Apni Pathshala

Radhanagari Wildlife Sanctuary: स्थिति, क्षेत्रफल, मान्यता एवं विशेषताएं

Radhanagari Wildlife Sanctuary: स्थिति, क्षेत्रफल, मान्यता एवं विशेषताएं

संदर्भ:

हाल ही में महाराष्ट्र के प्रसिद्ध राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य (Radhanagari Wildlife Sanctuary) के इतिहास में पहली बार पर्यटकों द्वारा एक नर बंगाल टाइगर (बाघ) को प्रत्यक्ष रूप से देखने और कैमरे में रिकॉर्ड करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज किया गया। 

  • ‘राठोड़ी’ या ‘राणोजी’ (STR-T10) नामक इस बाघ को पर्यटकों ने जंगल सफारी के दौरान कोर ज़ोन में देखा, जिसने वन्यजीव प्रेमियों और प्रशासनिक हलकों में भारी उत्साह पैदा कर दिया है।

राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य के बारे में:

  • भौगोलिक स्थिति (Radhanagari Sanctuary Location): यह अभयारण्य भारत के महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य के कोल्हापुर जिले (राधानगरी तालुक) में स्थित है।
    • पर्वत श्रृंखला: यह वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट पश्चिमी घाट (Western Ghats) की सह्याद्री पहाड़ियों के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यह कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग जिलों की सीमा पर फैला हुआ है। 
    • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: स्वतंत्रता से पूर्व यह क्षेत्र कोल्हापुर रियासत के महाराजा (छत्रपति शाहू महाराज) का निजी शिकारगाह (Hunting Ground) हुआ करता था। 
  • स्थापना एवं कानूनी स्थिति (Radhanagari Sanctuary Established):
  • महाराष्ट्र का पहला अभयारण्य: इसकी स्थापना मूल रूप से वर्ष 1954-1958 में ‘दाजीपूर वन्यजीव अभयारण्य’ (Dajipur Wildlife Sanctuary) के रूप में हुई थी। यह महाराष्ट्र राज्य का पहला घोषित वन्यजीव अभयारण्य है। 
  • पुनः अधिसूचना: बाद में 16 सितंबर 1985 को इसे ‘राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य’ के रूप में आधिकारिक तौर पर पुनर्गठित और अधिसूचित किया गया। 
  • क्षेत्रफल (Radhanagari Wildlife Sanctuary Area):
  • कुल क्षेत्रफल: यह अभयारण्य 351.16 वर्ग किलोमीटर (लगभग 35,116 हेक्टेयर) के विशाल क्षेत्र में विस्तृत है।
  • इको-सेंसिटिव ज़ोन: भारत सरकार ने 15 अक्टूबर 2020 को इसके चारों ओर के क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (Eco-Sensitive Zone) घोषित किया था ताकि मानवीय हस्तक्षेप को सीमित किया जा सके। 
  • अंतर्राष्ट्रीय मान्यता (International Recognition):
  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site): वर्ष 2012 में यूनेस्को ने पश्चिमी घाट के जिन 39 जैव-विविधता स्थलों को प्राकृतिक विश्व धरोहर घोषित किया था, उनमें राधानगरी भी शामिल है।
  • महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (IBA): वैश्विक संस्था बर्डलाइफ इंटरनेशनल (BirdLife International) द्वारा इसे एक ‘इंपोर्टेंट बर्ड एरिया’ के रूप में मान्यता दी गई है।

अभयारण्य की प्रमुख विशेषताएं एवं पारिस्थितिकी:

  • जल विज्ञान और नदियाँ (Hydrology): यह अभयारण्य कृष्णा नदी बेसिन (Krishna River Basin) के लिए एक प्रमुख जलसंभर (Watershed) है। इससे होकर बहने वाली प्रमुख नदियाँ हैं:
  • भोगवती नदी (Bhogavati River)
  • दूधगंगा नदी (Dudhganga River)
  • तुलसी, कल्लम्मा और दिर्बा नदियाँ
  • इसके केंद्र में भोगवती नदी पर बना ऐतिहासिक राधानगरी बांध (लक्ष्मी सागर जलाशय) और दूधगंगा पर बना कालम्मावाड़ी बांध (शाहू सागर जलाशय) स्थित है जो वन्यजीवों के लिए पानी के प्राथमिक स्रोत हैं।
    • राधानगरी अभयारण्य महाराष्ट्र के सह्याद्री टाइगर रिजर्व (STR) को गोवा के महादेई वन्यजीव अभयारण्य और कर्नाटक के काली टाइगर रिजर्व से जोड़ने वाले एक अत्यंत महत्वपूर्ण गलियारे (Corridor) के रूप में कार्य करता है।
  • वनस्पति (Radhanagari Sanctuary Flora): इस क्षेत्र की मिट्टी मुख्य रूप से लेटराइट (Laterite) है। यहाँ मुख्य रूप से तीन प्रकार के वन पाए जाते हैं: 
  • उत्तरी पश्चिमी घाट अर्ध-सदाबहार वन (Semi-evergreen Forests)
  • दक्षिणी नम मिश्रित पर्णपाती वन (Moist Deciduous Forests)
  • प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: ऐन, अंजनी, आंबा (आम), जामुन, हिरदा, अंबाडा, गेला और औषधीय पौधे। यहाँ ‘कार्वी’ (Karvi) झाड़ी भी प्रचुरता में पाई जाती है जो सात वर्षों में एक बार खिलती है। 
  • जीव-जंतु (Radhanagari Sanctuary Fauna): राधानगरी की समृद्ध जैव विविधता (Radhanagari Sanctuary Biodiversity) में कई दुर्लभ और लुप्तप्राय जीव शामिल हैं:
  • फ्लैगशिप प्रजाति – गौर: यह अभयारण्य विशेष रूप से भारतीय बायसन या गौर (Gaur) के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है, जिसके कारण इसे ‘बायसन अभयारण्य’ (Bison Sanctuary) भी कहा जाता है।
  • अन्य स्तनधारी: भारतीय तेंदुआ, सुस्त भालू (Sloth Bear), भौंकने वाला हिरण (Barking Deer), माउस डियर, चौसिंगा, मालाबार विशाल गिलहरी (Shekru) और जंगली कुत्ते।
  • पक्षी प्रजातियाँ (Radhanagari Bird Species): यहाँ पक्षियों की 264 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें वैश्विक रूप से संकटग्रस्त नीलगिरि वुड-पिजन (Nilgiri wood-pigeon), मालाबार ग्रे हॉर्नबिल, सीलोन फ्रॉगमाउथ और मालाबार व्हिसलिंग थ्रश शामिल हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य कहां स्थित है?

उत्तर: यह अभयारण्य भारत के महाराष्ट्र राज्य के कोल्हापुर जिले में पश्चिमी घाट की सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित है। 

प्रश्न 2: राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना कब हुई थी?

उत्तर: इसकी स्थापना सबसे पहले वर्ष 1958 में दाजीपुर अभयारण्य के रूप में हुई थी, जिससे यह महाराष्ट्र का पहला वन्यजीव अभयारण्य बना।

प्रश्न 3: राधानगरी अभयारण्य का कुल क्षेत्रफल कितना है?

उत्तर: इस अभयारण्य का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 351.16 वर्ग किलोमीटर (135.58 वर्ग मील) है। 

प्रश्न 4: राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य किन वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है?

उत्तर: यह अपनी फ्लैगशिप प्रजाति भारतीय बायसन (गौर) के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त यहाँ तेंदुए, सुस्त भालू और दुर्लभ पक्षी पाए जाते हैं। 

प्रश्न 5: राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य को कौन-सी अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है?

उत्तर: इसे वर्ष 2012 से यूनेस्को प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल के हिस्से के रूप में तथा बर्डलाइफ इंटरनेशनल द्वारा महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (IBA) के रूप में मान्यता प्राप्त है।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top