जापान-फिलीपींस रक्षा संबंध

संदर्भ:
हाल ही में जापान के रक्षा मंत्री शिनजीरो कोइज़ुमी और फिलीपींस के रक्षा सचिव गिलबर्टो टोडोरो जूनियर के बीच मनीला में एक ऐतिहासिक बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दक्षिण चीन सागर में बढ़ती क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को “अर्ध-गठबंधन” के स्तर पर ले जाना था। इस बैठक में कई समझौता पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रमुख समझौते और घटनाक्रम:
- विनाशक (Destroyer) निर्यात पर पैनल: दोनों देशों ने जापान के अबुकुमा-क्लास डिस्ट्रॉयर एस्कॉर्ट्स और विमानों के हस्तांतरण को बढ़ावा देने के लिए एक नए द्विपक्षीय कार्य समूह (Working Group) की स्थापना की है। यह जापान द्वारा अपनी घातक सैन्य उपकरण निर्यात नीति में 21 अप्रैल 2026 को किए गए बदलाव के बाद पहला बड़ा कदम है।
- RAA और ACSA का क्रियान्वयन: बैठक में रेसिप्रोकल एक्सेस एग्रीमेंट (RAA) और एक्विजिशन एंड क्रॉस-सर्विसिंग एग्रीमेंट (ACSA) के प्रभावी होने का स्वागत किया गया। RAA दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के क्षेत्र में तैनात होने और प्रशिक्षण की अनुमति देता है, जबकि ACSA सैन्य रसद (Logistics) के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है।
- अभ्यास बालिकतन 2026 (Exercise Balikatan): जापान ने पहली बार इस वार्षिक फिलीपींस-यूएस सैन्य अभ्यास में लगभग 1,400 सैनिकों के साथ पूर्ण प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लिया। इसमें जापान के आत्म-रक्षा बलों (JSDF) ने टाइप 88 एंटी-शिप मिसाइलों का उपयोग करते हुए लाइव-फायर ड्रिल भी की।
रणनीतिक महत्व:
- चीन का मुकाबला: यह सहयोग विशेष रूप से दक्षिण चीन सागर और पूर्व चीन सागर में चीन की आक्रामक गतिविधियों को संतुलित करने के लिए है।
- जापान की सुरक्षा नीति में बदलाव: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अपनी शांतिवादी नीति को बदलते हुए, जापान अब अपनी रक्षा क्षमताओं और निर्यात का विस्तार कर रहा है।
- बहुआयामी नेटवर्क: यह सहयोग अमेरिका-जापान-फिलीपींस के त्रिपक्षीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करता है, जो इंडो-पैसिफिक में नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
- भारत के लिए निहितार्थ: भारत के लिए, जापान और फिलीपींस जैसे समान विचारधारा वाले देशों का मजबूत होना एक “स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक” (FOIP) के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- यह गठबंधन भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” (Act East Policy) के अनुरूप है, जो इंडो-पैसिफिक में समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देती है।
- चीन की दक्षिण चीन सागर में बढ़ती गतिविधियों के कारण, जापान और फिलीपींस के बीच यह सहयोग भारत के लिए भी एक रणनीतिक लाभ (Strategic Advantage) है, क्योंकि यह क्षेत्र की सुरक्षा को संतुलित करता है।