पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल (Wind Turbine Supply Chain Portal)
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा देश का पहला पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल ‘WT-MARUT’ (Wind Turbine Supply Chain Management Portal) पोर्टल लॉन्च किया है।
WT-MARUT पोर्टल (Wind Turbine Supply Chain Portal) क्या है?
- यह एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो भारत के पवन ऊर्जा इकोसिस्टम (Wind Energy Ecosystem) में आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता और दक्षता को सुदृढ़ करता है।
- यह विंड टरबाइन के प्रमुख घटकों (जैसे- नैसेल्स, गियरबॉक्स, ब्लेड्स और टावर्स) की घरेलू सोर्सिंग को ट्रैक करने और आपूर्तिकर्ताओं की खोज को सुगम बनाने का कार्य करता है।
- इसे ‘नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय’ (MNRE) ने ‘भारतीय पवन टरबाइन निर्माता संघ’ (IWTMA) के सहयोग से विकसित किया है।
पोर्टल की मुख्य विशेषताएं और कार्यप्रणाली:
- घटक सोर्सिंग दृश्यता (Component Sourcing Visibility): यह टरबाइन निर्माण में उपयोग होने वाले कल-पुर्जों की कस्टमाइज्ड ट्रैकिंग सुनिश्चित करता है।
- ALMM अनुपालन (ALMM Compliance): मॉडल और निर्माताओं की स्वीकृत सूची (Approved List of Models and Manufacturers) के नियमों के अनुकूल घरेलू सोर्सिंग की पुष्टि करता है।
- आपूर्तिकर्ता खोज (Supplier Discovery & Qualification): नए स्थानीय निर्माताओं को बाजार से जोड़कर ‘सप्लायर क्वालिफिकेशन’ प्रक्रिया को आसान बनाता है।
- डेटा सुरक्षा (Data Security): उद्योग से जुड़े संवेदनशील वाणिज्यिक डेटा को पूरी तरह भारत में सुरक्षित (Hosting within India) रखता है।
भारत में पवन ऊर्जा की वर्तमान स्थिति (Current Status of Wind Energy in India)
भारत वैश्विक स्तर पर चौथा सबसे बड़ा पवन ऊर्जा बाजार है। देश के पवन ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
| सूचकांक / पैरामीटर | वर्तमान स्थिति (वर्ष 2026 तक) | भावी लक्ष्य |
| कुल स्थापित क्षमता | 56.1 GW से अधिक | 100 GW (2030 तक) | 155 GW (2035 तक) |
| वार्षिक क्षमता वृद्धि | 6.1 GW (वित्त वर्ष 2025-26 में 46% की वार्षिक वृद्धि) | वार्षिक क्षमता को 15 GW तक ले जाना |
| कुल निर्यात मूल्य | ₹12,000 करोड़ से अधिक | वैश्विक निर्यात में 10% (2030) और 20% (2040) हिस्सेदारी |
| कुल दोहन क्षमता | कुल 1,164 GW क्षमता का मात्र <5% उपयोग | गैर-जीवाश्म क्षमता को 500 GW (2030) तक पहुंचाना |
इस Renewable Energy Portal का महत्व:
- घरेलू विनिर्माण: यह पोर्टल भारत की वार्षिक पवन टरबाइन विनिर्माण क्षमता (जो वर्तमान में लगभग 24 GW है) को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करता है और मेक इन इंडिया (Make in India) अभियान को गति देता है।
- सतत विकास: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) और नीरी (NIWE) के अनुसार, भारत के किफायती ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) के लिए मजबूत पवन ऊर्जा रीढ़ की हड्डी है। यह पहल भारत के नेट-जीरो (Net-Zero 2070) लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक है।
- वैश्विक निर्यात केंद्र (Global Export Hub): PwC और IWTMA की रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ होने से भारत वर्ष 2040 तक दुनिया के 20% पवन टरबाइन निर्यात पर नियंत्रण कर सकता है।
चुनौतियां:
भारत के पास 1,164 GW की विशाल क्षमता है, लेकिन भूमि अधिग्रहण, ग्रिड एकीकरण (Grid Integration) और तटीय क्षेत्रों में चक्रवातों की बारंबारता जैसी ढांचागत चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। ‘WT-MARUT’ पोर्टल जैसे डिजिटल हस्तक्षेपों के साथ-साथ ऑफशोर विंड (Offshore Wind) परियोजनाओं के लिए नीतिगत प्रोत्साहन देना भारत को वैश्विक हरित ऊर्जा महाशक्ति बना सकता है।
FAQs:
1. पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल क्या है?
यह ‘WT-MARUT’ नामक देश का पहला समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो पवन टरबाइन कल-पुर्जों की ट्रैकिंग और प्रबंधन करता है।
2. इसका उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, टरबाइन आपूर्ति में पारदर्शिता लाना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।
3. इससे पवन ऊर्जा क्षेत्र को क्या लाभ होगा?
इससे भारतीय निर्माताओं की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, डेटा सुरक्षा मजबूत होगी और 2030 तक 100 GW का लक्ष्य आसान होगा।
4. पोर्टल किसने विकसित किया है?
इसे ‘नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय’ (MNRE) ने ‘भारतीय पवन टरबाइन निर्माता संघ’ (IWTMA) के सहयोग से विकसित किया है।
5. यह आपूर्ति श्रृंखला को कैसे बेहतर बनाएगा?
यह डिजिटल पोर्टल आपूर्तिकर्ताओं की खोज (Supplier Discovery) को आसान बनाकर और ALMM नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करके समन्वय सुधारेगा।
