Noida International Airport
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पहले चरण का उद्घाटन किया गया, जो ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में:
- अवस्थिति: जेवर, गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश)।
- मॉडल: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल।
- विकासकर्ता: यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL), जो स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की शत-प्रतिशत सहायक कंपनी है।
- लागत (चरण-1): लगभग ₹11,200 करोड़।
एयरपोर्ट की प्रमुख विशेषताएं:
- क्षमता और विस्तार: पहले चरण में इसकी क्षमता 12 मिलियन (1.2 करोड़) यात्री प्रति वर्ष है। भविष्य में इसे चार चरणों में विस्तारित कर 70-150 मिलियन यात्री क्षमता तक पहुँचाया जाएगा।
- रनवे: वर्तमान में 3,900 मीटर लंबा एक रनवे तैयार है, जो दुनिया के सबसे बड़े विमानों (जैसे बोइंग 777 और एयरबस A380) को संभालने में सक्षम है।
- भविष्य में इसे 6 रनवे तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा।
- नेट जीरो एमिशन: यह भारत का पहला नेट जीरो एमिशन (Net Zero Emission) हवाई अड्डा होगा, जो पर्यावरण अनुकूल निर्माण और सौर ऊर्जा के उपयोग पर केंद्रित है।
- MRO हब: यहाँ 40 एकड़ में फैला एक समर्पित ‘मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल’ (MRO) केंद्र बनाया गया है, जो भारत की विमानन सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा।
- मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी: हवाई अड्डे को यमुना एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और प्रस्तावित मेट्रो विस्तार व हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (दिल्ली-वाराणसी) से जोड़ा जाएगा।
महत्व:
- क्षेत्रीय विकास: यह हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मेरठ और बुलंदशहर के लिए विकास का इंजन (Catalyst) साबित होगा।
- लॉजिस्टिक्स गेटवे: 2.5 लाख मीट्रिक टन की शुरुआती क्षमता वाला कार्गो टर्मिनल उत्तर भारत के निर्यात और ई-कॉमर्स क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से सीधे जोड़ेगा।
- IGI एयरपोर्ट का विकेंद्रीकरण: यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए NCR के दूसरे अंतरराष्ट्रीय द्वार के रूप में कार्य करेगा।
- यूपी का गौरव: इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही उत्तर प्रदेश 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का पहला राज्य बन गया है। हवाई अड्डे से पहली कमर्शियल उड़ान अगले 45 से 60 दिनों (अप्रैल-मई 2026) के भीतर शुरू होने की संभावना है।
