PM-AJAY पोर्टल

संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) के कल्याण के लिए PM-AJAY (प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना) पोर्टल और ‘AJAY’ मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया गया।
PM-AJAY पोर्टल क्या हैं?
PM-AJAY पोर्टल एक केंद्रीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (Centralized MIS) और एकीकृत डैशबोर्ड है, जो PM-AJAY (प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना) के तहत होने वाले सभी कार्यों, वित्तीय आवंटन और लाभार्थी डेटा को डिजिटल रूप से प्रबंधित करता है। यह जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के सभी हितधारकों के बीच निर्बाध समन्वय स्थापित करने वाला एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
- मंत्रालय: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment – MoSJE)।
- विभाग: सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, भारत सरकार।
- कार्यान्वयन भागीदारी: यह केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्त पोषित योजना है, जिसका क्रियान्वयन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक तंत्र के सहयोग से किया जा रहा है।
पोर्टल का मुख्य उद्देश्य:
- जवाबदेही सुनिश्चित करना: योजना के क्रियान्वयन में होने वाली देरी को कम करना और बिचौलियों को समाप्त कर लाभार्थियों तक तेज सेवा वितरण सुनिश्चित करना।
- कागजी कार्रवाई का खात्मा: पारंपरिक भौतिक फाइलों के स्थान पर ग्राम स्तर पर डिजिटल विलेज डेवलपमेंट प्लान (VDP) को लागू करना।
- डेटा-आधारित ट्रैकिंग: योजना के तीनों घटकों—आदर्श ग्राम विकास, आजीविका के लिए सहायता अनुदान (GIA), और छात्रावास निर्माण की भौतिक व वित्तीय प्रगति को रीयल-टाइम ट्रैक करना।
- माइलस्टोन-लिंक्ड फंड फ्लो: जैसे ही कोई कार्य डिजिटल रूप से स्वीकृत होता है, फंड की अगली किश्त स्वचालित (Automated) रूप से जारी करने की व्यवस्था करना।
मुख्य विशेषताएं:
- 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतक: ‘आदर्श ग्राम’ घटक के तहत गांवों के विकास को 10 विकासात्मक डोमेन में विभाजित 50 संकेतकों के आधार पर मापा जाता है।
- भौगोलिक टैगिंग (Geo-Tagging): छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए साइट से सीधे समय-मुद्रांकित (Time-Stamped) और जियो-टैग की गई तस्वीरें अपलोड की जाती हैं।
- ऑफ़लाइन सर्वेक्षण सुविधा: ऐप के माध्यम से फील्ड कर्मचारी इंटरनेट न होने पर भी डोर-टू-डोर सर्वेक्षण कर सकते हैं, जो ऑनलाइन होने पर स्वतः सिंक हो जाता है।
- भूमिका-आधारित पहुंच (Role-based Access): मंत्रालय के अधिकारियों, राज्य/जिला प्राधिकारियों और निरीक्षण अधिकारियों के लिए अलग-अलग लॉगिन और नियंत्रण स्तर तय हैं।
योजना के तीन प्रमुख घटक:
यह पोर्टल मूल रूप से विलय की गई तीन पूर्ववर्ती योजनाओं को डिजिटल रूप से प्रबंधित करता है:
- आदर्श ग्राम घटक: अनुसूचित जाति बहुल गांवों को बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं से संतृप्त करना।
- सहायता अनुदान (Grants-in-Aid): कौशल विकास और व्यक्तिगत या समूह-आधारित आजीविका परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण की ट्रैकिंग।
- छात्रावास घटक: शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं का निर्माण व रखरखाव।
महत्व:
- प्रशासनिक दक्षता: यह पहल ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (Minimum Government, Maximum Governance) के सिद्धांत को चरितार्थ करती है। डिजिटल वर्कफ़्लो से फाइलों के निपटान का समय काफी कम हो गया है।
- भ्रष्टाचार पर रोक: फंड रिलीज को सीधे भौतिक प्रगति और डिजिटल अप्रूवल से जोड़ने के कारण वित्तीय हेराफेरी या डाइवर्जन की संभावनाएं समाप्त हो जाती हैं।
- लक्षित सामाजिक उत्थान: 40 लाख से अधिक लाभार्थियों के सटीक डेटा एकत्रीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि विकास की मुख्यधारा से छूटे हुए अंतिम व्यक्ति (Last Mile) तक लाभ पहुंचे।
- साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण: रीयल-टाइम डैशबोर्ड से प्राप्त डेटा भविष्य में अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सटीक और साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
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PM-AJAY योजना:
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