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भारतनेट परियोजना के तहत समृद्धि केंद्र पहल की शुरुआत (Samriddhi Kendra initiative launched under BharatNet project) | Ankit Avasthi Sir

Samriddhi Kendra initiative launched under BharatNet project

Samriddhi Kendra initiative launched under BharatNet project

संदर्भ:

हाल ही में दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारतनेट (BharatNet) परियोजना के तहत ग्रामीण भारत में डिजिटल क्रांति को गति देने के लिए ‘समृद्धि केंद्र’ पहल की शुरुआत की। 

समृद्धि केंद्र पहल:

    • कार्यान्वयन: यह DoT द्वारा Digital Empowerment Foundation (DEF) के सहयोग से और Telecom Technology Development Fund (TTDF) के तहत लागू किया जा रहा है।
    • उद्देश्य: “समृद्ध ग्राम” के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, इन केंद्रों का लक्ष्य ग्राम पंचायत स्तर पर एक-स्टॉप हब के रूप में कार्य करना है, जो डिजिटल बुनियादी ढांचे का उपयोग करके सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा दे।
    • पायलट साइट्स: इस परियोजना की शुरुआत 3 प्रमुख गाँवों के पायलट प्रोजेक्ट से की गई है: उमरी और अरी (मध्य प्रदेश), चौरावाला (उत्तर प्रदेश) और नारकोदुरु (आंध्र प्रदेश)।
  • कार्य:
    • ई-स्वास्थ्य (e-Health): स्वास्थ्य चेक-अप, हेल्थ एटीएम (Health ATM) और मोतियाबिंद जागरूकता जैसी सेवाएं।
    • ई-शिक्षा और कौशल (e-Education): ग्रामीण युवाओं के लिए डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम।
    • ई-गवर्नेंस (e-Governance): सरकारी सेवाओं का सरलीकरण और सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) तक पहुँच।
    • कृषि और आजीविका: आधुनिक कृषि सेवाओं, डिजिटल विपणन और स्थानीय आजीविका अवसरों को बढ़ावा देना।
    • डिजिटल साक्षरता: नागरिकों को इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने के लिए शिक्षित करना।

भारतनेट परियोजना (BharatNet Project):

भारतनेट, जिसे पहले नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (NOFN) के रूप में जाना जाता था, दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी कार्यक्रम है। इसका प्राथमिक उद्देश्य भारत की लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड डिजिटल बुनियादी ढांचे से जोड़ना है। यह परियोजना भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, जो दूरसंचार विभाग के तहत एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है।

    • वर्तमान स्थिति और आंकड़े: नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारतनेट की प्रगति इस प्रकार है:
      • सेवा तत्परता (Service Ready): मार्च 2026 तक 2.17 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें इस नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं।
      • बुनियादी ढांचा: देश भर में लगभग 6.95 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई जा चुकी है।
      • कनेक्टिविटी: अब तक 14.27 लाख से अधिक ‘फाइबर-टू-द-होम’ (FTTH) कनेक्शन चालू किए गए हैं और 4.09 लाख से अधिक सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए गए हैं।

परियोजना के चरण:

  • चरण I और II: इनका लक्ष्य मौजूदा फाइबर का उपयोग करके और नया केबल बिछाकर ग्राम पंचायतों को जोड़ना था।
  • संशोधित भारतनेट (चरण-III): अगस्त 2023 में सरकार ने ₹1.39 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ चरण-III को मंजूरी दी। इसका लक्ष्य 3.8 लाख गैर-पंचायत गांवों को भी कवर करना और नेटवर्क को ‘रिंग टोपोलॉजी’ (Ring Topology) में अपग्रेड करना है ताकि सेवा में व्यवधान कम हो।
  • बजट 2025-26: चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹22,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 

महत्व:

  • ई-सेवाएं: यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ई-स्वास्थ्य (टेलीमेडिसिन), और ई-शिक्षा (डिजिटल क्लासरूम) को सक्षम बनाती है।
  • आर्थिक अवसर: ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों के लिए डिजिटल कॉमर्स और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करके स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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