Henley Passport Index 2026: 84वें स्थान पर पहुंचा भारतीय पासपोर्ट
संदर्भ:
अक्टूबर 2026 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 (Henley Passport Index 2026) में भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) को 84वां स्थान प्राप्त हुआ।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत की स्थिति
- रैंकिंग में बदलाव: अक्टूबर 2026 के सूचकांक में भारत 84वें स्थान पर पहुंच गया है, जो अक्टूबर 2025 की रैंकिंग (85वां स्थान) की तुलना में एक पायदान का सुधार दर्शाता है।
- संयुक्त रैंकिंग: भारत इस सूचकांक में अकेले नहीं है, बल्कि वह अल्जीरिया और मॉरिटानिया के साथ संयुक्त रूप से 84वें स्थान पर काबिज है।
- वीजा-मुक्त स्कोर में गिरावट (The Paradox of Ranking): भारत की वैश्विक रैंक में तो सुधार (85 से 84) हुआ है, लेकिन उसके नागरिकों के लिए पूर्व-वीजा के बिना सुलभ गंतव्यों (Destinations) की संख्या 57 से घटकर 55 हो गई है।
- वर्ष 2026 के दौरान भारतीय पासपोर्ट रैंकिंग में उतार-चढ़ाव: हेनले इंडेक्स द्वारा वर्ष भर जारी किए जाने वाले पीरियोडिक अपडेट्स में भारत की रैंकिंग अस्थिर रही है:
- जनवरी 2026: 80वां स्थान
- फरवरी 2026: 75वां स्थान (56 गंतव्यों तक पहुंच)
- जुलाई 2026: 81वां स्थान (55 गंतव्यों तक पहुंच)
- अक्टूबर 2026 (नवीनतम वार्षिक समेकन): 84वां स्थान (55 गंतव्यों तक पहुंच)
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स क्या है और इसे कौन जारी करता है?
- नियामक निकाय: इसे वैश्विक नागरिकता और निवेश सलाहकार फर्म हेनली एंड पार्टनर्स (Henley & Partners) द्वारा जारी किया जाता है।
- डेटा का स्रोत: यह सूचकांक इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के विशेष और आधिकारिक डेटा पर आधारित है, जो दुनिया का सबसे बड़ा और सटीक यात्रा सूचना डेटाबेस प्रबंधित करता है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: इसकी शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी और वर्ष 2026 में इसके सफल 20 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
- मूल्यांकन का दायरा: इसके तहत कुल 199 विभिन्न पासपोर्टों का मूल्यांकन दुनिया के 227 संभावित यात्रा गंतव्यों (जिसमें संप्रभु देश और आश्रित क्षेत्र शामिल हैं) के सापेक्ष किया जाता है।
- पासपोर्ट रैंकिंग तय करने का आधार: हेनले पासपोर्ट इंडेक्स किसी देश के पासपोर्ट को ‘मोबिलिटी स्कोर’ (Mobility Score) के आधार पर अंक देता है:
- शून्य पूर्व-वीजा आवश्यकता (स्कोर = 1): यदि किसी पासपोर्ट धारक को गंतव्य देश में प्रवेश के लिए प्रस्थान से पहले पारंपरिक वीजा की आवश्यकता नहीं है, तो उसे 1 अंक मिलता है। इसमें निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:
- वीजा-मुक्त यात्रा (Visa-Free Entry)
- आगमन पर वीजा (Visa on Arrival – VoA)
- इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकरण (ETA) [
- पूर्व-वीजा अनिवार्य (स्कोर = 0): यदि यात्रा से पहले सरकारी दूतावास से पारंपरिक वीजा या ई-वीजा (जिसके लिए सरकारी स्वीकृति का इंतजार करना पड़े) लेना आवश्यक हो, तो स्कोर 0 दिया जाता है।
भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त देश (Visa-Free Travel for Indians):
अक्टूबर 2026 के अपडेट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारक बिना किसी पूर्व-वीजा झंझट के 55 गंतव्यों की यात्रा कर सकते हैं। इन देशों में पूर्ण वीजा-मुक्त प्रवेश या आगमन पर वीजा (Visa on Arrival) की सुविधाएं शामिल हैं। प्रमुख सुलभ देश निम्नलिखित हैं:
- एशियाई और पड़ोसी देश: भूटान, नेपाल, थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, कजाकिस्तान, लाओस, कंबोडिया, मकाऊ (एसएआर चीन), श्रीलंका, कतर, जॉर्डन।
- अफ्रीकी राष्ट्र: मॉरीशस, सेशेल्स, केन्या, तंजानिया, रवांडा, अंगोला, इथियोपिया, बुरुंडी, जिम्बाब्वे, सेनेगल।
- कैरेबियाई और प्रशांत महासागरीय देश: बारबाडोस, डोमिनिका, फिजी, ग्रेनाडा, हैती, जमैका, त्रिनिदाद और टोबैगो, वानुअतु, समोआ, माइक्रोनेशिया।
वैश्विक परिदृश्य 2026: शीर्ष और सबसे कमजोर पासपोर्ट
| रैंक | देश | वीजा-मुक्त गंतव्य स्कोर |
| 1 | सिंगापुर (Singapore) | 193 |
| 2 | जापान, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | 188 |
| 3 | स्वीडन (Sweden) | 187 / 186 |
| 4 | यूनाइटेड किंगडम (UK) | (रैंकिंग में दो पायदान का सुधार) |
| 8 | संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) | (पिछले दशक से लगातार गिरावट जारी) |
| 106 | अफगानिस्तान (Afghanistan) | 22 (दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट) |
विशेष बिंदु: यूएई (UAE) पिछले दो दशकों में सबसे बड़ी छलांग लगाने वाला देश रहा है, जिसने कूटनीतिक उदारीकरण के बल पर शीर्ष 5 में अपनी जगह बनाई है।
रैंकिंग में गिरावट या सीमित सुधार के मुख्य कारण:
- पारस्परिक वीज़ा नीतियों का अभाव (Lack of Reciprocity): भारत कई देशों के नागरिकों को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘ई-वीजा’ या ‘वीजा-ऑन-अराइवल’ देता है, लेकिन बदले में उन विकसित देशों से भारतीय नागरिकों को वैसी रियायतें नहीं मिलतीं। हाल ही में जारी हेनले ओपनेस इंडेक्स (Henley Openness Index) में भारत को 97 में से 94वां स्थान मिला है, क्योंकि भारत केवल बहुत सीमित देशों को ही पूर्ण वीजा-मुक्त प्रवेश देता है।
- सुरक्षा और अवैध प्रवासन संबंधी चिंताएं: विकसित पश्चिमी देश (जैसे शेंगेन क्षेत्र, अमेरिका, कनाडा) भारतीय आबादी के बड़े आकार और अवैध रूप से वहां ओवरस्टे (Overstay) करने या शरण मांगने की चिंताओं के कारण अपनी वीजा नीतियों को अत्यधिक सख्त रखते हैं।
- आर्थिक असमानता और प्रति व्यक्ति आय: पासपोर्ट की शक्ति सीधे तौर पर देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी (Per Capita GDP) से जुड़ी होती है। उच्च आय वाले देशों के नागरिकों को विकसित देश ‘कम जोखिम वाला यात्री’ मानते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Henley Passport Index 2026 में भारत की रैंक क्या है?
Ans: अक्टूबर 2026 की नवीनतम व्यापक वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार भारत 84वें स्थान पर है।
Q2. भारतीय पासपोर्ट 84वें स्थान पर पहुंचने का व्यावहारिक अर्थ क्या है?
Ans: इसका अर्थ है कि भारत ने पिछले वर्ष (85वें स्थान) के मुकाबले सापेक्षिक तौर पर एक रैंक का सुधार किया है, लेकिन अन्य देशों के नियमों में बदलाव के कारण अब भारतीय बिना पूर्व-वीजा के सिर्फ 55 देशों में जा सकते हैं, जो पहले 57 था।
Q3. भारतीय पासपोर्ट धारक कितने देशों में Visa-Free Travel कर सकते हैं?
Ans: भारतीय नागरिक वर्तमान में 55 गंतव्यों में बिना किसी पूर्व-पारंपरिक वीजा के (वीजा-मुक्त, वीजा-ऑन-अराइवल या ईटीए के माध्यम से) यात्रा कर सकते हैं।
Q4. दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट किस देश का है?
Ans: सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे शक्तिशाली है, जिसके नागरिकों को 193 गंतव्यों तक वीजा-मुक्त पहुंच प्राप्त है।
