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PM SVANidhi Scheme- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि से मिला 10.56 लाख लाभार्थियों को लाभ

PM SVANidhi Scheme- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि से मिला 10.56 लाख लाभार्थियों को लाभ

PM SVANidhi Scheme

संदर्भ:

हाल ही में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme 2026) के पहले वर्ष में रिकॉर्ड 10.56 लाख नए लाभार्थियों (10.56 Lakh New Beneficiaries) को औपचारिक ऋण नेटवर्क से जोड़ा गया।

पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) के बारे में:

  • परिचय: प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (PM Street Vendor AtmaNirbhar Nidhi – PM SVANidhi) शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं (Street Vendors India) को बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के कार्यशील पूंजी ऋण (Working Capital Loan) प्रदान करने वाली एक प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
  • शुरुआत: इस योजना को कोविड-19 महामारी के आर्थिक झटके से उबरने के लिए 1 जून 2020 को लॉन्च किया गया था।
    • केंद्रीय कैबिनेट ने 27 अगस्त 2025 को इस योजना के पुनर्गठित चरण (Restructured Phase) को मंजूरी दी, जिसके तहत इसकी अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है।
  • नोडल मंत्रालय: यह पूर्णतः भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा संचालित है। 
  • उद्देश्य:
    • औपचारिक ऋण तक पहुंच: साहूकारों के शोषण चक्र को समाप्त कर बैंकों के माध्यम से किफायती और सुरक्षित लोन (PM SVANidhi Loan) सुनिश्चित करना।
    • डिजिटल वित्तीय समावेशन: रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को डिजिटल लेनदेन (Digital Payments) के प्रति प्रोत्साहित कर देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) का मुख्य हिस्सा बनाना।
    • समग्र सामाजिक सुरक्षा: केवल ऋण तक सीमित न रहकर विक्रेताओं के परिवारों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण करना। 
  • योग्यता: शहरी स्थानीय निकायों (ULB) द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाणपत्र (CoV), पहचान पत्र (ID) या स्थानीय निकाय से प्राप्त सिफारिश पत्र (LoR) होना अनिवार्य योग्यता है।
  • ऋण संरचना: यह योजना क्रमिक रूप से ऋण सीमा में वृद्धि (Escalation of Credit Limit) के सिद्धांत पर कार्य करती है:
  • प्रथम चरण (1st Tranche): शुरुआत में व्यवसाय स्थापित करने के लिए ₹15,000 तक का ऋण (12 महीने की पुनर्भुगतान अवधि)।
  • द्वितीय चरण (2nd Tranche): पहले ऋण के सफल भुगतान के बाद ₹25,000 तक का ऋण (18 महीने की अवधि)।
  • तृतीय चरण (3rd Tranche): दूसरे चरण के सफल पुनर्भुगतान (Loan Repayment) पर व्यवसाय विस्तार के लिए ₹50,000 तक का बड़ा ऋण (36 महीने की अवधि)। 
  • ब्याज सब्सिडी (PM SVANidhi Subsidy): समय पर या समय से पहले ऋण चुकाने पर 7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी दी जाती है, जो सीधे लाभार्थी के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा होती है।
  • डिजिटल कैशबैक: डिजिटल लेनदेन अपनाने पर विक्रेताओं को ₹100 प्रति माह (खुदरा व्यापार के लिए) तथा थोक खरीद पर ₹100 प्रति तिमाही तक का कैशबैक (Maximum Cashback Incentive) मिलता है। 
  • रुपे क्रेडिट कार्ड (RuPay Credit Card): ऋण व्यवस्था को गहरा करने के लिए पात्र विक्रेताओं को यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जा रहा है, जिसकी सीमा ₹30,000 तक निर्धारित है।
  • डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म (DLP): एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन से लेकर वितरण तक की प्रक्रिया को कागज़ रहित और पारदर्शी बनाया गया है।
  • वेंडर माइग्रेशन मॉड्यूल (Vendor Migration Module): यदि कोई विक्रेता एक शहर से दूसरे शहर पलायन करता है, तो उसके ‘सिफारिश पत्र’ (LoR) को ऑनलाइन स्थानांतरित कर योजना के लाभों की निरंतरता सुनिश्चित की जाती है।
  • उपलब्धियां:
    • पुनर्गठन का प्रथम वर्ष (2025-2026): बीते 12 महीनों में 10.56 लाख नए लाभार्थियों को कुल 21.86 लाख ऋण वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि ₹6,294 करोड़ है।
    • संचयी प्रगति (Since Inception): योजना की शुरुआत से अब तक 78.68 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को ₹19,171 करोड़ के 1.18 करोड़ से अधिक ऋण दिए जा चुके हैं।
    • डिजिटल अंगीकार: लगभग 57.09 लाख विक्रेताओं ने नेटवर्क में शामिल होकर 908 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन पूरे किए हैं।
    • स्वनिधि से समृद्धि (SVANidhi se Samriddhi): इस घटक के तहत 51.15 लाख से अधिक लाभार्थियों के परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग की गई है और उन्हें 8 अन्य प्रमुख केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं (जैसे पीएम जन धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना) से जोड़ा गया है।
    • शहरी बुनियादी ढांचा: आजीविका सुरक्षा के लिए देश भर में 50 स्ट्रीट फूड हब (Street Food Hubs) विकसित किए जा रहे हैं, जिसके लिए प्रति हब ₹4 करोड़ तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।

महत्व:

  • क्रेडिट हिस्ट्री का निर्माण (Building Credit History): हैदराबाद के इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के अध्ययन के अनुसार, 30% लाभार्थियों के पास पहले कोई औपचारिक ऋण रिकॉर्ड नहीं था। यह योजना उन्हें औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाकर उनका सिबिल/क्रेडिट स्कोर मजबूत करती है।
  • शहरी गरीबी का शमन (Urban Poverty Alleviation): असंगठित क्षेत्र (Informal Sector) के सबसे निचले स्तर के उद्यमियों को वित्तीय सुरक्षा देकर यह योजना सतत विकास लक्ष्य-1 (No Poverty) और लक्ष्य-8 (Decent Work and Economic Growth) को प्राप्त करने में मदद करती है।
  • वित्तीय समावेशन में लैंगिक समानता: ऋण प्राप्तकर्ताओं में महिलाओं और समाज के पिछड़े वर्गों (SC/ST/OBC) की बड़ी हिस्सेदारी है, जो सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण को प्रदर्शित करती है।
  • डिजिटल साक्षरता का प्रसार: सूक्ष्म स्तर पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर इसने भारत को वैश्विक डिजिटल लेनदेन में शीर्ष पर पहुँचाने में आधारभूत भूमिका निभाई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: PM SVANidhi Scheme क्या है?

उत्तर: यह आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित एक विशेष माइक्रो-क्रेडिट योजना (Micro-credit Scheme) है, जो स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवसाय पुनरारंभ करने के लिए बिना गारंटी का ऋण देती है।

प्रश्न 2: PM SVANidhi के तहत 10.56 लाख नए Beneficiaries को क्या लाभ मिला?

उत्तर: पुनर्गठित चरण के पहले वर्ष में इन 10.56 लाख नए लाभार्थियों को मुख्यधारा की बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर ₹6,294 करोड़ के ऋण वितरित किए गए हैं।

प्रश्न 3: PM SVANidhi Scheme का लाभ कौन उठा सकता है?

उत्तर: शहरी, अर्ध-शहरी और जनगणना शहरों (Census Towns) में 24 मार्च 2020 या उससे पहले से वेंडिंग/रेहड़ी लगाने वाले सभी व्यक्ति इसके पात्र हैं। 

प्रश्न 4: PM SVANidhi के तहत कितना Loan मिलता है?

उत्तर: इसके तहत तीन क्रमिक किश्तों (Tranches) में क्रमशः ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 तक का कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 5: PM SVANidhi Loan के लिए Eligibility क्या है?

उत्तर: शहरी स्थानीय निकायों (ULB) द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाणपत्र (CoV), पहचान पत्र (ID) या स्थानीय निकाय से प्राप्त सिफारिश पत्र (LoR) होना अनिवार्य योग्यता है।

प्रश्न 6: PM SVANidhi Loan के लिए कौन-कौन से Documents जरूरी हैं?

उत्तर: आवेदन के लिए मुख्य रूप से आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बैंक पासबुक और शहरी निकाय द्वारा प्रदत्त वेंडिंग पहचान पत्र (CoV/LoR) की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 7: PM SVANidhi Scheme में Interest Subsidy कितनी मिलती है?

उत्तर: ऋण के नियमित पुनर्भुगतान (Timely Repayment) पर लाभार्थियों को 7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) दी जाती है।

प्रश्न 8: Street Vendors PM SVANidhi के लिए Apply कैसे कर सकते हैं?

उत्तर: पात्र वेंडर्स आधिकारिक PM SVANidhi Portal, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन आवेदन (PM SVANidhi Application) कर सकते हैं।

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