भारत-कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास CINBAX-II

संदर्भ:
हाल ही में भारत-कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास, CINBAX-II का दूसरा संस्करण, 4 मई 2026 को कंबोडिया में आधिकारिक रूप से शुरू हुआ।
CINBAX-II संबंधी मुख्य विवरण:
- अवधि और स्थान: यह 14 दिवसीय अभ्यास 4 से 17 मई 2026 तक कंबोडिया के कंपोंग स्पू (Kampong Speu) प्रांत में टेचो सेन फ्नोम थोम म्रियास प्रोव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स ट्रेनिंग सेंटर (Camp Basil) में आयोजित किया जा रहा है।
- नामकरण: CINBAX का पूर्ण रूप ‘Cambodia-India Bilateral Army Exercise’ है।
- प्रतिभागी दल:
- भारतीय सेना: 120 सैन्य कर्मियों का दल, जिसमें मुख्य रूप से मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन शामिल है।
- रॉयल कंबोडियन आर्मी: कंबोडिया की ओर से 160 सैन्य कर्मी इसमें भाग ले रहे हैं।
- प्रथम संस्करण (CINBAX-2024): भारत-कंबोडिया के बीच पहला सैन्य अभ्यास दिसंबर 2024 में पुणे, भारत में आयोजित किया गया था। यह मुख्य रूप से एक ‘टेबल-टॉप एक्सरसाइज’ (Table Top Exercise – TTX) थी, जिसका उद्देश्य योजना और खुफिया समन्वय पर चर्चा करना था।
अभ्यास के प्रमुख उद्देश्य:
- इंटरऑपरेबिलिटी और तालमेल: दोनों सेनाओं के बीच परिचालन संबंधी तालमेल (Operational Synergy) को बढ़ाना और साझा प्रक्रियाओं को विकसित करना।
- संयुक्त राष्ट्र अधिदेश (UN Mandate): यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII (Chapter VII) के तहत संचालित किया जा रहा है, जो शांति स्थापना के लिए बल प्रयोग और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित है।
- कौशल प्रशिक्षण: इस संस्करण में आधुनिक युद्ध तकनीकों जैसे ड्रोन संचालन (Drone Operations), मोर्टार हैंडलिंग और स्नाइपर रणनीति पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- अर्ध-शहरी परिवेश में ऑपरेशन: मुख्य रूप से अर्ध-शहरी (Semi-Urban) वातावरण में आतंकवाद विरोधी गतिविधियों और विद्रोह विरोधी अभियानों का अभ्यास करना।
रणनीतिक महत्व:
- Act East Policy: कंबोडिया दक्षिण-पूर्वी एशिया में भारत का एक प्रमुख साझेदार है। यह अभ्यास इस क्षेत्र में भारत के बढ़ते सुरक्षा पदचिह्न (Security Footprint) को दर्शाता है।
- रक्षा कूटनीति: भारत अपनी स्वदेशी हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन करके कंबोडिया के साथ ‘रक्षा क्षमता निर्माण’ (Capacity Building) में भी सहयोग कर रहा है।
- क्षेत्रीय स्थिरता: दक्षिण चीन सागर के निकट स्थित कंबोडिया के साथ सैन्य संबंध मजबूत करना इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।