विश्व पृथ्वी दिवस | World earth day

संदर्भ:
22 अप्रैल 2026 को, दुनिया भर में 56वां विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day) मनाया गया। यह दिन 1970 में शुरू हुए आधुनिक पर्यावरण आंदोलन की वर्षगांठ का प्रतीक है और वर्तमान में 190 से अधिक देशों में 1 अरब से अधिक लोगों द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा नागरिक उत्सव है।
वर्ष 2026 की मुख्य थीम: इस वर्ष की आधिकारिक थीम “Our Power, Our Planet” (हमारी शक्ति, हमारा ग्रह) है। इस थीम का मुख्य लक्ष्य जीवाश्म ईंधन, विशेष रूप से कोयले से हटकर सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की ओर तेजी से संक्रमण करना है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और विकास:
- शुरुआत: इसकी अवधारणा अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 1969 के सांता बारबरा तेल रिसाव के बाद पेश की थी। पहला आयोजन 22 अप्रैल 1970 को हुआ।
- वैश्विक विस्तार: 1990 में डेनिस हेस के नेतृत्व में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला।
- संयुक्त राष्ट्र की मान्यता: 2009 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 अप्रैल को ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृ पृथ्वी दिवस’ (International Mother Earth Day) के रूप में नामित किया।
भारत की पहलें:
- मिशन LiFE (Lifestyle for Environment): प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया यह मिशन व्यक्तिगत स्तर पर टिकाऊ जीवन शैली और संसाधनों के जागरूक उपयोग को बढ़ावा देता है।
- नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य: भारत 2030 तक सौर और पवन ऊर्जा के माध्यम से अपनी क्षमता को तीन गुना करने और 2070 तक नेट जीरो (Net Zero) उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA): स्वच्छ ऊर्जा के लिए वैश्विक निवेश जुटाने में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
- स्वच्छ भारत मिशन 2.0: इसका लक्ष्य 2026 तक शहरी क्षेत्रों में 100% वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियां:
- जलवायु परिवर्तन: बढ़ता तापमान, ग्लेशियरों का पिघलना और अत्यधिक मौसमी घटनाएं।
- जैव विविधता की हानि: प्राकृतिक आवासों का विनाश और प्रजातियों का विलुप्त होना।
- प्रदूषण: विशेष रूप से प्लास्टिक प्रदूषण और वायु गुणवत्ता में गिरावट।
भविष्य की राह:
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बदलाव भी बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं:
- एकल-उपयोग प्लास्टिक का त्याग करना और ‘3Rs’ (Reduce, Reuse, Recycle) को अपनाना।
- सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का उपयोग करना।
- ऊर्जा कुशल उपकरणों का उपयोग और जल संरक्षण।
- स्थानीय वनीकरण अभियानों में भाग लेना और पेड़ लगाना।