स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि | Stealth Frigate Mahendragiri

संदर्भ:
भारतीय नौसेना ने हाल ही में अपने बेड़े में चौथी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि (Mahendragiri) को शामिल किया।
स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि का परिचय:
- परिचय: स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि (INS Mahendragiri) भारतीय नौसेना का एक अत्याधुनिक, स्वदेशी युद्धपोत है।
- निर्माणकर्ता: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित इस युद्धपोत को 30 अप्रैल 2026 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया।
- यह प्रोजेक्ट 17A (P-17A) के तहत निर्मित होने वाला अंतिम और सातवां जहाज है।
- नामकरण: इसका नाम ओडिशा स्थित पूर्वी घाट की एक पर्वत चोटी ‘महेंद्रगिरि’ के नाम पर रखा गया है।
- स्वदेशी सामग्री: इस युद्धपोत में लगभग 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसमें एमएसएमई (MSMEs) और घरेलू उद्योगों की बड़ी भागीदारी है।
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महेंद्रगिरि की तकनीकी विशेषताएं:
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विशेषता |
विवरण |
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विस्थापन (Displacement) |
लगभग 6,670 टन |
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लंबाई और चौड़ाई |
149 मीटर लंबा और 17.8 मीटर चौड़ा |
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गति (Speed) |
अधिकतम 28-32 समुद्री मील (knots) |
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प्रणोदन (Propulsion) |
CODAG (Combined Diesel or Gas) सिस्टम |
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स्टील्थ तकनीक |
उन्नत रडार-अवशोषक कोटिंग और कम रडार क्रॉस-सेक्शन |
हथियार और सेंसर प्रणाली:
- मिसाइलें: यह 8 ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और 32 बराक-8 (Barak-8) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (LRSAM) से लैस है।
- गन सिस्टम: इसमें एक 76mm ओटो मेलारा (OTO Melara) मुख्य गन और दो AK-630 CIWS (Close-in Weapon Systems) शामिल हैं।
- पनडुब्बी रोधी (ASW): इसमें स्वदेशी टॉरपीडो लॉन्चर और RBU-6000 रॉकेट लॉन्चर लगे हैं।
- रडार: प्राथमिक रडार के रूप में इजराइली MF-STAR (S-band AESA) रडार का उपयोग किया गया है।
रणनीतिक महत्व:
- समुद्री सुरक्षा: हिंद महासागर में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच महेंद्रगिरि भारत की निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा।
- ब्लू वाटर नेवी: यह जहाज भारतीय नौसेना के ‘ब्लू वाटर नेवी’ बनने के लक्ष्य को साकार करने में मदद करता है।
- सुरक्षा प्रदाता: भारत की ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ (Net Security Provider) की भूमिका को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में और अधिक प्रभावी बनाता है।