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फ़ॉकलैंड द्वीप समूह, अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच Falkland Islands Dispute क्या है?

फ़ॉकलैंड द्वीप समूह, अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच Falkland Islands Dispute क्या है?

Falkland Islands Dispute

संदर्भ:

हाल ही में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हाविएर मिलेई (Javier Milei) के कड़े वक्तव्य और प्रतिबंधों की घोषणा के बाद फ़ॉकलैंड द्वीप समूह विवाद (Falkland Islands Dispute) एक बार फिर गंभीर भू-राजनीतिक तनाव में बदल गया है।

फ़ॉकलैंड द्वीप समूह (Falkland Islands) के बारे में:

  • स्थिति: फ़ॉकलैंड द्वीप समूह दक्षिण अटलांटिक महासागर (South Atlantic Ocean) में स्थित द्वीपसमूह है।
    • यह दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी तट (अर्जेंटीना मुख्य भूमि) से लगभग 500 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। 
    • यह ब्रिटेन (UK) से लगभग 13,000 किलोमीटर की दूरी पर है। 
  • क्षेत्रफल: इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 12,173 वर्ग किलोमीटर है। 
  • संरचना: इसमें दो मुख्य द्वीप—पूर्वी फ़ॉकलैंड (जिसमें राजधानी स्टेनली स्थित है) और पश्चिमी फ़ॉकलैंड—तथा लगभग 780 छोटे द्वीप शामिल हैं।
  • प्रकार: यह वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम का एक ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र (UK Overseas Territory) है, जो आंतरिक रूप से स्वशासी (Self-governing) है। 
  • जनसंख्या: यहाँ की कुल आबादी लगभग 3,100 है, जो मुख्य रूप से ब्रिटिश मूल की है और अंग्रेजी बोलती है।
  • नामकरण का द्वंद्व:
    • अंग्रेजी नाम: ब्रिटेन और वैश्विक स्तर पर इसे फ़ॉकलैंड द्वीप समूह (Falkland Islands) कहा जाता है।
    • स्पैनिश नाम: अर्जेंटीना इस द्वीपसमूह को माल्विनास द्वीप समूह (Malvinas Islands / Islas Malvinas) पुकारता है। यह नाम फ्रांसीसी नाविकों द्वारा दिए गए नाम इल्स मालौइन्स (Îles Malouines) से प्रेरित है। 
  • नियंत्रण का इतिहास:
    • शुरुआती बस्तियां: 18वीं शताब्दी में फ्रांस, ब्रिटेन और स्पेन ने इन निर्जन द्वीपों पर अलग-अलग समय पर अपनी बस्तियां स्थापित कीं।
    • अर्जेंटीना का दावा: 1816 में स्पेन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद, अर्जेंटीना ने खुद को स्पेनिश संप्रभुता का उत्तराधिकारी बताते हुए इन द्वीपों पर अपना अधिकार (Argentina Malvinas claim) जताया।
    • ब्रिटिश आधिपत्य: वर्ष 1833 में ब्रिटेन ने इन द्वीपों पर अपना पूर्ण सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित कर लिया और अर्जेंटीना के अधिकारियों को वहां से बलपूर्वक हटा दिया।
      • तब से (1982 के युद्ध के एक संक्षिप्त चरण को छोड़कर) यह क्षेत्र निरंतर ब्रिटिश प्रशासन (UK Falkland Islands) के अधीन रहा है। 
  • संप्रभुता विवाद (Sovereignty Claims): Falkland Islands sovereignty dispute) में अर्जेंटीना और ब्रिटेन के कानूनी एवं ऐतिहासिक तर्क इस प्रकार हैं:
पक्षमुख्य दावे और तर्क
अर्जेंटीना का पक्ष(Argentina)भौगोलिक निकटता: ये द्वीप अर्जेंटीना के महाद्वीपीय शेल्फ (Continental Shelf) पर स्थित हैं।• उपनिवेशवाद का विरोध: 1833 में ब्रिटेन द्वारा किया गया कब्ज़ा अवैध था।• क्षेत्रीय अखंडता: संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1514 (XV) के तहत, यह अर्जेंटीना की क्षेत्रीय अखंडता (Territorial Integrity) का उल्लंघन है। द्वीपवासी मूल निवासी नहीं बल्कि ब्रिटिशों द्वारा बसाए गए ‘स्थानांतरित लोग’ हैं।
ब्रिटेन का पक्ष(United Kingdom)ऐतिहासिक प्रशासन: ब्रिटेन 1833 से यहां शांतिपूर्ण और निरंतर प्रशासन चला रहा है।• आत्मनिर्णय का अधिकार: ब्रिटेन का मुख्य तर्क आत्मनिर्णय (Self-determination) के सिद्धांत पर आधारित है। द्वीपों के नागरिकों को यह तय करने का अधिकार है कि वे किसके साथ रहना चाहते हैं।• 2013 का जनमत संग्रह: फ़ॉकलैंड द्वीप समूह जनमत संग्रह (Falkland Islands referendum) में 99.8% मतदाताओं ने ब्रिटिश क्षेत्र बने रहने के पक्ष में मतदान किया था।

फ़ॉकलैंड युद्ध 1982 और शांति प्रयास (Falklands War 1982 and Peace Efforts):

  • फ़ॉकलैंड युद्ध (Falklands War 1982): 2 अप्रैल 1982 को अर्जेंटीना की तत्कालीन सैन्य जुंटा (Military Junta) ने द्वीपों पर आक्रमण कर कब्जा कर लिया था। ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की। 74 दिनों तक चले इस युद्ध में अर्जेंटीना को आत्मसमर्पण करना पड़ा। इस युद्ध में 649 अर्जेंटीनाई और 255 ब्रिटिश सैनिकों की जान गई। 
  • विवाद सुलझाने के प्रयास: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने इसे एक विशेष औपनिवेशिक स्थिति माना है और दोनों देशों को द्विपक्षीय बातचीत (Diplomatic Negotiations) के जरिए समाधान खोजने का निर्देश दिया है। हालांकि, संप्रभुता के मुख्य मुद्दे पर ब्रिटेन बातचीत से इनकार करता रहा है।
    • वर्तमान स्थिति: 3 सितंबर 2026 को अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हाविएर मिलेई ने विवाद को नए सिरे से भड़का दिया है: 
  • तेल और गैस पर नया तनाव (Falklands oil dispute): द्वीपों के उत्तर में स्थित ‘सी लायन’ तेल क्षेत्र (Sea Lion oil field) में ब्रिटिश कंपनी रॉकहॉपर और इजरायली कंपनी नेविटास पेट्रोलियम द्वारा तेल उत्खनन की तैयारी की जा रही है। इस क्षेत्र में लगभग 900 मिलियन बैरल तेल होने का अनुमान है।
  • प्रतिबंधों की घोषणा: राष्ट्रपति मिलेई ने एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) के माध्यम से उन सभी विदेशी कंपनियों और उनके सहयोगियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है जो अर्जेंटीना की अनुमति के बिना इन जलक्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं।
  • भू-राजनीतिक बदलाव: अर्जेंटीना का मानना है कि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन की तटस्थता की नीति के कारण ‘बदलाव की हवाएं’ (Winds of change) उनके पक्ष में हैं। दूसरी ओर, ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने द्वीपों की सुरक्षा के प्रति अपनी ‘अटल’ (Unwavering) प्रतिबद्धता दोहराई है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Falkland Islands Dispute क्या है और Argentina तथा UK के बीच यह विवाद क्यों है?

उत्तर: यह दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित द्वीपों की संप्रभुता (Sovereignty) को लेकर दोनों देशों के बीच 19वीं सदी से चला आ रहा एक ऐतिहासिक और औपनिवेशिक विवाद है। 

प्रश्न 2: Falkland Islands को Argentina अपना territory क्यों मानता है?

उत्तर: अर्जेंटीना इसे भौगोलिक निकटता, अपने महाद्वीपीय शेल्फ का हिस्सा होने और 1833 में ब्रिटेन द्वारा बलपूर्वक किए गए अवैध कब्जे के आधार पर अपना क्षेत्र मानता है। 

प्रश्न 3: Argentina UK Falkland dispute में Britain का क्या stand है?

उत्तर: ब्रिटेन का रुख स्पष्ट है कि वह इन द्वीपों पर 1833 से शासन कर रहा है और वहां रहने वाले नागरिकों ने जनमत संग्रह में ब्रिटिश रहने की इच्छा जताई है। 

प्रश्न 4: Falklands War 1982 क्यों हुआ था और इसका परिणाम क्या रहा?

उत्तर: यह युद्ध अर्जेंटीना द्वारा द्वीपों पर किए गए सैन्य आक्रमण के कारण हुआ था, जिसमें 74 दिनों की लड़ाई के बाद ब्रिटिश सेना ने द्वीपों पर पुनः नियंत्रण हासिल कर लिया था।

प्रश्न 5: Falkland Islands sovereignty को लेकर Argentina और UK के दावे क्या हैं?

उत्तर: अर्जेंटीना ऐतिहासिक विरासत और क्षेत्रीय अखंडता का दावा करता है, जबकि ब्रिटेन निवासियों के आत्मनिर्णय (Self-determination) के अधिकार और संप्रभुता को प्राथमिकता देता है। 

प्रश्न 6: Malvinas Islands नाम का इस्तेमाल Argentina क्यों करता है?

उत्तर: अर्जेंटीना इन द्वीपों को अपनी राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा मानता है और ब्रिटिश नाम ‘फ़ॉकलैंड’ को खारिज करने के लिए इसके मूल स्पैनिश नाम ‘इस्लास माल्विनास’ का उपयोग करता है।

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