ILO Global Employment Trends for Youth 2026 रिपोर्ट जारी- प्रमुख चुनौतियां एवं सुझाव
संदर्भ:
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization – ILO) ने वैश्विक युवा रोजगार बाजार का विश्लेषण करने वाली अपनी द्विवार्षिक फ्लैगशिप रिपोर्ट ‘ग्लोबल एंप्लॉयमेंट ट्रेंड्स फॉर यूथ 2026: बैक टू द फ्यूचर’ (Global Employment Trends for Youth 2026: Back to the Future) जारी की. इस रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर युवाओं के रोजगार की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में आ रही गिरावट को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई.
ILO Youth Employment Report 2026 के मुख्य बिंदु:
- वैश्विक युवा बेरोजगारी दर (Global Youth Unemployment Rate 2026): वर्ष 2025 में वैश्विक युवा बेरोजगारी दर बढ़कर 12.4 प्रतिशत तक पहुँच गई है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि दुनिया भर में लगभग 6.7 करोड़ (67 मिलियन) युवा वर्तमान में पूरी तरह बेरोजगार हैं.
- NEET (रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण से बाहर) दर: ऐसे युवाओं की संख्या जो न तो किसी रोजगार में हैं, न ही शिक्षा या प्रशिक्षण ले रहे हैं (Not in Employment, Education, or Training – NEET), वर्ष 2025 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई है. वैश्विक स्तर पर यह संख्या लगभग 25.7 करोड़ (257 मिलियन) है, जो 2023 की तुलना में 90 लाख अधिक है.
- व्यापक लैंगिक अंतराल (Gender Gap): NEET श्रेणी के अंतर्गत आने वाले युवाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी अत्यधिक चिंताजनक है. कुल NEET युवाओं में दो-तिहाई से अधिक संख्या युवा महिलाओं की है, जो सामाजिक और संरचनात्मक बाधाओं को रेखांकित करती है.
- युवा बनाम वयस्क बेरोजगारी अनुपात: वयस्कों की तुलना में युवाओं में बेरोजगारी की संभावना 3.43 गुना अधिक दर्ज की गई है. इसका सीधा अर्थ यह है कि युवाओं को रोजगार बाजार (Youth Labour Market) में प्रवेश करने में वयस्कों की तुलना में तीन गुना से अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का जोखिम: 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं की कुल नौकरियों में से 6.1 प्रतिशत नौकरियां एआई-संचालित कार्य प्रतिस्थापन (AI-driven task replacement) के अत्यधिक जोखिम के दायरे में हैं.
- चुनौतियाँ: रिपोर्ट ने आज के युवाओं के समक्ष आने वाली समकालीन Youth Employment Crisis का गहराई से विश्लेषण किया है:
- भर्ती में तकनीकी प्रतिस्थापन: कंपनियां अब प्रारंभिक स्तर के प्रशासनिक, डेटा एंट्री और कोडिंग से जुड़े कार्यों के लिए मानव कार्यबल के स्थान पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक सस्ते और कुशल विकल्प के रूप में अपना रही हैं.
- अवसरों का सिकुड़ना: एआई के प्रभाव (AI Impact on Youth Jobs) के कारण स्नातक पूरा करने वाले नए युवाओं के लिए पारंपरिक ‘एंट्री-लेवल जॉब्स’ (Entry-Level Jobs) के अवसर तेजी से खत्म हो रहे हैं, जिससे स्कूल-से-कार्य संक्रमण (School-to-Work Transition) अत्यधिक कठिन हो गया है.
- अनुभव की अनुचित मांग: नियोक्ता (Employers) अब शुरुआती पदों (Entry-level Positions) के लिए भी पहले से व्यावसायिक अनुभव या विशिष्ट डिजिटल कौशल (Digital Skills) की मांग कर रहे हैं. अनुभव के अभाव के कारण फ्रेशर्स रोजगार चक्र से बाहर हो जाते हैं.
- असुरक्षित कार्यबल: निम्न और मध्यम आय वाले देशों में युवाओं के पास रोजगार के नाम पर केवल अनौपचारिक क्षेत्र (Informal Sector) ही बचता है, जहां सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, या न्यूनतम वेतन का कोई विधिक संरक्षण नहीं होता.
- सुझाव: ILO Decent Work for Youth के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रिपोर्ट में निम्नलिखित त्रिस्तरीय रणनीति का सुझाव दिया गया है:
- मानव-केंद्रित AI शासन (Human-Centered AI Governance): सरकारों को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जहां एआई मानव श्रम को पूरी तरह विस्थापित करने के बजाय उसकी उत्पादकता बढ़ाने (Augmentation) में सहायक बने.
- डिजिटल कौशल और शिक्षुता (Apprenticeships): राष्ट्रीय शिक्षा प्रणालियों को उद्योगों के साथ जोड़कर इंटर्नशिप और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को अनिवार्य बनाया जाए, ताकि ‘जॉब एक्सपीरियंस इन्फ्लेशन’ को कम किया जा सके.
- रोजगार सृजन (Job Creation) में निवेश: हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy), नवीकरणीय ऊर्जा और देखभाल अर्थव्यवस्था (Care Economy) जैसे उभरते क्षेत्रों में सरकारी निवेश के माध्यम से युवाओं के लिए गरिमापूर्ण रोजगार सृजित किए जाएं. [6, 9]
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के बारे में:
- परिचय: यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की एकमात्र त्रिपक्षीय (Tripartite) विशिष्ट एजेंसी है. यह श्रम मानकों को निर्धारित करने, नीतियां विकसित करने और सभी महिलाओं और पुरुषों के लिए सभ्य कार्य (Decent Work) को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम तैयार करने के लिए 187 सदस्य देशों की सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिकों को एक साथ लाती है.
- स्थापना: इसकी स्थापना वर्ष 1919 में वर्साय की संधि (Treaty of Versailles) के तहत लीग ऑफ नेशंस की एक संबद्ध एजेंसी के रूप में की गई थी. वर्ष 1946 में यह संयुक्त राष्ट्र की पहली विशिष्ट एजेंसी बनी.
- मुख्यालय: इसका मुख्यालय जेनेवा, स्विट्जरलैंड में स्थित है.
- रिपोर्ट: Global Employment Trends for Youth रिपोर्ट ILO के ‘रोजगार नीति विभाग’ (Employment Policy Department) द्वारा तैयार की जाती है.
- इसके लिए दुनिया भर के देशों के राष्ट्रीय श्रम बल सर्वेक्षणों (Labour Force Surveys), आधिकारिक सांख्यिकीय इनपुट और आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के वैश्विक डेटा का उपयोग किया जाता है.
- अर्थमितीय मॉडलिंग (Econometric Modelling) और क्षेत्रीय श्रम बाजार के रुझानों का विश्लेषण करके भविष्य के युवा रोजगार परिदृश्य (Future of Youth Employment) का अनुमान लगाया जाता है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Global Employment Trends for Youth 2026 रिपोर्ट क्या है?
उत्तर: यह अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक द्विवार्षिक फ्लैगशिप रिपोर्ट है जो वैश्विक स्तर पर युवाओं (15-24 वर्ष) के रोजगार, बेरोजगारी और श्रम बाजार के रुझानों का व्यापक विश्लेषण करती है.
प्रश्न 2: ILO ने Youth Employment Trends 2026 रिपोर्ट क्यों जारी की?
उत्तर: वैश्विक आर्थिक सुस्ती, तकनीकी बदलावों और धीमी रोजगार सृजन (Job Creation) दर के बीच युवाओं को सभ्य कार्य (Decent Work) मिलने में आ रही बाधाओं के प्रति सचेत करने के लिए इसे जारी किया गया है.
प्रश्न 3: Global Youth Unemployment 2026 की स्थिति क्या है?
उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक युवा बेरोजगारी दर 12.4 प्रतिशत पर पहुँच चुकी है, जिससे दुनिया भर के लगभग 6.7 करोड़ युवा सीधे प्रभावित हैं.
प्रश्न 4: ILO की रिपोर्ट में युवाओं के रोजगार को लेकर क्या कहा गया है?
उत्तर: रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि युवाओं के लिए नौकरियों की संख्या और गुणवत्ता दोनों में गिरावट आई है और प्रत्येक 5 में से 1 युवा (20%) वर्तमान में शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण (NEET) से पूरी तरह बाहर है.
प्रश्न 5: AI का Youth Employment पर क्या असर पड़ रहा है?
उत्तर: एआई के कारण युवाओं की लगभग 6.1 प्रतिशत नौकरियां सीधे विस्थापन के खतरे में हैं, जिससे प्रारंभिक करियर स्तर पर कार्यबल की मांग प्रभावित हो रही है.
प्रश्न 6: क्या Artificial Intelligence से Entry-Level Jobs को खतरा है?
उत्तर: हाँ, कंपनियां बुनियादी प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के संचालन के लिए मानव श्रम के स्थान पर किफायती एआई उपकरणों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे नए स्नातकों के लिए शुरुआती अवसर (Entry-Level Jobs) सिमट रहे हैं.
