PRISM-SG Portal
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और रेल मंत्री द्वारा सड़क और रेलवे पुलों के निर्माण में आने वाली प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए PRISM-SG पोर्टल लॉन्च किया गया।
PRISM-SG पोर्टल क्या हैं?
- परिचय: PRISM-SG एक उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे मुख्य रूप से रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण के दौरान स्टील गर्डर की डिजाइनिंग, फैब्रिकेशन और गुणवत्ता निरीक्षण की जटिल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- पूरा नाम: पोर्टल फॉर रेल-रोड इंस्पेक्शन एंड स्टेजेस मैनेजमेंट – स्टील गर्डर्स (Portal for Rail-Road Inspection & Stages Management – Steel Girders)।
- विकासकर्ता: इसे डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC) द्वारा विकसित किया गया है।
- उद्देश्य: स्टील गर्डर निर्माण और निरीक्षण की जटिल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना।
- सहयोग: यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय रेलवे की एक संयुक्त पहल है।
प्रमुख विशेषताएं:
- समय में भारी कटौती: इस पोर्टल के माध्यम से पुल निर्माण के लिए आवश्यक अनुमोदन (Approval) का समय 12 महीने से घटकर मात्र 3-4 महीने रह जाएगा। यह लगभग 70-75% समय की बचत सुनिश्चित करता है।
- एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ़्लो: यह पोर्टल दस्तावेज़ों को ऑनलाइन जमा करने, उनकी जांच करने, प्रश्नों के समाधान और अंतिम अनुमोदन के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करता है।
- डिजिटल निरीक्षण: पोर्टल के माध्यम से निरीक्षण का समय निर्धारित करना, रिपोर्ट अपलोड करना, फोटो और परीक्षण परिणामों को साझा करना अब पूरी तरह डिजिटल होगा।
- निगरानी और पारदर्शिता: इसमें रीयल-टाइम ट्रैकिंग और एक संपूर्ण ऑडिट ट्रेल की सुविधा है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
- स्टेकहोल्डर्स का एकीकरण: यह सड़क विभागों, रेलवे, ठेकेदारों, फैब्रिकेटर्स और निरीक्षण एजेंसियों को एक साझा मंच प्रदान करता है।
महत्व:
- बुनियादी ढांचा विकास: भारत में अक्सर अंतर-एजेंसी समन्वय की कमी के कारण प्रोजेक्ट्स में देरी होती है। PRISM-SG पोर्टल ‘गति शक्ति मिशन’ के सिद्धांतों के अनुरूप इन अड़चनों को दूर कर देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।
- ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया: यह पहल “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के दृष्टिकोण को चरितार्थ करती है। ऑफलाइन फाइलों के बजाय डिजिटल ऑडिट ट्रेल का होना भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करता है।
- आर्थिक प्रभाव: परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है और आर्थिक कनेक्टिविटी बेहतर होती है, जो भारत के $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
