PM-RKVY: परिचय, शुरुआत, बजट, घटक एवं महत्व
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन – रबी अभियान 2026’ के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 10 राज्यों को 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बारे मे:
- परिचय: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (Pradhan Mantri Rashtriya Krishi Vikas Yojana – PM-RKVY) एक प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है।
- इसके तहत राज्यों को उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, कृषि-जलवायु परिस्थितियों (Agro-Climatic Conditions) और प्राथमिकताओं के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं तैयार करने और उन्हें क्रियान्वित करने की पूर्ण लचीलापन (Flexibility) और स्वायत्तता प्रदान की जाती है.
- नोडल मंत्रालय: यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers Welfare) के अंतर्गत आती है।
- शुरुआत (Launch): इस योजना को मूल रूप से वर्ष 2007-08 (11वीं पंचवर्षीय योजना) के दौरान राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की सिफारिशों के आधार पर शुरू किया गया था।
- परिवर्तित नाम (Rebranding):
- वर्ष 2017-18 में इसका नाम बदलकर RKVY-RAFTAAR (Remunerative Approaches for Agriculture and Allied Sector Rejuvenation) किया गया।
- वित्तीय वर्ष 2022-23 से इसे व्यापक अंब्रेला योजना का रूप दिया गया, जिसे अब आधिकारिक तौर पर PM-RKVY कहा जाता है।
- वित्तीय ढांचा (Funding Pattern):
- सामान्य राज्यों के लिए वित्त पोषण का अनुपात 60:40 (60% केंद्र और 40% राज्य) है।
- पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है।
- केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए यह 100% केंद्र सरकार द्वारा पोषित है।
- हालिया बजटीय आवंटन (Current Sanctions): रबी अभियान 2026 के तहत स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये से अधिक (वास्तविक स्वीकृत पत्र मूल्य: ₹1,082 करोड़ से ₹1,552 करोड़ के मध्य) की राशि मुख्य रूप से 10 चिन्हित राज्यों को जारी की गई है।
- राज्यवार मुख्य आवंटन (State-wise Allocation):
- पश्चिम बंगाल (West Bengal): सर्वाधिक ₹290 करोड़
- हरियाणा (Haryana): ₹198 करोड़
- छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh): ₹181 करोड़
- अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh): ₹154 करोड़
- बिहार (Bihar): ₹114 करोड़
- पंजाब (Punjab): न्यूनतम ₹43 करोड़
- घटक:
- उत्पादन संवर्धन और बुनियादी ढांचा (Production Growth & Infrastructure): फसल विविधीकरण (Crop Diversification), कृषि यंत्रीकरण (Farm Mechanization), गोदाम निर्माण, और शीत गृह अवसंरचना (Cold Storage Infrastructure) का विकास.
- नवाचार एवं कृषि उद्यमिता (Innovation and Agri-Entrepreneurship):
- कृषि क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स (Startups) और ग्रामीण युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए देश में 24 एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर्स (R-ABIs) और 7 ज्ञान भागीदार (Knowledge Partners) काम कर रहे हैं।
- इसके तहत विचारों/प्री-सीड स्टेज के लिए ₹5 लाख तथा सीड स्टेज के लिए ₹25 लाख तक की अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।
- मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण अनुकूल कृषि (Soil Health & Eco-Friendly Farming): हालिया आवंटन के साथ 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ (Khet Bachao Abhiyan) चलाने की घोषणा की गई है, जो संतुलित उर्वरक उपयोग (Balanced Fertilizer Use) को बढ़ावा देगा.
- बाजार एकीकरण और सुनिश्चित एमएसपी (Market Integration & Ensured MSP): दलहन फसलों (तुअर, उड़द, मसूर) की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100% सरकारी खरीद सुनिश्चित करना तथा किसानों को 48 घंटों के भीतर डिजिटल भुगतान (Digital Payment Within 48 Hours) प्रदान करना.
इस योजना का महत्व:
- सहकारी संघवाद सुदृढ़ करना (Strengthening Cooperative Federalism): केंद्र द्वारा नीतियों के साथ-साथ राज्यों को सीधे फंड जारी करना यह सुनिश्चित करता है कि राज्य अपने स्थानीय कृषि-पारिस्थितिकी (Local Agro-Ecology) के अनुसार निर्णय ले सकें.
- कृषि विकास दर में वृद्धि (Growth in Agriculture GDP): सामूहिक वैज्ञानिक प्रयासों से देश की कृषि विकास दर वर्ष 2015 के 3 प्रतिशत से बढ़कर 4.5 प्रतिशत हो गई है।
- जलवायु लचीलापन (Climate Resilience): बदलते मौसम और असमान वर्षा के पैटर्न को देखते हुए यह योजना मृदा नमी (Soil Moisture) और क्षेत्र-विशिष्ट दृष्टिकोण (Region-Specific Approach) के माध्यम से रबी तैयारियों को मजबूती देती है.
- वैश्विक खाद्य भंडार (Global Food Granary): अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का लाभ उठाकर भारतीय फलों, सब्जियों और खाद्यान्न को वैश्विक बाजारों से जोड़ना, जिससे देश दुनिया के लिए एक प्रमुख “खाद्य भंडार” बन सके.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: PM-RKVY योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों को अपनी कृषि जरूरतों के अनुसार विकास करने हेतु लचीलापन देना, कृषि में सार्वजनिक निवेश बढ़ाना और किसानों की आय सुनिश्चित करना है.
प्रश्न 2: हाल ही में कितने राज्यों को वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है?
उत्तर: सितंबर 2026 में रबी अभियान सम्मेलन के दौरान 10 राज्यों के लिए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है.
प्रश्न 3: इस वित्तीय आवंटन में किस राज्य को सर्वाधिक हिस्सा मिला है?
उत्तर: इस हालिया आवंटन में सर्वाधिक वित्तीय सहायता पश्चिम बंगाल को ₹290 करोड़ तथा दूसरा स्थान हरियाणा (₹198 करोड़) को मिला है.
प्रश्न 4: योजना के तहत स्टार्ट-अप्स को कितनी सीड फंडिंग मिलती है?
उत्तर: नवाचार घटक के तहत आइडिया/प्री-सीड स्टेज के लिए ₹5 लाख तथा व्यावसायिक सीड स्टेज विकास के लिए ₹25 लाख तक का वित्तीय अनुदान मिलता है.
प्रश्न 5: ‘खेत बचाओ अभियान’ कब से कब तक संचालित किया जाएगा?
उत्तर: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए यह देशव्यापी अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक वैज्ञानिकों और मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Cards) के समन्वय से चलाया जाएगा.
