राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (National e-Vidhan App)
संदर्भ:
हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (National e-Vidhan Application (NeVA)) को अपनाया। पश्चिम बंगाल इसे अपनाने वाली देश की 33वीं विधायिका (33rd legislature) बन गई है।
- यह कदम प्रधानमंत्री के “One Nation – One Application” (एक राष्ट्र – एक एप्लिकेशन) के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर है।
National e-Vidhan Application (NeVA) क्या है?
-
- परिचय: NeVA एक मिशन मोड प्रोजेक्ट (Mission Mode Project – MMP) है जो Digital India Programme के तहत संचालित हो रहा है।
- मंत्रालय: इसका नोडल मंत्रालय केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Parliamentary Affairs – MoPA) है।
- मूल उद्देश्य (Core Objective): देश की सभी राज्य विधानसभाओं और विधान परिषदों (37 विधायिकाओं) को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर पूरी तरह से कागज रहित (Paperless), पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना।
- तकनीकी अवसंरचना (Technical Infrastructure): यह एप्लिकेशन MeghRaj 2.0 (NIC Cloud) पर होस्ट की गई एक डिवाइस-न्यूट्रल और क्लाउड-फर्स्ट प्रणाली है। इसे मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर पर आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।
- भाषाई समावेशन (Linguistic Inclusivity): NeVA डिजिटल इंडिया के BHASHINI AI टूल के साथ एकीकृत है, जो स्थानीय भाषाओं (जैसे बंगाली, हिंदी, अंग्रेजी) में वास्तविक समय (Real-time) अनुवाद प्रदान करता है।
- प्रथम राज्य: मार्च 2022 में नागालैंड देश की पहली पूरी तरह पेपरलेस ई-विधानसभा बना था। वर्तमान में 21 विधायिकाएं पूरी तरह डिजिटल मोड में कार्य कर रही हैं।
- ई-साइन और डिजिटल हस्ताक्षर (e-Sign Integration): सदन के नोटिस, विधेयकों और आधिकारिक दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए इसमें ई-साइन (e-Sign) की सुविधा दी गई है।
- सुरक्षित लॉगिन (Role-Based Access): प्रत्येक विधायक (MLA), मंत्री और सचिवालय अधिकारी के लिए एक समर्पित भूमिका-आधारित लॉगिन (Role-based access) व्यवस्था है।
- फंडिंग पैटर्न: NeVA के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच फंडिंग (वित्तपोषण) का पैटर्न इस प्रकार है:
- सामान्य राज्य: केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60 : 40 है। (यानी 60% राशि केंद्र सरकार द्वारा और 40% राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है)।
- पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (विशेष श्रेणी): इन राज्यों के लिए यह अनुपात 90 : 10 है।
- केंद्रशासित प्रदेश (UT): बिना विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों के लिए यह 100% केंद्रीय वित्त पोषित योजना है।
NeVA के प्रमुख स्तंभ और कार्यप्रणाली:
NeVA विधायिका के भीतर सूचनाओं के आदान-प्रदान और दैनिक कार्यों को स्वचालित करता है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित कार्य डिजिटल प्रारूप में प्रबंधित किए जाते हैं:
- विधायी कामकाज (Legislative Business): तारांकित/अतारांकित प्रश्न (Questions & Answers), विधेयक (Bills), सूचनाएं (Notices), और संकल्प।
- सदन की सूचियां: कार्यसूची (List of Business) और दैनिक बुलेटिन।
- समिति प्रबंधन (Committee Business): संसदीय और विधायी समितियों की बैठकें, एजेंडा और उनकी रिपोर्ट डिजिटल रूप से उपलब्ध कराई जाती हैं।
- डिजिटल रिपोजिटरी (Digital Repository): सदन की पुरानी बहसों (Debates) और ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स का एक स्थाई डिजिटल संग्रह तैयार करना।
महत्व:
|
पारदर्शिता एवं जवाबदेही (Transparency & Accountability) |
सदन की कार्यवाही का लाइव स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन रिकॉर्ड नागरिकों के लिए उपलब्ध होता है, जिससे जनता और प्रतिनिधियों के बीच की दूरी कम होती है। |
|
वित्तीय व पर्यावरणीय लाभ (Eco-friendly Governance) |
भारी मात्रा में कागज की छपाई बंद होने से करोड़ों रुपयों के राजस्व की बचत होती है तथा पर्यावरण संरक्षण (Carbon Footprint में कमी) होता है। |
|
सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) |
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस परियोजना के वित्तीय मॉडल (Centrally Sponsored Scheme) पर काम करते हैं, जो प्रशासनिक एकता को सुदृढ़ करता है। |
|
स्मार्ट गवर्नेंस (SMART Governance) |
नौकरशाही और विधायी सचिवालयों के बीच फाइलों के त्वरित ट्रांसफर से समय की बचत (Time Efficiency) होती है और निर्णय प्रक्रिया तीव्र होती है। |
FAQs:
Q. राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन क्या है?
यह संसदीय कार्य मंत्रालय का मिशन मोड प्रोजेक्ट है, जो देश की सभी विधानसभाओं को एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाकर पूरी तरह कागज रहित (Paperless) बनाता है।
Q. How does National e-Vidhan Application work?
यह NIC के ‘मेघराज’ क्लाउड पर होस्टेड वर्कफ़्लो सिस्टम है, जो सदन की कार्यसूची, नोटिस और विधेयकों को विधायकों के उपकरणों पर डिजिटल रूप से साझा करता है।
Q. What are the benefits of NeVA?
इससे विधायी कार्यों में पारदर्शिता, गति और पर्यावरण अनुकूलता (कागज की बचत) आती है। साथ ही सरकारी राजस्व की बचत और नागरिक जुड़ाव मजबूत होता है।
Q. Which states have implemented NeVA?
नागालैंड इसे लागू करने वाला पहला राज्य था। वर्तमान में पश्चिम बंगाल (33वीं विधायिका) सहित उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और पंजाब जैसे कई राज्य इसे अपना चुके हैं।
