New flowering plant species Dicliptera pakhalica discovered in Pakhal Wildlife Sanctuary
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के वैज्ञानिकों ने पाखल वन्यजीव अभयारण्य (Pakhal Wildlife Sanctuary), तेलंगाना में एक नई पुष्पीय पौधे की प्रजाति की खोज की है, जिसे डिक्लीप्टेरा पाखालिका (Dicliptera pakhalica) नाम दिया गया है।
नई प्रजाति डिक्लीप्टेरा पाखालिका के बारे में:
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- वर्गीकरण: यह प्रजाति एकेन्थेसी (Acanthaceae) परिवार से संबंधित है। डिक्लीप्टेरा (Dicliptera) वंश दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसकी भारत में अब तक 29 प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं।
- नामकरण: इस पौधे का नाम पाखल झील (Pakhal Lake) के नाम पर रखा गया है, जो इस अभयारण्य का हृदय स्थल है।
- खोजकर्ता: इसकी खोज BSI के वैज्ञानिक एल. रासिंगम (L. Rasingam), पी. हरिकृष्णा, शोधकर्ता ए. पार्थिबन और वन मंडल अधिकारी वी. चंद्रशेखर राव की टीम ने की है।
- भौतिक विशेषताएं:
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- यह पौधा मुख्य रूप से जलधाराओं के किनारों और झरनों के पास पथरीले क्षेत्रों में उगता है।
- इसमें नवंबर से जनवरी के बीच फूल आते हैं और दिसंबर से मार्च के दौरान फल लगते हैं।
- यह अपने नजदीकी संबंधी D. parvibracteata से तने पर बालों की उपस्थिति और कैलिक्स (Calyx) पर ग्रंथिल बालों के अभाव के कारण भिन्न है।
- IUCN स्थिति: वैज्ञानिकों ने इस नई प्रजाति को ‘डेटा डेफिसिएंट’ (Data Deficient) की श्रेणी में वर्गीकृत किया है।
- खतरे: निवास स्थान का विनाश और जलवायु परिवर्तन इस दुर्लभ प्रजाति के अस्तित्व के लिए बड़ी चुनौतियां हैं।
पाखल वन्यजीव अभयारण्य के बारे मे:
- अवस्थिति: यह तेलंगाना के महबूबाबाद जिले (पूर्व में वारंगल) में स्थित है।
- भौगोलिक स्थिति: यह लगभग 839-860 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और कृष्णा नदी की एक सहायक नदी के तट पर स्थित है।
- इतिहास: अभयारण्य के भीतर स्थित पाखल झील का निर्माण 1213 ईस्वी में काकतीय शासक गणपति देव के आदेश पर किया गया था।
- वनस्पति (Flora): यहाँ मुख्य रूप से मिश्रित पर्णपाती वन (Mixed Deciduous Forests) पाए जाते हैं। प्रमुख वृक्षों में सागौन, बांस, महुआ और पटेरा शामिल हैं।
- जीव-जंतु (Fauna): यह अभयारण्य तेंदुआ, सुस्त भालू, चौसिंगा (Four-horned Antelope), चिंकारा और अजगर जैसे जीवों का प्राकृतिक आवास है।

