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केरल में ड्रैगनफ्लाई की नई प्रजाति लाइरियोथेमिस केरलेंसिस की खोज (New dragonfly species Lyriothemis keralensis discovered in Kerala) | UPSC

New dragonfly species Lyriothemis keralensis discovered in Kerala

New dragonfly species Lyriothemis keralensis discovered in Kerala

संदर्भ:

हाल ही में शोधकर्ताओं ने केरल के निचले तटीय क्षेत्रों में ड्रैगनफ्लाई (व्याध पतंग) की एक नई प्रजाति की पहचान की है, जिसे ‘लाइरियोथेमिस केरलेंसिस’ नाम दिया गया है।

लाइरियोथेमिस केरलेंसिस के बारे में:

  • वैज्ञानिक नाम: Lyriothemis keralensis
  • सामान्य नाम: ‘स्लेंडर बॉम्बार्डियर’ (Slender Bombardier)
    • स्थान: इसकी खोज केरल के एर्नाकुलम जिले के कोठामंगलम के पास वरापेट्टी (Varapetty) में की गई है।
  • ​टैक्सोनॉमिक वर्गीकरण:

  • गण (Order): Odonata (ओडोनाटा – जिसमें ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई आते हैं)

  • परिवार (Family): Libellulidae (लिबेलुलिडे)
  • लैंगिक द्विरूपता: ​इस प्रजाति में लैंगिक द्विरूपता (Sexual Dimorphism) स्पष्ट रूप से देखी जाती है:
  • नर (Male): नर का शरीर गहरे रक्त-लाल (Blood-red) रंग का होता है, जिस पर काले निशान होते हैं। यह देखने में बहुत आकर्षक और विशिष्ट होता है।
  • मादा (Female): मादा नर की तुलना में थोड़ी भारी (Bulkier) होती है और इसका रंग पीला और काला होता है।
  • विशिष्ट अंतर: इसका पेट (Abdomen) काफी पतला होता है और इसकी पूंछ की संरचना (Anal appendages) तथा जननांग संरचना इसे अन्य प्रजातियों से अलग बनाती है।
  • आकार: इस ड्रैगनफ्लाई की लंबाई लगभग 3 सेंटीमीटर होती है।
  • आवास: यह प्रजाति संरक्षित वनों के बजाय रबड़ और अनानास के बागानों के पास सिंचाई वाली नहरों और छायादार तालाबों में पाई गई है।
  • मौसमी उपस्थिति: यह एक मौसमी कीट है जो केवल दक्षिण-पश्चिम मानसून (मई से अगस्त) के दौरान ही वयस्क रूप में दिखाई देता है। वर्ष के शेष समय में, यह अपने ‘लार्वा’ (Larval stage) के रूप में जल प्रणालियों में जीवित रहता है।
  • शिकारी स्वभाव: वयस्क ड्रैगनफ्लाई हवाई शिकारी होते हैं जो मच्छरों और अन्य छोटे कीटों को खाते हैं। इनके लार्वा जलीय कीड़ों और कीड़े-मकोड़ों का शिकार करते हैं।
  • ​पहचान की चुनौती: इसे पहली बार 2013 में देखा गया था, लेकिन इसे 10 वर्षों तक गलत पहचाना जाता रहा। शोधकर्ताओं ने इसे ‘लिरियोथेमिस एसिगास्ट्रा’ (Lyriothemis acigastra) समझ लिया था, जो मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत में पाई जाती है। 

  • ​संरक्षण संबंधी चुनौतियाँ: चूंकि यह प्रजाति नेशनल पार्क या अभयारण्यों के बाहर (निजी बागानों में) पाई जाती है, इसलिए इस पर भू-उपयोग परिवर्तन (Land-use change) का सीधा खतरा है।

  • संकेतक प्रजाति (Indicator Species): ड्रैगनफ्लाई ताजे पानी के स्वास्थ्य की सूचक होती हैं। इनकी उपस्थिति सिंचाई तंत्र की पारिस्थितिक स्थिरता को दर्शाती है।

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