भारत-इक्वाडोर संबंध | India–Ecuador relations

संदर्भ:
हाल ही में इक्वाडोर की विदेश मामलों और मानव गतिशीलता मंत्री, गैब्रिएला सोमरफेल्ड (Gabriela Sommerfeld), भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुँची। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देना है ।
भारत-इक्वाडोर संबंध:
- स्थापना: दोनों देशों ने 1969 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। भारत ने नवंबर 2025 में इक्वाडोर की राजधानी क्विटो (Quito) में अपना पूर्णकालिक रेजिडेंट दूतावास खोला है। इससे पहले भारत का दूतावास कोलंबिया (बोगोटा) से ही इक्वाडोर के कार्यों को देखता था।
- उच्च स्तरीय दौरे: नवंबर 2025 में भारत के विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा की क्विटो यात्रा और वर्तमान में (अप्रैल 2026) इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड की भारत यात्रा कूटनीतिक गहराई को दर्शाती है।
- व्यापार का परिमाण: वर्ष 2022-23 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग $1.42 बिलियन तक पहुँच गया था, हालांकि 2024-25 में आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण इसमें कुछ कमी (लगभग $668 मिलियन) देखी गई।
- भारत के मुख्य निर्यात: वाहन (Cars & Motorcycles), दवाएं (Pharmaceuticals), लोहा और इस्पात, प्लास्टिक और रसायन।
- भारत के मुख्य आयात: कच्चा तेल (Crude Oil – कुल आयात का 50% से अधिक), कच्ची लकड़ी (Rough Wood/Teak), कोको बीन्स, सोना और कीमती धातुएं।
- JETCO: व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने ‘संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति’ (Joint Economic and Trade Committee) के माध्यम से कई बैठकें की हैं।
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द्विपक्षीय समझौते: हाल के वर्षों में हस्ताक्षरित महत्वपूर्ण समझौते:
- राजनयिक प्रशिक्षण: नवंबर 2025 में दोनों देशों के राजनयिक प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग के लिए MoU।
- पारंपरिक चिकित्सा: आयुर्वेद और योग को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय के साथ समझौता।
- कृषि: 2008 में हस्ताक्षरित कृषि सहयोग समझौता जो आज भी सक्रिय है।
रणनीतिक और तकनीकी सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
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क्षेत्र |
विवरण |
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ऊर्जा और खनन |
इक्वाडोर के पास विशाल तेल और खनिज (तांबा, चांदी) भंडार हैं, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। |
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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर |
इक्वाडोर भारत के UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को अपनाने में गहरी रुचि दिखा रहा है। |
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स्वास्थ्य (Health) |
भारत को “दुनिया की फार्मेसी” मानते हुए इक्वाडोर सस्ती जेनेरिक दवाओं के लिए भारत के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। |
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अंतरिक्ष (Space) |
ISRO और इक्वाडोर के बीच अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उपग्रह डेटा साझा करने के लिए सहयोग चल रहा है। |
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अक्षय ऊर्जा |
इक्वाडोर अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का सदस्य बनने की प्रक्रिया में है और भारत के सौर ऊर्जा अनुभव का लाभ उठाना चाहता है। |
रणनीतिक महत्व:
- ग्लोबल साउथ (Global South): भारत अपनी ‘एक्ट लैटिन अमेरिका’ नीति के तहत इक्वाडोर को वैश्विक दक्षिण की आवाज बुलंद करने के लिए एक सहयोगी के रूप में देखता है।
- चीनी प्रभाव का संतुलन: लैटिन अमेरिका में बढ़ते चीनी निवेश के बीच, भारत का इक्वाडोर के साथ मजबूत होना रणनीतिक संतुलन के लिए जरूरी है।
- प्रशांत महासागर तक पहुंच: इक्वाडोर की भौगोलिक स्थिति भारत को प्रशांत रिम (Pacific Rim) के बाजारों तक पहुंच प्रदान करती है।
इक्वाडोर:
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