Apni Pathshala

सबसे कम उम्र का ज्ञात एक्सोप्लैनेट: Elias 2-24 b की खोज

सबसे कम उम्र का ज्ञात एक्सोप्लैनेट: Elias 2-24 b की खोज

Elias 2-24 b

संदर्भ:

हाल ही में राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (NASA) और अंतरराष्ट्रीय खगोलविदों की एक टीम ने ब्रह्मांड के अब तक के सबसे कम उम्र के ज्ञात एक्सोप्लैनेट ‘एलियास 2-24 बी’ (Elias 2-24 b) की खोज की पुष्टि की। 

एलियास 2-24 बी एक्सोप्लैनेट के बारे में:

  • परिचय: Elias 2-24 b सौर मंडल से बाहर स्थित एक गैसीय विशालकाय ग्रह (Gas-Giant Exoplanet) है, जो अपने मातृ तारे के चारों ओर चक्कर काट रहा है।
    • इसकी सबसे अनूठी विशेषता यह है कि यह अभी भी पूरी तरह निर्मित नहीं हुआ है, बल्कि अपनी प्रोटोपलेनेटरी डिस्क (Protoplanetary Disk) के भीतर गैस और धूल के मलबे को सोखकर आकार ले रहा है। 
  • तारे का नाम (Host Star): यह ‘एलियास 2-24’ (Elias 2-24) नामक एक अत्यंत युवा तारे की परिक्रमा कर रहा है, जो एक टी टॉरी तारा (T Tauri Star) है। 
  • दूरी: यह प्रणाली पृथ्वी से लगभग 450 प्रकाश वर्ष (450 Light-Years) दूर ‘ओफियुकस’ (Ophiuchus) तारा-निर्माण क्षेत्र में स्थित है।
  • कक्षीय दूरी (Orbital Distance): यह एक्सोप्लैनेट अपने तारे से 55 खगोलीय इकाई (55 AU) की अत्यधिक दूरी पर स्थित है।
    • यानी यह पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी से करीब 55 गुना अधिक दूरी पर परिक्रमा कर रहा है। 
  • द्रव्यमान और आकार: आकार और द्रव्यमान के मामले में यह हमारे सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) के लगभग बराबर या उससे 2 से 4 गुना तक विशाल है।
    • इतनी कम उम्र में इतने विशाल आकार का होना खगोलविदों को चकित कर रहा है।
  • खोज विधि: इस ‘बेबी प्लैनेट’ (Baby Planet Elias 2-24) को सीधे तौर पर देखना अत्यधिक कठिन था, क्योंकि इसके मातृ तारे की चमक बहुत तेज थी। वैज्ञानिकों ने निम्नलिखित अत्याधुनिक तकनीकों का समन्वय करके इसे खोजा: 
  • अभिलेखीय डेटा विश्लेषण (Archival Data Analysis): वैज्ञानिकों ने हवाई में स्थित डब्ल्यू. एम. केक वेधशाला (W. M. Keck Observatory) के वर्ष 2018 से 2020 के बीच के पुराने डेटा का पुनर्मूल्यांकन किया। 
  • कोरोनोग्राफ तकनीक (Coronagraphy): हाई-कंट्रास्ट कोरोनोग्राफी की मदद से मुख्य तारे की तीव्र और चकाचौंध पैदा करने वाली रोशनी को अवरुद्ध (Block) किया गया। इससे तारे के आस-पास मौजूद धुंधली वस्तुओं और ग्रह के इन्फ्रारेड हस्ताक्षरों (Infrared Signatures) का पता लगाना संभव हो सका। 
  • मल्टी-टेलीस्कोप समन्वय: चिली के अटाकामा मरुस्थल में स्थित अल्मा (ALMA) रेडियो इंटरफेरोमीटर और यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला (ESO) के वेरी लार्ज टेलीस्कोप (VLT) के डेटा को मिलाकर इस ग्रह की अंतिम पुष्टि की गई।

इस खोज का वैज्ञानिक महत्व:

यूनिवर्स के इस सबसे युवा ग्रह (Youngest Planet in Universe) की पुष्टि अंतरिक्ष विज्ञान के स्थापित सिद्धांतों के समक्ष नए आयाम प्रस्तुत करती है:

  • प्लैनेट फॉर्मेशन मॉडल्स को चुनौती (Challenges to Planet Formation Models): पारंपरिक कोर एक्रीशन मॉडल (Core Accretion Model) के अनुसार, किसी तारे से 55 AU जैसी अत्यधिक दूरी पर बृहस्पति जितने विशाल ग्रह को बनने में लाखों-करोड़ों वर्ष का समय लगना चाहिए।
    • लेकिन एलियास 2-24 बी (Elias 2-24 b) ने मात्र 10 लाख वर्ष से कम में यह आकार ले लिया है। यह खोज वैज्ञानिकों को ‘ग्रेविटेशनल इंस्टेबिलिटी’ (Gravitational Instability) या ‘पेबल ड्रिफ्ट’ (Pebble Drift) जैसे वैकल्पिक त्वरित निर्माण सिद्धांतों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
  • शुरुआती सौर मंडल को समझने के लिए टाइम मशीन (Window into Early Solar Systems): यह नवजात ग्रह वैज्ञानिकों के लिए एक प्राकृतिक प्रयोगशाला की तरह है। इसके अध्ययन से यह समझने में मदद मिलेगी कि आज से लगभग 4.5 अरब वर्ष पहले हमारा अपना सौर मंडल और पृथ्वी शुरुआती दौर में गैस और धूल के बादलों के बीच कैसे विकसित हुए होंगे।
  • भविष्य के मिशनों के लिए आधार: नासा (NASA) द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप (Nancy Grace Roman Space Telescope) पर लगे कोरोनोग्राफ उपकरणों की मदद से भविष्य में ऐसे और भी अविकसित ग्रहों के वायुमंडल का अधिक बारीकी से अध्ययन किया जा सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Elias 2-24 b क्या है?

उत्तर: यह सौर मंडल के बाहर (Exoplanet) स्थित एक नवजात गैसीय विशालकाय ग्रह है, जो पृथ्वी से 450 प्रकाश वर्ष दूर एक युवा तारे की परिक्रमा कर रहा है। 

प्रश्न 2: Elias 2-24 b की उम्र कितनी है?

उत्तर: इस नवजात एक्सोप्लैनेट की अनुमानित उम्र 10 लाख वर्ष (1 Million Years) से भी कम है, जो खगोलीय पैमाने पर बेहद कम है।

प्रश्न 3: इसे youngest known exoplanet क्यों कहा जा रहा है?

उत्तर: क्योंकि इससे पहले खोजे गए सबसे युवा ग्रहों (जैसे PDS 70) की उम्र 50 लाख वर्ष से अधिक थी, जबकि यह 10 लाख वर्ष से भी कम पुराना है। 

प्रश्न 4: Elias 2-24 b किस star के चारों ओर घूमता है?

उत्तर: यह ‘एलियास 2-24’ (Elias 2-24) नामक एक बहुत ही युवा और अत्यधिक गैस संचय करने वाले टी टॉरी तारे की परिक्रमा करता है।

प्रश्न 5: वैज्ञानिकों ने Elias 2-24 b को कैसे खोजा?

उत्तर: वैज्ञानिकों ने केक वेधशाला के पुराने डेटा का विश्लेषण करने के लिए कोरोनोग्राफ तकनीक का उपयोग किया, जिससे तारे की चकाचौंध को रोककर इस धुंधले ग्रह को पकड़ा गया।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top