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भारत की स्वदेशी नेत्र प्रणाली AEW&C

भारत की स्वदेशी नेत्र प्रणाली AEW&C

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संदर्भ:

हाल ही में भारत के स्वदेशी नेत्र AEW&C (Airborne Early Warning and Control) सिस्टम को अंतिम परिचालन मंजूरी (Final Operational Clearance – FOC) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 25 जून 2026 को बेंगलुरु में आयोजित एक भव्य समारोह में यह प्रमाणपत्र भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपा।

नेत्र AEW&C क्या है? (What is Netra AEW&C?)

  • यह भारत का पहला पूरी तरह से स्वदेशी हवाई प्रारंभिक चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली (Airborne Early Warning and Control System) है। 
  • इसे मुख्य रूप से DRDO की प्रयोगशाला सीएबीएस (CABS) द्वारा विकसित किया गया है। 
  • यह प्रणाली ब्राजील निर्मित एम्ब्रेयर EMB-145 (Embraer EMB-145) विमान के प्लेटफॉर्म पर स्थापित की गई है। 
  • नेत्र (Netra AEW&C) को ‘आसमान में भारत की आंख’ (Eye in the Sky) कहा जाता है।
  • इसका मुख्य कार्य दुश्मन के विमानों, मिसाइलों और ड्रोनों का हवा में बहुत दूर से ही पता लगाना और भारतीय लड़ाकू विमानों को नियंत्रित करना है।

प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं:

  • एसा रडार (AESA Radar): इसमें सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन किया गया ऐरे (Active Electronically Scanned Array) रडार लगा है, जो इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपनी किरणों को घुमाता है। 
  • व्यापक कवरेज (240° Coverage): विमान के ऊपर लगा मुख्य डॉर्सल रडार हवा में 240 से 270 डिग्री तक की निगरानी दूरी को कवर करता है। 
  • लंबी दूरी का पता लगाना (Long-Range Detection): यह 250 से 375 किलोमीटर की दूरी से ही दुश्मन के खतरों को आसानी से पहचान सकता है। 
  • मल्टी-टार्गेट ट्रैकिंग (Multi-Target Tracking): यह आकाश में एक साथ 200 से अधिक हवाई लक्ष्यों (विमान, क्रूज मिसाइल और यूएवी) को ट्रैक कर सकता है। 
  • इन-फ्लाइट रीफ्यूलिंग (In-Flight Refueling): हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा (IFR प्रोब) के कारण यह लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम है। 
  • स्वदेशी मित्र या शत्रु पहचान (Indigenous IFF): इसमें देश में ही विकसित MK-XII(S) आईएफएफ प्रणाली लगी है, जो तुरंत दोस्त और दुश्मन के विमानों में फर्क कर लेती है। 
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (Electronic Warfare Suite): इसमें आत्म-सुरक्षा (Self-Protection Suite) के लिए मिसाइल एप्रोच वार्निंग और काउंटर-मेजर डिस्पेंसर दिए गए हैं।

कार्य प्रणाली:

नेत्र एक उड़ते हुए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (Flying Command Centre) की तरह काम करता है: 

  • सेंसर फ्यूजन (Sensor Fusion): इसके रडार, इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेजर्स (ESM) और कम्युनिकेशन सपोर्ट मेजर्स (CSM) दुश्मन के रडार और रेडियो सिग्नलों को पकड़ते हैं और उनका विश्लेषण करते हैं।
  • डाटा एकीकरण (Data Integration): मिशन सॉफ्टवेयर इन सभी सेंसरों से मिलने वाली जानकारियों को मिलाकर युद्धक्षेत्र की एक सटीक और लाइव तस्वीर (Real-Time Picture) तैयार करता है।
  • नेटवर्क-केंद्रित युद्ध (Network-Centric Warfare): सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो (SDR) और सुरक्षित डेटा लिंक्स (LOS/SATCOM) के जरिए यह डेटा जमीन पर बने कंट्रोल स्टेशन और हवा में उड़ रहे 40 से अधिक लड़ाकू विमानों को भेजा जाता है, जिससे तुरंत हमला करने के निर्देश दिए जाते हैं।

महत्व:

  • युद्ध के लिए पूर्ण प्रमाणन: FOC मिलने का मतलब है कि यह प्रणाली अब किसी भी वास्तविक युद्ध की कठिन परिस्थितियों में बिना किसी तकनीकी बाधा के काम करने के लिए पूरी तरह स्वीकृत है।
  • रणनीतिक बढ़त: यह भारतीय वायुसेना को ‘पहले देखो, पहले कार्रवाई करो’ (See First, Respond First) की क्षमता प्रदान करता है, जिससे दुश्मन को संभलने का मौका नहीं मिलता。
  • आत्मनिर्भर भारत: इस प्रणाली के FOC प्राप्त करने से विदेशी प्रणालियों (जैसे बोइंग या फाल्कन) पर भारत की निर्भरता कम हुई है और स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा मिला है।
  • भविष्य के कार्यक्रमों का आधार: यह सफलता अब अगले चरण के बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे Netra Mk-1A और ₹19,000 करोड़ के एयरबस-आधारित Netra Mk-2 के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। 

FAQs:

  1. नेत्र AEW&C प्रणाली क्या है?

    यह भारत का पहला स्वदेशी ‘हवाई प्रारंभिक चेतावनी और नियंत्रण’ विमान (Airborne Early Warning Aircraft) है, जो दुश्मन पर नजर रखता है।

  2. इसे FOC प्रमाणपत्र कब और किसने दिया?

    इसे 25 जून 2026 को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा भारतीय वायुसेना को प्रदान किया गया।

  3. नेत्र सिस्टम किस विमान पर आधारित है?

    यह प्रणाली ब्राजील से आयातित ट्विन-इंजन एम्ब्रेयर EMB-145 (Embraer EMB-145) जेट विमान के प्लेटफॉर्म पर आधारित है।

  4. इसकी रडार क्षमता और रेंज कितनी है?

    इसमें लगा स्वदेशी एसा (AESA) रडार 240-270 डिग्री कवरेज के साथ 375 किमी तक के लक्ष्य देख सकता है।

  5. युद्ध में इसका मुख्य लाभ क्या है?

    यह एक उड़ता हुआ कमांड सेंटर (Flying Command Centre) है, जो दुश्मन की मिसाइल और विमानों को समय रहते पहचान लेता है।

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