Police Commemoration Day: परिचय, इतिहास एवं आयोजन
संदर्भ:
21 अक्टूबर 2026 को भारत में पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जा रहा है।
- इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial Delhi) पर वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर देश की आंतरिक सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को नमन किया।
पुलिस स्मृति दिवस: इतिहास और पृष्ठभूमि
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
- लद्दाख की हॉट स्प्रिंग्स घटना (Hot Springs Incident 1959): 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के निर्जन और अत्यधिक ठंडे हॉट स्प्रिंग्स (Hot Springs) क्षेत्र में भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक तीसरी बटालियन की गश्ती टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने अचानक घात लगाकर हमला कर दिया था।
- सर्वोच्च बलिदान: चीनी सेना के हथियारों का डटकर मुकाबला करते हुए भारत के 10 साहसी पुलिसकर्मियों ने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
- चीनी सेना ने इन वीरों के शवों को लगभग तीन सप्ताह बाद 13 नवंबर 1959 को भारत को सौंपा था, जिसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ हॉट स्प्रिंग्स में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
2. आधिकारिक शुरुआत:
- घोषणा: इसी घटना और देश भर के पुलिस बलों के साहस को याद करने के लिए 1962 में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
- इसके तहत प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस स्मृति दिवस (National Police Commemoration Day) के रूप में मनाने की आधिकारिक शुरुआत की गई।
देशव्यापी आयोजन:
- गृह मंत्रालय की भूमिका (Ministry of Home Affairs): भारत सरकार का गृह मंत्रालय इस राष्ट्रीय आयोजन की नोडल एजेंसी है, जो देश में पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और शहीदों के परिवारों के कल्याण हेतु विभिन्न कल्याणकारी नीतियां संचालित करता है।
- शहीदों को श्रद्धांजलि (Police Martyrs Tribute): इस दिन देश के सभी पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों (जैसे CRPF, BSF, ITBP) के मुख्यालयों में पुलिस स्मारक परेड (Police Memorial Ceremony) का आयोजन किया जाता है।
- परेड के दौरान पिछले एक वर्ष में कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले देश भर के सभी पुलिसकर्मियों के नामों को सम्मानपूर्वक पढ़ा जाता है और ‘शोक शस्त्र’ (Reverse Arms) की सलामी दी जाती है।
- राष्ट्रीय पुलिस स्मारक, दिल्ली: वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में राष्ट्र को एक भव्य राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial Delhi) समर्पित किया था।
- यहाँ स्थापित 30 फीट ऊँचा काले ग्रेनाइट का केंद्रीय स्तंभ स्वतंत्रता के बाद से अब तक शहीद हुए 36,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के बलिदान और सेवा (Police Sacrifice and Service) का प्रतीक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: पुलिस स्मृति दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: भारत में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जाता है।
प्रश्न 2: पुलिस स्मृति दिवस मनाने का इतिहास क्या है?
उत्तर: यह दिन 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के साथ लड़ते हुए शहीद हुए 10 भारतीय पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है।
प्रश्न 3: 21 अक्टूबर को Police Commemoration Day क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: क्योंकि इसी ऐतिहासिक तिथि (21 अक्टूबर) को भारतीय सीआरपीएफ के जवानों ने लद्दाख की बर्फीली चोटियों पर चीनी आक्रमण का बहादुरी से सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
प्रश्न 4: पुलिस स्मृति दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था और देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पुलिस शहीदों को श्रद्धांजलि देना है।
प्रश्न 5: पुलिस स्मृति दिवस की शुरुआत कब हुई थी?
उत्तर: जनवरी 1960 में पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन के निर्णय के बाद इस दिवस को मनाने की औपचारिक शुरुआत की गई थी।
प्रश्न 6: 1959 के हॉट स्प्रिंग्स की घटना का पुलिस स्मृति दिवस से क्या संबंध है?
उत्तर: हॉट स्प्रिंग्स की घटना ही इस दिवस का मूल आधार है, जहां देश की सीमा सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के पहले बड़े दल ने सर्वोच्च बलिदान (Police Sacrifice) दिया था।
