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स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (Indigenous Cruise Missile)

स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (Indigenous Cruise Missile)

Indigenous Cruise Missile

संदर्भ:

हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण (Flight-Test) किया।

स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) क्या हैं?

  • परिचय: लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) भारत द्वारा पूर्णतः घरेलू स्तर पर विकसित एक सबसोनिक, सतह से सतह पर मार करने वाली लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है।
    • यह मिसाइल हवा में कम ऊंचाई पर उड़ते हुए दुश्मन के रडार को चकमा देकर जमीनी ठिकानों पर अत्यधिक सटीकता से हमला (Precision Strike) करने के लिए डिज़ाइन की गई है। 
    • तकनीकी रूप से यह अमेरिका की ‘टॉमहॉक’ (Tomahawk) और रूस की ‘कैलिबर’ (Kalibr) मिसाइलों के समकक्ष है।
  • मुख्य उद्देश्य: दुश्मन के नियंत्रण वाले दूरस्थ रणनीतिक और उच्च मूल्य वाले सैन्य ठिकानों (High-Value Land Targets) को गहराई में जाकर नष्ट करना।
    • भारतीय सशस्त्र बलों को सुरक्षित दूरी पर रहते हुए सटीक हमला करने की क्षमता प्रदान करना ताकि लॉन्च प्लेटफॉर्म और कर्मियों को न्यूनतम जोखिम हो।
    • जटिल प्रोपल्शन (Propulsion) और सीकर (Seeker) तकनीक में विदेशी आयात पर निर्भरता खत्म करना।
  • निर्माता: यह मिसाइल परियोजना रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा स्वीकृत एक ‘मिशन मोड प्रोजेक्ट’ (Mission Mode Project) है। 
  • इसका डिज़ाइन और विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की बेंगलुरु स्थित प्रयोगशाला एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) द्वारा किया गया है।
  • अन्य DRDO प्रयोगशालाओं (जैसे RCI और DRDL) ने इसके विभिन्न सब-सिस्टम विकसित किए हैं।
  • इसके औद्योगिक एकीकरण और स्थानीय विनिर्माण के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों—भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को मुख्य विकास साझेदार बनाया गया है। 

Land Attack Cruise Missile की प्रमुख विशेषताएं:

  • मारक क्षमता (Range): इस मिसाइल की मारक क्षमता 1,000 से 1,500 किलोमीटर तक है।
  • आकार और वजन: इसकी लंबाई लगभग 6 मीटर, व्यास 0.52 मीटर और कुल वजन लगभग 1 टन है। इसके डैने (Wings) फोल्ड होने वाले (Fold-out Wings) हैं जो लॉन्च के बाद खुलते हैं।
  • प्रणोदन प्रणाली (Propulsion): मिसाइल में शुरुआती थ्रस्ट के लिए एक सॉलिड-फ्यूल बूस्टर और निरंतर लंबी दूरी की उड़ान के लिए स्वदेशी माणिक स्मॉल टर्बोफैन इंजन (STFE) लगाया गया है।
  • नेविगेशन और गाइडेंस (Navigation & Guidance): यह ऑटोनॉमस वे-पॉइंट नेविगेशन (Way-point Navigation) पर काम करती है। इसमें स्वदेशी रिंग लेजर जाइरोस्कोप (RLG) आधारित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS), सैटेलाइट (GPS/NavIC) लिंकेज और टर्मिनल चरण में सटीक प्रहार के लिए अपग्रेडेड रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर शामिल है।
  • उड़ान प्रोफ़ाइल (Flight Profile): यह लगभग 0.7 मैक (Mach) की सबसोनिक गति से उड़ती है। यह जमीन से मात्र 100 मीटर की ऊंचाई पर टेरेन-हगिंग (Terrain-Hugging) यानी जमीन की रूपरेखा के समानांतर उड़ने की क्षमता रखती है।
  • पेलोड लचीलापन: यह पारंपरिक (Conventional) और रणनीतिक (Nuclear) दोनों प्रकार के 200 से 450 किलोग्राम तक के आयुध ले जाने में सक्षम है।
  • मल्टी-प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च: मिसाइल को जमीन पर आधारित मोबाइल आर्टिकुलेटेड लॉन्चर (Mobile Articulated Launcher) और नौसेना के युद्धपोतों पर मौजूद यूनिवर्सल वर्टिकल लॉन्च मॉड्यूल (UVLM) दोनों से दागा जा सकता है। [
  • लोइटरिंग क्षमता (Loitering Capability): हमले से पहले यह हवा में कुछ समय मंडराने (Loiter) और लक्ष्य की पुष्टि करने के बाद अंतिम प्रहार करने की अनूठी क्षमता रखती है। 

इस Indian Defence Technology का महत्व:

  • त्रि-सेवा प्रभावशीलता: यह मुख्य रूप से भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की रणनीतिक आवश्यकताओं को पूरा करती है, जिससे हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में भारत की मारक शक्ति को मजबूती मिलेगी।
  • ब्रह्मोस की पूरक: ब्रह्मोस जहां तेज और अत्यधिक विनाशकारी है, वहीं LRLACM कम परिचालन लागत (Lifecycle Cost) में लंबी दूरी तक मँडराकर सटीक हमला करने का एक किफायती और प्रभावी विकल्प देती है।
  • सैन्य निवारक (Deterrence): प्रतिकूल देशों की सीमाओं के भीतर रणनीतिक कमांड सेंटरों, लॉजिस्टिक्स हब और एयरफील्ड को निशाना बनाने की क्षमता भारत की रक्षात्मक और आक्रामक प्रतिरोधक क्षमता को अत्यधिक बढ़ा देती है।

FAQs:

1: लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) क्या है?
यह भारत की स्वदेशी, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली अत्याधुनिक सबसोनिक जमीनी हमलावर क्रूज मिसाइल है। 

2: इसकी मारक क्षमता कितनी है?
इस अत्याधुनिक मिसाइल की मारक क्षमता 1,000 से 1,500 किलोमीटर तक आंकी गई है। 

3: इसे किसने विकसित किया है?
इसे DRDO की नोडल प्रयोगशाला ADE (बेंगलुरु) ने घरेलू औद्योगिक साझेदारों के साथ मिलकर विकसित किया है।

4: यह भारत की सुरक्षा को कैसे मजबूत करेगी?
यह सेनाओं को सुरक्षित दूरी से दुश्मन के गहरे रणनीतिक ठिकानों पर अचूक डीप-स्ट्राइक करने की स्वदेशी क्षमता देगी।

5: इसकी प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
इसमें माणिक टर्बोफैन इंजन, रडार से बचने की टेरेन-हगिंग क्षमता और सटीक नेविगेशन प्रणाली शामिल है।

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