India first LNG-Diesel dual-fuel DEMU train successfully operated
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय रेलवे ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती में देश की पहली LNG-डीजल डुअल-फ्यूल DEMU (Diesel Electric Multiple Unit) ट्रेन का सफल संचालन किया। यह सफलता भारत के 2030 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
LNG-डीजल डुअल-फ्यूल DEMU ट्रेन क्या हैं?
LNG-डीजल डुअल-फ्यूल DEMU ट्रेन एक आधुनिक हाइब्रिड तकनीक वाली ट्रेन है जिसे भारतीय रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए विकसित किया गया है। इस ट्रेन का इंजन दो प्रकार के ईंधन (तरलीकृत प्राकृतिक गैस – LNG और डीजल) के मिश्रण पर चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस परियोजना के विकासकर्ता:
इस परियोजना का विकास मुख्य रूप से भारतीय रेलवे के आंतरिक संस्थानों द्वारा किया गया है:
- अहमदाबाद मंडल (Western Railway): साबरमती स्थित इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो (ICD) ने इंजन की रेट्रोफिटिंग और सफल रूपांतरण का कार्य संपन्न किया।
- RDSO (Research Designs and Standards Organisation): लखनऊ स्थित इस निकाय ने इंजन के परीक्षण, सुरक्षा मानकों और उत्सर्जन मानदंडों को प्रमाणित किया है।
- IROAF (Indian Railways Organization for Alternate Fuels): रेलवे की यह इकाई वैकल्पिक ईंधन तकनीकों (जैसे CNG और LNG) के कार्यान्वयन की देखरेख करती है।
LNG-डीजल डुअल-फ्यूल DEMU ट्रेन की विशेषताएं:
- इंजन क्षमता: यह 1,400 हॉर्स पावर (HP) क्षमता वाली DEMU ट्रेन है।
- ईंधन मिश्रण: इसमें लगभग 40% डीजल की जगह तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का उपयोग किया जा रहा है।
- टैंक क्षमता और रेंज: ड्राइविंग पावर कार (DPC) में 2,200 लीटर का LNG टैंक स्थापित किया गया है। एक बार फुल टैंक होने पर यह ट्रेन लगभग 2,200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।
- सफल परीक्षण: इस प्रणाली का 2,000 किलोमीटर से अधिक का व्यापक फील्ड ट्रायल किया गया, जिसके बाद इसे नियमित यात्री सेवा में शामिल किया गया है।
इसका महत्व:
- उत्सर्जन में कमी: यह ट्रेन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) के उत्सर्जन में भारी कटौती करती है।
- वायु गुणवत्ता: रेल मार्गों के आसपास वायु प्रदूषण कम होने से हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
- स्वच्छ ऊर्जा: LNG कोयले और भारी तेल की तुलना में कहीं अधिक स्वच्छ ईंधन है, जो जलने पर बहुत कम राख और हानिकारक कण छोड़ता है।
- लागत में बचत: LNG डीजल की तुलना में सस्ती है। अनुमान के अनुसार, एक 8-कोच वाली DEMU ट्रेन में सालाना लगभग 23.9 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है।
- स्विचिंग की सुविधा: यह प्रणाली आवश्यकतानुसार LNG और डीजल के बीच आसानी से स्विच कर सकती है, जिससे परिचालन में कोई बाधा नहीं आती।
- सतत परिवहन: यह परियोजना भारत की हरित गतिशीलता (Green Mobility) रणनीति का हिस्सा है।
- तकनीकी आत्मनिर्भरता: इस प्रणाली का विकास और रेट्रोफिटिंग भारतीय रेलवे के तकनीकी कौशल को प्रदर्शित करता है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- नेट जीरो विजन: रेलवे ने 2030 तक पूरी तरह हरित होने का संकल्प लिया है, जिसमें मिशन 100% विद्युतीकरण और हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज जैसी पहलें भी शामिल हैं।

