International Snow Leopard Day: उद्देश्य, शुरुआत, स्थिति एवं संरक्षण
संदर्भ:
23 अक्टूबर 2026 को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस (International Snow Leopard Day) मनाया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस: इतिहास एवं उद्देश्य:
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Snow Leopard Day History):
- बिश्केक घोषणापत्र (Bishkek Declaration): वर्ष 2013 में किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित प्रथम वैश्विक हिम तेंदुआ मंच (Global Snow Leopard Forum) के दौरान 12 देशों ने एक ऐतिहासिक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए।
- घोषणा और शुरुआत: इस मंच ने हिम तेंदुए के संरक्षण के लिए ‘ग्लोबल स्नो लेपर्ड एंड इकोसिस्टम प्रोटेक्शन प्रोग्राम’ (Global Snow Leopard and Ecosystem Protection Program – GSLEP) की शुरुआत की।
- इसी सम्मेलन के उपलक्ष्य में 23 अक्टूबर 2014 को पहला अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस (International Snow Leopard Day October 23) मनाया गया और तब से यह हर साल मनाया जा रहा है।
- मुख्य उद्देश्य (Snow Leopard Day Objective):
- पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण: हिम तेंदुए को उनके ऊंचे पर्वतीय आवासों का स्वास्थ्य सूचक माना जाता है। इनके संरक्षण से पूरे हिमालयी वन्यजीव संरक्षण (Himalayan Wildlife Conservation) को मजबूती मिलती है।
- जागरूकता और जनभागीदारी: पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय समुदायों को संरक्षण अभियानों में भागीदार बनाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना।
हिम तेंदुए की विशेषताएं और स्थिति:
- वैज्ञानिक नाम: पैंथेरा अनसिया (Panthera uncia)
- आवाज: यह शेर या बाघ की तरह दहाड़ नहीं सकता; इसकी जगह यह ‘चफ’ या फुफकार जैसी आवाज निकालता है।
- शारीरिक बनावट: घने बाल (अत्यधिक ठंड से बचाव के लिए), चौड़े पंजे (बर्फ पर चलने में सहायक) और लंबा व भारी पूंछ (संतुलन बनाने के लिए)।
- पहाड़ों का भूत: हिम तेंदुए को उनकी रहस्यमयी प्रकृति, पत्थरों के बीच आसानी से छिप जाने वाले छलावरण (Camouflage) और इंसानी बस्तियों से दूर रहने के स्वभाव के कारण ‘घोषत ऑफ द माउंटेन्स’ (Ghost of the Mountains) कहा जाता है।
- संरक्षण स्थिति (Conservation Status):
- IUCN रेड लिस्ट: इसे ‘सुभेद्य’ (Snow Leopard Vulnerable Species) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
- CITES: इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए इसे परिशिष्ट-I (Appendix-I) में रखा गया है।
- भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: यह भारत में अनुसूची-I (Schedule-I) के तहत सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्राप्त जीव है।
- प्राकृतिक आवास और वैश्विक वितरण (Snow Leopard Habitat): हिम तेंदुए मध्य और दक्षिण एशिया के 12 देशों के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं: भारत, नेपाल, भूटान, चीन, मंगोलिया, रूस, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान।
- यह आमतौर पर समुद्र तल से 3,000 से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ऊबड़-खाबड़ और चट्टानी इलाकों में निवास करते हैं।
भारत में हिम तेंदुए की स्थिति (Snow Leopard Status in India):
- जनसंख्या जनगणना (Snow Leopard Census): पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी ‘भारत में हिम तेंदुओं की स्थिति रिपोर्ट’ (Snow Leopard Population Census) के अनुसार, भारत में कुल 718 हिम तेंदुए अनुमानित हैं।
- राज्यवार वितरण (Snow Leopard Population in India):
- लद्दाख: 477 (सर्वाधिक)
- उत्तराखंड: 124
- हिमाचल प्रदेश: 51
- अरुणाचल प्रदेश: 36
- सिक्किम: 21
- जम्मू और कश्मीर: 9
- भारत के प्रमुख संरक्षण कार्यक्रम (Snow Leopard Protection Programme):
- प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड (Project Snow Leopard India): इसे भारत सरकार द्वारा वर्ष 2009 में जैव-विविधता संरक्षण के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी के साथ शुरू किया गया था।
- सुरक्षित हिमालय (SECURE Himalaya): वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) और UNDP के सहयोग से संचालित यह परियोजना उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थानीय आजीविका और हिम तेंदुआ संरक्षण (Snow Leopard Conservation) को एकीकृत करती है।
हिम तेंदुए के सामने प्रमुख खतरे:
- जलवायु परिवर्तन (Climate Change): वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण हिमालय की बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे ‘ट्री-लाइन’ (Tree-line) ऊपर की ओर खिसक रही है और इनका प्राकृतिक शिकार क्षेत्र सिकुड़ रहा है।
- आवास विखंडन और रैखिक अवसंरचना: सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों, बांधों और सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण से उनका प्राकृतिक गलियारा (Corridor) खंडित हो रहा है।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष और अवैध शिकार: घरेलू मवेशियों (जैसे याक और भेड़) पर हमले के कारण स्थानीय चरवाहों द्वारा प्रतिशोधात्मक हत्याएं (Retaliatory Killing) की जाती हैं।
- इसके अतिरिक्त, उनकी हड्डियों और बेशकीमती खाल के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवैध शिकार (Poaching) एक बड़ा खतरा बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: International Snow Leopard Day कब मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?
उत्तर: यह हर साल 23 अक्टूबर को मनाया जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2013 में 12 देशों द्वारा हस्ताक्षरित बिश्केक घोषणापत्र के बाद 2014 से हुई.
प्रश्न 2: International Snow Leopard Day 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य हिम तेंदुए के बहुमूल्य पर्वतीय आवासों का संरक्षण करना, अवैध शिकार रोकना और जलवायु परिवर्तन के खतरों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है।
प्रश्न 3: भारत में Snow Leopard की अनुमानित Population कितनी है?
उत्तर: भारत में हिम तेंदुओं की पहली वैज्ञानिक गणना (Snow Leopard Population Census) के अनुसार देश में इनकी कुल अनुमानित आबादी 718 है, जिसमें सर्वाधिक 477 लद्दाख में हैं।
प्रश्न 4: Snow Leopard को Ghost of the Mountains क्यों कहा जाता है?
उत्तर: उनके शरीर के अद्भुत छलावरण (Camouflage) रंग, अत्यंत शांत व्यवहार और दुर्गम बर्फीली चट्टानों में ओझल रहने की कला के कारण उन्हें ‘पहाड़ों का भूत’ कहा जाता है।
प्रश्न 5: हिम तेंदुए के प्राकृतिक Habitat और Distribution वाले देश कौन-कौन से हैं?
उत्तर: इनका प्राकृतिक आवास मध्य और दक्षिण एशिया के 12 देशों (जैसे भारत, चीन, मंगोलिया, नेपाल, किर्गिस्तान आदि) के ऊंचे चट्टानी और हिमालयी क्षेत्रों में फैला है।
