उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार (Ustad Bismillah Khan Yuva Puraskar)
संदर्भ:
हाल ही में संगीत नाटक अकादमी (Sangeet Natak Akademi) ने वर्ष 2024 और 2025 के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार (Ustad Bismillah Khan Yuva Puraskar) की घोषणा कर दी है। देशभर के 106 युवा कलाकारों को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार: प्रमुख विजेताओं की सूची
संगीत नाटक अकादमी द्वारा घोषित वर्ष 2024 और 2025 के पुरस्कारों के प्रमुख चयनित युवा कलाकारों की सांकेतिक सूची नीचे दी गई है:
| क्र.सं. | कलाकार का नाम | कला विधा / क्षेत्र (Field of Activity) | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश |
| 1 | चेतन वामन खेडेकर | लोक नृत्य एवं लोक संगीत (Folk Art) | गोवा |
| 2 | समित मल्लिक | हिंदुस्तानी गायन (Hindustani Vocal) | शास्त्रीय संगीत क्षेत्र |
| 3 | कादम पारिख | कथक नृत्य (Kathak Dance) | शास्त्रीय नृत्य क्षेत्र |
| 4 | संगीत मिश्रा | सारंगी वादन (Hindustani Instrumental) | शास्त्रीय वाद्य यंत्र |
| 5 | अरूपा गायत्री पंडा | ओडिसी नृत्य (Odissi Dance) | शास्त्रीय नृत्य क्षेत्र |
| 6 | के. गायत्री | कर्नाटक गायन (Carnatic Vocal) | दक्षिण भारतीय संगीत |
| 7 | इफरा मुश्ताक काक | रंगमंच निर्देशन (Theatre Direction) | जम्मू और कश्मीर |
| 8 | पार्थो रॉय चौधरी | संतूर वादन (Santoor Instrumental) | शास्त्रीय संगीत क्षेत्र |
| 9 | डिम्पी बैश्या | सत्रिया नृत्य (Sattriya Dance) | असम / उत्तर-पूर्वी क्षेत्र |
| 10 | मनोज राय | रचनात्मक एवं प्रयोगात्मक संगीत | समकालीन कला वर्ग |
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार क्या है?
- परिचय: उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार भारत में प्रदर्शन कला (Performing Arts) के क्षेत्र में उभरती हुई युवा प्रतिभाओं को दिया जाने वाला एक अत्यंत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है।
- स्थापना: इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2006 में संगीत नाटक अकादमी (Sangeet Natak Akademi) द्वारा की गई थी।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले असाधारण कलाकारों की पहचान करना, उन्हें राष्ट्रीय मंच प्रदान करना और कला के शुरुआती करियर में प्रोत्साहित करना है।
- नामकरण: इस पुरस्कार का नामकरण भारत के विश्वप्रसिद्ध शहनाई वादक और ‘भारत रत्न’ उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की स्मृति में किया गया है, जिन्होंने भारतीय पारंपरिक वाद्य यंत्र को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
- आयु सीमा (Age Criteria): यह पुरस्कार केवल उन उत्कृष्ट कलाकारों को दिया जाता है जिनकी आयु नामांकन के वर्ष की 1 अप्रैल को 40 वर्ष से कम हो।
- वितरण संरचना: अकादमी नियमानुसार एक वर्ष में अधिकतम 33 पुरस्कार दे सकती है, हालांकि पिछले बैकलॉग को पूरा करने के लिए संयुक्त रूप से 106 कलाकारों (2024 और 2025 के लिए) का चयन किया गया है।
- पुरस्कार के घटक (Components): विजेताओं को ₹25,000 की नकद राशि, एक ताम्रपत्र (प्रशस्ति पत्र) और अंगवस्त्रम भेंट किया जाता है।
- यह पुरस्कार अकादमी के अध्यक्ष द्वारा एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाता है।
- समावेशिता (Inclusivity): चयन प्रक्रिया में भारत की क्षेत्रीय विविधता और उत्तर-पूर्वी राज्यों (North-Eastern States) के कलाकारों को विशेष अधिमान और पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाता है।
- विशिष्ट नियम: यह सम्मान जीवन में केवल एक बार ही प्राप्त किया जा सकता है और इसे मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं है।
- कार्यक्षेत्र: यह पुरस्कार प्रदर्शन कला की पांच मुख्य विधाओं में वितरित किया जाता है:
- संगीत: शास्त्रीय गायन, वाद्य यंत्र और सुगम संगीत।
- नृत्य: कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी और समकालीन नृत्य।
- रंगमंच: अभिनय, नाट्य लेखन, निर्देशन और संबद्ध नाट्य कलाएं।
- पारंपरिक, लोक, जनजातीय कलाएं: क्षेत्रीय संस्कृति, लावणी, छाऊ, और कठपुतली कला (Puppetry)।
- समग्र योगदान/छात्रवृत्ति: प्रदर्शन कला के क्षेत्र में अनुसंधान एवं प्रलेखन।
संगीत नाटक अकादमी (Sangeet Natak Akademi) के बारे में:
- परिचय: संगीत नाटक अकादमी भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) के तहत प्रदर्शन कला (संगीत, नृत्य और नाटक) की शीर्ष राष्ट्रीय अकादमी है।
- इसका मुख्यालय रवींद्र भवन, नई दिल्ली में स्थित है।
- स्थापना: इसकी स्थापना भारत के शिक्षा मंत्रालय के एक प्रस्ताव द्वारा 31 मई 1952 को की गई थी।
- 28 जनवरी 1953 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया।
- वर्ष 1961 में इसे सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत एक स्वायत्त निकाय (Autonomous Body) के रूप में पंजीकृत किया गया।
- कार्य क्षेत्र: सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage), विविध लोक परंपराओं, कला शैलियों और लुप्तप्राय प्रदर्शन विधाओं का दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना।
- यह अकादमी देश के कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थानों जैसे जवाहरलाल नेहरू मणिपुर नृत्य अकादमी (इम्फाल), कथक केंद्र (नई दिल्ली), और कुटियाट्टम व छऊ नृत्य के राष्ट्रीय केंद्रों का वित्तीय व प्रशासनिक प्रबंधन करती है।
- पुरस्कारों की त्रिस्तरीय व्यवस्था: अकादमी द्वारा तीन श्रेणियों में सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जाते हैं – अकादमी रत्न (Fellowship), अकादमी पुरस्कार (Puraskar) और युवाओं के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार।
FAQs:
1. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार क्या है?
यह संगीत नाटक अकादमी द्वारा प्रदर्शन कला के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले होनहार कलाकारों को दिया जाने वाला राष्ट्रीय सम्मान है।
2. यह पुरस्कार किसे दिया जाता है?
यह पुरस्कार संगीत, नृत्य, रंगमंच और लोक कला विधाओं में असाधारण प्रतिभा प्रदर्शित करने वाले 40 वर्ष तक के भारतीय युवा कलाकारों को दिया जाता है।
3. यह पुरस्कार कौन प्रदान करता है?
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार संस्कृति मंत्रालय के तहत कार्यरत भारत की शीर्ष सांस्कृतिक संस्था संगीत नाटक अकादमी (Sangeet Natak Akademi) द्वारा प्रदान किया जाता है।
4. पुरस्कार का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवा कलाकारों की पहचान करना, उन्हें प्रोत्साहित करना तथा उनके करियर के शुरुआती वर्षों में ही राष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
5. पुरस्कार में क्या सम्मान मिलता है?
इस पुरस्कार के तहत विजेता को ₹25,000 की नकद राशि, एक ताम्रपत्र (प्रशस्ति पत्र) और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया जाता है। भारत के रणनीतिक जल नियंत्रण को मजबूत करेगी.पित नहीं किए जा सकते।
