Nationwide Mass Drug Administration Campaign for Elimination of Lymphatic Filariasis
संदर्भ:
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने 10 फरवरी 2026 को लिंफैटिक फाइलेरिया (Lymphatic Filariasis – LF) के उन्मूलन के लिए वार्षिक राष्ट्रव्यापी मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान का शुभारंभ किया।
लिम्फेटिक फाइलेरिया के बारे में:
- परिचय: लिम्फेटिक फाइलेरिया एक उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग (Neglected Tropical Disease – NTD) है, जो परजीवी संक्रमण के कारण होता है।
- कारक (Causative Agent): यह फिलारियोडिडिया परिवार के नेमाटोड (गोल कृमि) के कारण होता है। भारत में लगभग 99% मामले ‘वुचेरेरिया बैन्क्रोफ्टी’ (Wuchereria bancrofti) परजीवी के कारण होते हैं।
- संचरण (Transmission): यह संक्रमण संक्रमित मच्छरों (मुख्यतः क्यूलेक्स) के काटने से फैलता है।
- प्रभाव: यह परजीवी मानव की लसीका प्रणाली (Lymphatic System) को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाता है। इससे अंगों (हाथ-पैर) में अत्यधिक सूजन आती है, जिसे ‘एलिफेंटियासिस’ कहा जाता है, और पुरुषों में ‘हाइड्रोसील’ (अंडकोश की सूजन) की स्थिति उत्पन्न होती है।
मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान 2026:
10 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ यह अभियान भारत की उन्नत पांच-आयामी रणनीति (Enhanced Five-Pronged Strategy) का मुख्य स्तंभ है।
- एकीकृत दृष्टिकोण: फरवरी 2026 से, राष्ट्रीय फाइलेरिया कार्यक्रम को एक ‘एकीकृत वार्षिक MDA अभियान’ में बदल दिया गया है, जो पहले साल में दो बार (10 फरवरी और 10 अगस्त) होता था।
- कवरेज: यह अभियान 12 स्थानिक राज्यों (Endemic States) के 124 जिलों के 719 ब्लॉकों में चलाया जा रहा है।
- दवा का प्रकार (Triple Drug Therapy): भारत IDA (Ivermectin, Diethylcarbamazine, Albendazole) का उपयोग कर रहा है, जो संक्रमण की कड़ी को तेजी से तोड़ने में सक्षम है।
- पात्रता: 2 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग (गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों को छोड़कर) प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में दवा का सेवन करते हैं।
- लक्ष्य: इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य लक्षित क्षेत्रों में दवाओं के सेवन के प्रति 90% से अधिक अनुपालन (Compliance) सुनिश्चित करना है।
भारत सरकार की पहले:
- उन्मूलन रणनीति: भारत ने 2027 तक फाइलेरिया मुक्त होने के लिए मिशन मोड में निम्नलिखित रणनीतियां अपनाई हैं:
- मिशन मोड MDA: घर-घर जाकर सीधे अवलोकन (Directly Observed Treatment) के तहत दवा वितरण।
- रुग्णता प्रबंधन (MMDP): प्रभावित व्यक्तियों को स्वयं की देखभाल (Self-care) सिखाना और हाइड्रोसील सर्जरी की सुविधा प्रदान करना।
- वेक्टर नियंत्रण (Vector Control): मच्छर जनन स्थलों का प्रबंधन और कीटनाशक छिड़काव।
- उच्च-स्तरीय निगरानी (High-level Monitoring): पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों (प्रधानों) को ‘जन आंदोलन’ के रूप में जोड़ना।
- SOPs और प्रशिक्षण: स्वास्थ्य कर्मियों और आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं का गहन क्षमता निर्माण।
- सर्वजन दवा सेवन (MDA) अभियान: सरकार हर साल ‘सर्व दवा सेवन’ अभियान चलाती है।
- मिशन मोड इंडिया बहु-औषध प्रशासन (एमडीए) अभियान: यह वर्ष में दो बार राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस (10 फरवरी और 10 अगस्त) के साथ समन्वित रूप से चलाया जाता है।
भारत के लिए महत्व:
- SDG 3.3: फाइलेरिया का उन्मूलन सतत विकास लक्ष्य (SDG) 3.3 (संक्रामक रोगों को समाप्त करना) को प्राप्त करने की दिशा में बड़ा कदम है।
- आर्थिक लाभ: यह बीमारी मुख्य रूप से गरीब आबादी को प्रभावित करती है और उन्हें विकलांग बनाकर आर्थिक रूप से अक्षम कर देती है। इसका उन्मूलन ‘गरीबी उन्मूलन’ में भी सहायक है।
- वैश्विक मिसाल: यदि भारत 2027 तक सफल होता है, तो यह वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय के लिए एक बड़ा उदाहरण होगा, क्योंकि दुनिया का लगभग 40% फाइलेरिया बोझ भारत में ही है।

