Philippines declares national energy emergency
संदर्भ:
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने ईरान-इजरायल युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए देश में ‘राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल’ (National Energy Emergency) की घोषणा की है। फिलीपींस ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
ऊर्जा आपातकाल के मुख्य कारण:
- मध्य पूर्व में युद्ध (Iran-Israel Conflict): 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संकट: ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को प्रभावी ढंग से बंद करने से तेल और गैस की खेप रुक गई है।
- आयात पर अत्यधिक निर्भरता: फिलीपींस अपनी तेल जरूरतों का 98% खाड़ी देशों से आयात करता है, जिससे वह आपूर्ति झटकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
- आसमान छूती कीमतें: युद्ध शुरू होने के बाद से फिलीपींस में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं।
आपातकालीन प्रावधान और सरकारी कदम:
- एक वर्ष की अवधि: यह आपातकाल शुरू में एक वर्ष के लिए लागू रहेगा।
- प्रत्यक्ष खरीद: सरकार को ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादों की सीधी खरीद करने और आवश्यकतानुसार 15% तक अग्रिम भुगतान करने का अधिकार दिया गया है।
- बफर स्टॉक का निर्माण: सरकार ने 10 लाख बैरल तेल खरीदने और 20 बिलियन पेसो का आपातकालीन रिजर्व बनाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में देश के पास केवल 45 दिनों का ईंधन भंडार शेष है।
- होर्डिंग पर कार्रवाई: अधिकारियों को ईंधन की जमाखोरी (Hoarding) और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का अधिकार दिया गया है।
- कोयले पर निर्भरता: बिजली की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए फिलीपींस ने अपने कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के उत्पादन को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- अमेरिकी सहयोग: फिलीपींस, वाशिंगटन के साथ मिलकर उन देशों से तेल आयात करने की छूट मांग रहा है जिन पर वर्तमान में अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं।
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फिलिपींस के बारे में:
भारत-फिलीपींस संबंध:
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