटिल हवाई युद्ध स्थितियों में आपसी तालमेल को बेहतरीन बनाना है।
