New ant species named Polyrhachis garbhangiensis discovered
संदर्भ:
हाल ही में वैज्ञानिकों ने असम के गुवाहाटी के पास गर्भांगा आरक्षित वन में चींटी की एक नई प्रजाति की खोज की है, जिसे पॉलीरैचिस गर्भांगाेंसिस (Polyrhachis garbhangaensis) नाम दिया गया है। इसे सामान्य भाषा में “असमिया स्पाइनी एंट” भी कहा जा रहा है।
पॉलीरैचिस गर्भांगाेंसिस के बारे में:
- वर्गीकरण: यह चींटी पॉलीरैचिस म्यूक्रोनाटा (Polyrhachis mucronata) समूह से संबंधित है। भारत में इस समूह की यह केवल तीसरी प्रजाति है।
- विशिष्ट रंग: इसका उदर (Abdomen) चमकीले पीले-नारंगी (Yellow-orange) रंग का होता है, जो इसके शरीर के बाकी काले या गहरे भूरे हिस्सों के साथ एक गहरा कंट्रास्ट बनाता है।
- शारीरिक संरचना: इनके मेसोसोमा (Mesosoma) और पेटियोल (Petiole) पर नुकीले कांटे होते हैं, जो रक्षा तंत्र का हिस्सा हैं।
- चमक: यह मध्यम आकार की चींटी है। इसकी बाहरी त्वचा पर सूक्ष्म बाल या ‘प्यूबेसेंस’ पाए जाते हैं जो इसे एक विशेष चमक देते हैं।
- लंबाई: इसकी लंबाई लगभग 5.6 मिलीमीटर होती है। इसके शरीर पर मुड़े हुए कांटे (curved spines) पाए जाते हैं, जो इसे शिकारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- आहार: ये मुख्य रूप से सर्वाहारी होती हैं, जो छोटे कीड़ों, मरे हुए जीवों और फूलों के रस (Nectar) पर निर्भर करती हैं।
- घोंसला निर्माण: पॉलीरैचिस प्रजाति की चींटियां अक्सर पेड़ों पर या जमीन के मलबे में रेशमी घोंसले बनाने के लिए जानी जाती हैं।
- पारिस्थितिक: ये मिट्टी के वातन (Aeration), बीजों के प्रसार और कीट नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- विशेष: भारत में पॉलीरैचिस वंश की कुल 71 प्रजातियां हैं, जिनमें से 21 असम में पाई जाती हैं।

