परिवहन विमान सारस एमके-II का सफल डिजाइन चरण
संदर्भ:
हाल ही में बेंगलुरु स्थित वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं (CSIR-NAL) ने स्वदेशी SARAS MK-II Aircraft (सारस एमके-II) हल्के परिवहन विमान का डिजाइन चरण सफलतापूर्वक पूरा किया।
- अब यह कार्यक्रम अपने अगले महत्वपूर्ण चरण यानी प्रोटोटाइप विनिर्माण (Prototype Manufacturing) और असेंबली की ओर बढ़ गया है।
परिवहन विमान सारस एमके-II के बारे में:
- परिचय: SARAS Aircraft मूल रूप से 14-सीटर सारस विमान का एक अत्यधिक उन्नत, पुनर्गठित और बहु-उद्देशीय (Multi-role) 19-सीटर संस्करण है।
- विशेषताएं: इसके तकनीकी ढांचे की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- आधुनिक कॉकपिट और नियंत्रण प्रणाली: इस विमान में एक अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट (Glass Cockpit), डिजिटल एवियोनिक्स, ऑटोपायलट और कमांड-बाय-वायर (Command-by-Wire) फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम दिया गया है।
- दबावयुक्त केबिन (Pressurised Cabin): इसमें यात्रा की सुगमता के लिए केबिन को पूरी तरह दबावयुक्त (Pressurised) रखा गया है, जिसमें केबिन के भीतर शोर का स्तर 80 डेसिबल से भी कम है।
- इंजन अवसंरचना (Powerplant): यह विमान दो शक्तिशाली प्रैट एंड व्हिटनी (Pratt & Whitney) टर्बोप्रॉप इंजनों द्वारा संचालित होगा।
- कठिन पिचों पर संचालन क्षमता: यह भारत के ‘हॉट एंड हाई’ (अत्यधिक गर्म और उच्च ऊंचाई वाले) हवाई क्षेत्रों के साथ-साथ अर्ध-विकसित या कम तैयार रनवे (Semi-prepared Runways) से भी सुरक्षित उड़ान भरने और लैंड करने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित है।
- लागत प्रभावशीलता: इसकी निर्माण लागत वैश्विक स्तर पर इसी श्रेणी के विदेशी विमानों की तुलना में लगभग 20% से 25% कम होने का अनुमान है, जिससे यह बेहद किफायती वाणिज्यिक विकल्प बनता है।
- साझेदारी: डिजाइन फ्रीज (Design Frozen) होने के बाद, NAL Aircraft अब विनिर्माण के लिए एक हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहा है:
- सीएसआईआर-एनएएल अपने इन-हाउस उच्च-स्तरीय कौशल का उपयोग करके विमान के लिए उन्नत कंपोजिट विंग्स और हल्के वजन वाले एयरफ्रेम का निर्माण करेगा।
- विमान के धातु से बने विनिर्माण भागों के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को मुख्य विनिर्माण भागीदार के रूप में जोड़ा गया है।
- प्रोटोटाइप विकास: आरंभिक विकासात्मक परीक्षणों के लिए दो प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे, जबकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और मिलिट्री सर्टिफिकेशन (CEMILAC) से प्रमाणन प्रक्रिया को तेज करने के लिए तीसरे प्रोटोटाइप का भी उपयोग किया जा सकता है।
- इसका पहला परीक्षण रन दिसंबर 2027 के लिए लक्षित किया गया है।
महत्व:
- क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी: यह भारत सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
- भारत के दूरदराज के भीतरी इलाकों और विशेष रूप से लद्दाख (लेह), पूर्वोत्तर राज्यों तथा उत्तराखंड जैसे अत्यधिक उच्च ऊंचाई वाले शॉर्ट-हॉल रूटों को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए यह 19-सीटर विमान सबसे आदर्श माध्यम है।
- रक्षा और सुरक्षा अनुप्रयोग: भारतीय वायु सेना (IAF) ने परीक्षणों के सफल समापन के बाद प्रारंभिक तौर पर 15 सारस एमके-II विमानों की खरीद के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।
- इसके अलावा, भारतीय नौसेना भी तटीय सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए इसके विशेष ‘मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट’ (Maritime Patrol Aircraft) संस्करण को खरीदने पर विचार कर रही है।
- आपातकालीन सेवाएं: इस हल्के Transport Aircraft को एयर एम्बुलेंस (Air Ambulance), आपदा प्रबंधन के दौरान राहत सामग्री पहुंचाने (Light Package Carrier), सीमा गश्ती (Border Patrol) और वीआईपी परिवहन सेवाओं के लिए आसानी से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है।
FAQs:
-
सारस एमके-II विमान क्या है?
यह भारत का पहला स्वदेश रूप से डिज़ाइन किया गया 19-सीटर बहुउद्देशीय हल्का परिवहन (Light Transport) विमान है।
-
सारस एमके-II का विकास किसने किया है?
इसका विकास सीएसआईआर के तत्वावधान में बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं (CSIR-NAL) द्वारा किया गया है।
-
इसकी प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
इसमें दबावयुक्त केबिन, ग्लास कॉकपिट, कमांड-बाय-वायर नियंत्रण और हॉट-हाई एयरफील्ड्स से संचालित होने की क्षमता शामिल है।
-
इसका उपयोग किन क्षेत्रों में होगा?
इसका उपयोग क्षेत्रीय नागरिक उड्डयन (UDAN), सैन्य परिवहन, एयर एम्बुलेंस और तटीय सीमा गश्त में किया जाएगा।
-
क्या यह पूरी तरह स्वदेशी विमान है?
हां, यह भारत में डिजाइन किया गया स्वदेशी विमान है, जिसके विनिर्माण में एनएएल और एचएएल शामिल हैं।
-
सारस एमके-II की क्षमता कितनी है?
यह विमान मुख्य रूप से 19 यात्रियों या क्रू सदस्यों को ले जाने की क्षमता रखता है।
